ट्रंप का रणनीतिक खनिज क्षेत्र में $2 अरब से अधिक का निवेश ऐलान, रक्षा सप्लाई चेन मजबूत करने की रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अगस्त 2026 को वाशिंगटन में आयोजित एक उच्चस्तरीय माइनिंग राउंडटेबल में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के लिए 2 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की घोषणा की। इस कदम का मकसद अमेरिका की घरेलू खनन क्षमता को पुनर्जीवित करना, रक्षा सप्लाई चेन को सुदृढ़ करना और विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता घटाना है। व्हाइट हाउस ने इसे 120 से अधिक वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति और खनन उद्योग के नेताओं के बीच सबसे बड़ी बैठक करार दिया।
मुख्य निवेश और परियोजनाएँ
इस पैकेज की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता कैलिफोर्निया की कंपनी सिला नैनो टेक्नोलॉजीज में युद्ध विभाग (Department of Defense) का 1.4 अरब डॉलर का निवेश है। यह राशि सिलिकॉन-कार्बन बैटरी एनोड उत्पादन बढ़ाने और लिथियम-आयन बैटरी सेल निर्माण सुविधा स्थापित करने पर खर्च होगी — ये सामग्रियाँ उपग्रहों, मानवरहित हवाई प्रणालियों और उन्नत हथियारों में काम आती हैं।
सनराइज एनर्जी मेटल्स को 400 मिलियन डॉलर मिलेंगे, जिससे स्कैंडियम सप्लाई चेन विकसित की जाएगी। व्हाइट हाउस के अनुसार यह दुनिया की पहली प्राथमिक स्कैंडियम खदान होगी। स्कैंडियम का उपयोग लड़ाकू विमानों और अंतरिक्षयानों के लिए उच्च-ताप एल्युमिनियम मिश्र धातुओं में होता है।
मिनेसोटा की नीरॉन मैग्नेटिक्स को रेयर अर्थ-मुक्त स्थायी चुंबक निर्माण के लिए 150 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त स्टैंडर्ड बॉक्साइट को रिफ्रैक्टरी-ग्रेड बॉक्साइट सुरक्षित करने हेतु 85 मिलियन डॉलर से अधिक आवंटित किए गए हैं।
एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक कैलिफोर्निया में बोरॉन भंडार विकसित करने के लिए 5ई एडवांस्ड मैटेरियल्स में 8 मिलियन डॉलर निवेश करेगा। अलबामा में वेस्टवॉटर रिसोर्सेज को ग्रेफाइट के लिए और पेंसिल्वेनिया में ग्लोबल एडवांस्ड मटीरियल्स को टैंटलम व नियोबियम के लिए 25 मिलियन डॉलर आवंटित होंगे। यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) मैडागास्कर में खदान स्थापित करने के लिए हरेना रेयर अर्थ्स में 4.8 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा, जिसका उद्देश्य अमेरिकी विनिर्माण के लिए चुंबकीय धातुएँ और रेयर अर्थ सुरक्षित करना है।
माइनिंग शिक्षा और कार्यबल विकास
राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 माइनिंग स्कूलों के लिए 100 मिलियन डॉलर की घोषणा की, जिसका लक्ष्य खनन, खनिज और संबद्ध सप्लाई चेन में स्नातकों की संख्या दोगुनी करना है। इसके अलावा 81 मिलियन डॉलर की ग्रांट कोलोराडो स्कूल ऑफ माइन्स, साउथ डकोटा स्कूल ऑफ माइन्स और जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी को वर्कफोर्स प्रोग्राम और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्रों के लिए दी जाएगी।
ट्रंप ने इस अवसर पर कहा, "हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हम अमेरिकी माइनर्स की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए 100 मिलियन डॉलर दे रहे हैं।"
रणनीतिक महत्व और भू-राजनीतिक संदर्भ
व्हाइट हाउस के अनुसार ये निवेश सप्लाई चेन की कमज़ोरियों को दूर करेंगे, भू-राजनीतिक व्यवधानों से रक्षा औद्योगिक आधार की सुरक्षा करेंगे और अगली पीढ़ी की तकनीकों को बल देंगे। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और चीन के बीच रेयर अर्थ खनिजों को लेकर तनाव बढ़ रहा है और बीजिंग ने हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं।
ट्रंप ने इस मौके पर कहा, "रणनीतिक महत्व के खनिज अमेरिका की ताकत का आधार हैं। इन्हीं कच्चे संसाधनों से उन्नत हथियारों से लेकर ऑटोमोबाइल तक का निर्माण होता है। हम चाहते हैं कि इन ज़रूरी खनिजों का खनन, प्रसंस्करण और निर्माण अमेरिका में ही, अमेरिकी कौशल और अमेरिकी श्रमिकों के हाथों से किया जाए।" उन्होंने यह भी कहा कि "अमेरिका 1950 के दशक के बाद सबसे तेज गति से खदानें खोल रहा है।"
राउंडटेबल में कौन शामिल हुए
यह राउंडटेबल विदेश सचिव मार्को रुबियो की मेजबानी में आयोजित हुई, जिसमें इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के साथ-साथ खनन उद्योग के अधिकारी और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि व्हाइट हाउस ने इसे 120 से अधिक वर्षों में किसी राष्ट्रपति और खनन उद्योग के बीच सबसे बड़ी बैठक बताया।
आगे क्या होगा
इन निवेशों के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत दिशानिर्देश आने वाले हफ्तों में अपेक्षित हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल अमेरिका की दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है, जो चीन पर निर्भरता कम करने की व्यापक कोशिश से जुड़ी है।