श्रीधर वेम्बु की अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से अपील: 'भारत को तुम्हारी तकनीकी प्रतिभा की जरूरत है'

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श्रीधर वेम्बु की अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से अपील: 'भारत को तुम्हारी तकनीकी प्रतिभा की जरूरत है'

सारांश

श्रीधर वेम्बु का संदेश भारतीय प्रवासियों के लिए एक मोड़ की घोषणा है: अमेरिका में राजनीतिक सुरक्षा अब निश्चित नहीं है, भारत में भविष्य है। H1B दबाव और अमेरिकी राजनीति में भारतीय-विरोधी भावनाओं के बीच, वेम्बु तकनीकी प्रतिभा को वापस लाने का आह्वान करते हैं — न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए, बल्कि भारत की सभ्यतागत शक्ति को पुनः स्थापित करने के लिए।

Key Takeaways

  • श्रीधर वेम्बु, जोहो के सह-संस्थापक, ने अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से 27 अप्रैल को एक खुला पत्र जारी किया।
  • वेम्बु ने कहा कि अमेरिकी राजनीति में भारतीयों को केवल 'कट्टर दक्षिणपंथी' और 'जागरूक वामपंथी' के बीच चुनाव मिलता है।
  • वेम्बु ने तर्क दिया कि भारत की सभ्यतागत शक्ति और सुरक्षा देश की तकनीकी क्षमता पर निर्भर करती है।
  • यह अपील H1B वीजा कार्यक्रम पर नए दबाव के बीच आई, जहाँ रिपब्लिकन सांसदों ने तीन वर्षों के लिए निलंबन की मांग की है।
  • वेम्बु ने भारत की विशाल युवा आबादी को तकनीकी नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रवासियों को लौटने के लिए आग्रह किया।

नई दिल्ली, 27 अप्रैल — जोहो के मुख्य वैज्ञानिक और सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने सोमवार को एक खुले पत्र के माध्यम से अमेरिका में बसे भारतीयों से भारत लौटकर देश की तकनीकी नींव को मजबूत करने का आह्वान किया। वेम्बु ने तर्क दिया कि भारतीय प्रवासियों की सभ्यतागत शक्ति और आर्थिक सुरक्षा सीधे भारत की तकनीकी क्षमता पर निर्भर करती है।

अमेरिका में भारतीयों के प्रति बढ़ती नकारात्मकता

वेम्बु ने अपने पत्र में स्वीकार किया कि अमेरिका में 37 वर्ष पहले उनका आगमन बिना किसी आर्थिक संसाधन के हुआ था, लेकिन भारतीय शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत ने उन्हें सफल होने में मदद दी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में भारतीय प्रवासियों के प्रति एक बढ़ता हुआ पूर्वाग्रह है। उन्होंने कहा कि कई अमेरिकी नागरिक भारतीय पेशेवरों को अपनी नौकरियाँ 'छीनने' वाले मानते हैं।

वेम्बु ने लिखा,

Point of View

अमेरिकी राजनेताओं की भारत-विरोधी टिप्पणियाँ, और प्रवासी-विरोधी भावनाओं का उदय — ये सब मिलकर एक संकेत भेज रहे हैं कि प्रवासी शक्ति का सुनहरा दौर समाप्त हो सकता है। लेकिन वेम्बु की अपील का केंद्र सिर्फ अमेरिकी राजनीति नहीं है — यह भारत के भविष्य की तकनीकी स्वायत्तता है। यह तर्क कि भारतीय सभ्यता की शक्ति केवल भारत में तकनीकी नेतृत्व विकसित करके ही स्थापित हो सकती है, एक राष्ट्रवादी विचार है जो प्रवासन के आर्थिक लाभों को चुनौती देता है। सवाल यह है: क्या भारत के पास ऐसी संरचनाएँ, वेतन और अवसर हैं जो अमेरिका में सफल प्रतिभा को वापस खींच सकें? अभी तक, डेटा संदिग्ध है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

श्रीधर वेम्बु ने अमेरिका में भारतीयों से क्या कहा है?
वेम्बु ने कहा कि अमेरिकी राजनीति में भारतीयों की स्थिति असुरक्षित है और उन्हें भारत लौटकर देश की तकनीकी क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि भारत की सभ्यतागत शक्ति केवल तकनीकी नेतृत्व के माध्यम से ही स्थापित हो सकती है।
वेम्बु ने अमेरिकी राजनीति में भारतीयों की स्थिति को कैसे वर्णित किया?
वेम्बु ने कहा कि अमेरिकी राजनीति में भारतीयों को केवल 'कट्टर दक्षिणपंथी' और 'जागरूक वामपंथी' के बीच चुनाव करना पड़ता है, और न तो कोई पक्ष विदेशों में भारतीयों के सम्मान की गारंटी देता है।
यह अपील किस समय में आई है?
यह अपील H1B वीजा कार्यक्रम पर बढ़ते दबाव के समय में आई है। रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने H1B कार्यक्रम को तीन वर्षों के लिए निलंबित करने की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि इसका दुरुपयोग करके अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों को रखा जा रहा है।
वेम्बु ने भारत लौटने के लिए किन कारणों का हवाला दिया?
वेम्बु ने कहा कि भारत की विशाल युवा आबादी को तकनीकी नेतृत्व की जरूरत है, और प्रवासी पेशेवर इसे प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब भारत तकनीकी रूप से मजबूत होगा, तो भारतीय सभ्यता की शक्ति स्वयं स्थापित हो जाएगी।
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