9 अक्टूबर 2026
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ट्रंप का $6 बिलियन का साइंस टेक दांव: AI, क्वांटम और स्पेस में NVIDIA, OpenAI समेत दर्जनों कंपनियाँ जुड़ीं

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ट्रंप का $6 बिलियन का साइंस टेक दांव: AI, क्वांटम और स्पेस में NVIDIA, OpenAI समेत दर्जनों कंपनियाँ जुड़ीं

सारांश

राष्ट्रपति ट्रंप ने $6 बिलियन से अधिक की साइंस टेक योजनाओं का ऐलान किया — NVIDIA, OpenAI, Google, Anthropic समेत दर्जनों कंपनियाँ जुड़ीं। AI सुपरइंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, 2028 में मंगल के लिए न्यूक्लियर स्पेसक्राफ्ट और $1.8 अरब की बायोमेडिकल योजना — अमेरिका का सबसे बड़ा तकनीकी दांव।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 अक्टूबर 2026 को $6 अरब से अधिक की साइंस टेक योजनाओं की घोषणा की।
जेनेसिस मिशन के लिए 11 उद्योग भागीदारों से $2.4 अरब जुटाए गए; NVIDIA $1 अरब , OpenAI $20 करोड़ , Google और Anthropic प्रत्येक $15 करोड़ देंगे।
बायोमेडिकल क्षेत्र में NIH, एनर्जी डिपार्टमेंट और बायोहब का $1.8 अरब का संयुक्त कार्यक्रम।
न्यूक्लियर पावर्ड 'स्पेस रिएक्टर 1' अंतरिक्षयान 2028 में मंगल मिशन के लिए प्रस्तावित।
10 राज्यों की 14+ यूनिवर्सिटी रीजनल कंप्यूटिंग कंसोर्टियम में शामिल; वर्कफोर्स ट्रेनिंग के लिए $1 अरब अलग से।
एनर्जी डिपार्टमेंट ने फॉल्ट टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटर के लिए $21.5 करोड़ की प्रतियोगिता शुरू की।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 9 अक्टूबर 2026 को वॉशिंगटन में आयोजित 'साइंस: ए न्यू गोल्डन एज समिट' में 6 अरब डॉलर से अधिक की विज्ञान एवं तकनीकी योजनाओं की घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, न्यूक्लियर पावर्ड स्पेस एक्सप्लोरेशन और बायोमेडिकल साइंस में अनुसंधान को गति देने के लिए सरकारी एजेंसियों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, यूनिवर्सिटीज और परोपकारी संस्थाओं को एकजुट किया गया है। व्हाइट हाउस ने इसे सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच अभूतपूर्व साझेदारी बताया है।

जेनेसिस मिशन: सुपरइंटेलिजेंस से वैज्ञानिक खोज

व्हाइट हाउस की एक आधिकारिक फैक्ट शीट के अनुसार, इस कार्यक्रम की धुरी 'जेनेसिस मिशन' है, जिसके लिए 11 उद्योग भागीदारों से 2.4 अरब डॉलर के कंप्यूटिंग संसाधन और तकनीकी सहयोग जुटाया गया है। इस मिशन का मूल उद्देश्य वैज्ञानिक खोजों को तेज़ करने के लिए सुपरइंटेलिजेंस का उपयोग करना है।

प्रमुख तकनीकी कंपनियों ने बड़ी प्रतिबद्धताएँ जाहिर की हैं: NVIDIA ने 1 अरब डॉलर, AMD ने 50 करोड़ डॉलर और OpenAI ने 20 करोड़ डॉलर देने का वादा किया। इसके अलावा Anthropic और Google ने प्रत्येक 15 करोड़ डॉलर की घोषणा की, जबकि Amazon Web Services, Micron और कई टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ भी इस मिशन में सहभागी हैं।

यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

प्रशासन ने वैज्ञानिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्कफोर्स प्रशिक्षण के विस्तार के लिए यूनिवर्सिटीज, उद्योग जगत और जॉर्जिया राज्य को शामिल करते हुए 1 अरब डॉलर के निवेश की अलग से घोषणा की।

10 राज्यों की 14 से अधिक यूनिवर्सिटी एक रीजनल कंप्यूटिंग कंसोर्टियम में भाग लेंगी। नॉर्थ और साउथ कैरोलिना की पाँच यूनिवर्सिटी मिलकर एक अलग रिसर्च कंप्यूटिंग हब स्थापित करेंगी। नेशनल साइंस फाउंडेशन और डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने एडवांस्ड वैज्ञानिक उपकरणों और स्वायत्त प्रयोगशालाओं के लिए 10 करोड़ डॉलर से अधिक की अलग घोषणा की।

क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस और बायोमेडिकल पर फोकस

एनर्जी डिपार्टमेंट ने 21.5 करोड़ डॉलर की एक प्रतियोगिता शुरू की, जिसका लक्ष्य ऐसे फॉल्ट टॉलरेंट क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है जो वैज्ञानिक रूप से जटिल समस्याओं को हल कर सकें। NASA और एनर्जी डिपार्टमेंट ने न्यूक्लियर पावर्ड अंतरिक्षयान और चंद्र ऊर्जा प्रणालियों के विकास की भी घोषणा की।

इन परियोजनाओं में 'स्पेस रिएक्टर 1' शामिल है — एक न्यूक्लियर पावर्ड अंतरिक्षयान जो 2028 में मंगल मिशन के लिए प्रस्तावित है — और 'लूनर रिएक्टर 1', जो चंद्रमा पर प्रस्तावित न्यूक्लियर फिशन रिएक्टर है।

बायोमेडिकल क्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH), एनर्जी डिपार्टमेंट और बायोहब ने मिलकर कोशिकाओं और जैविक प्रणालियों के वर्चुअल मॉडल तैयार करने के लिए 1.8 अरब डॉलर का एक संयुक्त कार्यक्रम आरंभ किया है, जिससे बीमारियों की उत्पत्ति को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

फेलोशिप और नई पीढ़ी के वैज्ञानिक

प्रशासन ने 'जेनेसिस मिशन फेलोशिप' के तहत 10 करोड़ डॉलर देने की घोषणा की, जो उन त्वरित डॉक्टोरल कार्यक्रमों को सहयोग देगी जिनमें AI को विज्ञान और इंजीनियरिंग विषयों के साथ एकीकृत किया गया है। होनहार स्कूली छात्रों, शुरुआती करियर वाले शोधकर्ताओं और पारंपरिक संस्थानों से बाहर कार्यरत वैज्ञानिकों के लिए भी अलग अवसर प्रस्तावित हैं।

एक नए 'एक्स लैब्स कंसोर्टियम' को उद्योग और परोपकारी संस्थाओं से 31 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता मिलेगी, जो बहु विषयक शोध टीमों को बढ़ावा देगा।

व्हाइट हाउस का दृष्टिकोण और आगे की राह

व्हाइट हाउस के साइंस एडवाइजर माइकल क्रैट्सियोस ने कहा, "आज का दिन अमेरिकी वैज्ञानिक जगत के लिए उतना ही क्रांतिकारी है, जितना कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद फेडरल रिसर्च इकोसिस्टम को फिर से तैयार करने के समय था।" उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रयास साइंस इकोसिस्टम में अरबों डॉलर का निवेश सुनिश्चित करेंगे ताकि मौजूदा वैज्ञानिक अवसरों को साकार किया जा सके।

व्हाइट हाउस के अनुसार, ये घोषणाएँ पहले के फेडरल निवेशों पर आधारित हैं — जिनमें 'जेनेसिस मिशन' को समर्थन देने के लिए 5 अरब डॉलर की पूर्व प्रतिबद्धता और स्वतंत्र अनुसंधान प्रयोगशालाओं के लिए नेशनल साइंस फाउंडेशन की 1.5 अरब डॉलर की पहल शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चीन और यूरोपीय संघ भी उभरती तकनीकों में भारी निवेश कर रहे हैं और अमेरिकी तकनीकी वर्चस्व को चुनौती दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन $6 अरब का बड़ा हिस्सा सरकारी धन नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट 'प्रतिबद्धताएँ' हैं — जो अमेरिकी नीति में एक परिचित चलन है जहाँ घोषणाएँ और वास्तविक व्यय के बीच अक्सर बड़ा अंतर रहता है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन पर विज्ञान विरोधी नीतियों के आरोप भी लगते रहे हैं, इसलिए यह समिट एक सुनियोजित प्रतिसंतुलन की तरह दिखती है। असली परीक्षा यह होगी कि जेनेसिस मिशन जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य — जिनमें सुपरइंटेलिजेंस से वैज्ञानिक खोज तेज करना शामिल है — क्या मापने योग्य परिणाम दे पाते हैं, या यह भी वादों की उस लंबी सूची में जुड़ जाता है जो सुर्खियों में बड़ी और ज़मीन पर छोटी साबित हुईं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप की $6 बिलियन की साइंस टेक योजना क्या है?
यह 9 अक्टूबर 2026 को 'साइंस: ए न्यू गोल्डन एज समिट' में की गई घोषणाओं का समूह है, जिसमें AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, न्यूक्लियर स्पेस एक्सप्लोरेशन और बायोमेडिकल रिसर्च के लिए $6 अरब से अधिक जुटाए गए हैं। इसमें NVIDIA, OpenAI, Google, Anthropic, Amazon जैसी कंपनियाँ और दर्जनों यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
जेनेसिस मिशन क्या है और इसमें कौन कौन सी कंपनियाँ शामिल हैं?
जेनेसिस मिशन एक AI संचालित वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य सुपरइंटेलिजेंस के ज़रिए वैज्ञानिक खोजों को त्वरित करना है। इसके लिए 11 उद्योग भागीदारों से $2.4 अरब जुटाए गए हैं, जिनमें NVIDIA ($1 अरब), AMD ($50 करोड़), OpenAI ($20 करोड़), Google और Anthropic (प्रत्येक $15 करोड़) प्रमुख हैं।
स्पेस रिएक्टर 1 और लूनर रिएक्टर 1 क्या हैं?
'स्पेस रिएक्टर 1' एक न्यूक्लियर पावर्ड अंतरिक्षयान है जिसे 2028 में मंगल मिशन के लिए प्रस्तावित किया गया है। 'लूनर रिएक्टर 1' चंद्रमा पर प्रस्तावित न्यूक्लियर फिशन रिएक्टर है; दोनों परियोजनाओं की घोषणा NASA और एनर्जी डिपार्टमेंट ने संयुक्त रूप से की है।
इस कार्यक्रम से बायोमेडिकल रिसर्च को कैसे फायदा होगा?
NIH, एनर्जी डिपार्टमेंट और बायोहब ने मिलकर $1.8 अरब का एक संयुक्त कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य कोशिकाओं और जैविक प्रणालियों के वर्चुअल मॉडल तैयार करना है। इससे बीमारियों के विकास की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
इस कार्यक्रम में यूनिवर्सिटीज की क्या भूमिका है?
10 राज्यों की 14 से अधिक यूनिवर्सिटी रीजनल कंप्यूटिंग कंसोर्टियम में भाग लेंगी और नॉर्थ व साउथ कैरोलिना की पाँच यूनिवर्सिटी एक अलग रिसर्च कंप्यूटिंग हब बनाएंगी। इसके अलावा 'जेनेसिस मिशन फेलोशिप' के तहत $10 करोड़ के तेज़ रफ्तार डॉक्टोरल कार्यक्रमों को सहयोग दिया जाएगा।
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