ट्रंप की चेतावनी: एआई डेटा सेंटर रोके तो चीन जाएंगे, ओहायो रैली में बोले — 'हम चीन से आगे हैं'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 अक्टूबर 2026 को ओहायो के वांडालिया में एक चुनावी रैली के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर स्थापित करने से इनकार किया, तो ये निवेश सीधे चीन की ओर चले जाएंगे। उन्होंने बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर विस्तार का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका को तेज़ी से विकसित हो रही एआई तकनीक के लिए अपरिहार्य कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सख्त ज़रूरत है।
मुख्य घटनाक्रम
ट्रंप 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड और भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। रैली में उन्होंने कहा, 'ओहायो के लिए बहुत पैसा कमाने का अवसर है। आप इन्हें सिर्फ बंद नहीं कर सकते। ये चीन चले जाएंगे।'
ट्रंप ने अमेरिका और चीन के बीच व्यापक तकनीकी प्रतिस्पर्धा को रेखांकित करते हुए कहा, 'हम चीन से आगे हैं।' उनका तर्क था कि एआई सिस्टम के लिए जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता घटाने वाली नीतियाँ इस बढ़त को खतरे में डाल सकती हैं।
रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट पर रुख
ट्रंप ने सीनेटर हस्टेड द्वारा समर्थित 'रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट' का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'मैं इस रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट को तुरंत कानून में बदलने के लिए हस्ताक्षर करूंगा।' इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेटा सेंटर अपनी बिजली खपत से जुड़ी लागत स्वयं वहन करें और उसका बोझ आम उपभोक्ताओं पर न डाला जाए।
गौरतलब है कि यह विधेयक अभी कानून नहीं बना है — अमेरिकी सीनेट में इसी सप्ताह इसे आगे बढ़ाने का प्रयास विफल रहा।
डेटा सेंटर विवाद की पृष्ठभूमि
ओहायो सहित कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटरों का तेज़ विस्तार स्थानीय विवाद का विषय बना हुआ है। इन केंद्रों को संचालित करने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बिजली कंपनियों के सामने नई उत्पादन क्षमता, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और सब-स्टेशन की व्यवस्था करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
ट्रंप ने दावा किया कि उनका प्रशासन 'ऐतिहासिक कदम' उठा रहा है ताकि बड़े तकनीकी डेटा सेंटर स्थानीय समुदायों के लिए लाभकारी साबित हों।
क्योटो विजन और सुपर इंटेलिजेंस
यह बयान ऐसे समय आया जब व्हाइट हाउस ने जापान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी बैठक में अमेरिका सहित 17 देशों द्वारा 'क्योटो विजन फॉर ए गोल्डन एज ऑफ साइंस' का समर्थन किए जाने की घोषणा की। इस घोषणा में वैज्ञानिक अनुसंधान को गति देने के लिए सुपर-इंटेलिजेंस टूल्स, वैज्ञानिक डेटा, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयोगात्मक सुविधाओं तक व्यापक पहुंच का आह्वान किया गया है।
ट्रंप ने 'सुपर इंटेलिजेंस' की दिशा में अमेरिका की बढ़त पर ज़ोर देते हुए एआई प्रतिस्पर्धा को अपनी व्यापक राष्ट्रीय नीति से जोड़ा।
ओहायो चुनावी परिदृश्य
जॉन हस्टेड को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पद ग्रहण के बाद खाली हुई सीनेट सीट पर नियुक्त किया गया था। अब वे पूर्व डेमोक्रेटिक सीनेटर शेरोड ब्राउन के खिलाफ इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं, विवेक रामास्वामी — भारतीय प्रवासियों के पुत्र और पूर्व बायोटेक उद्यमी — 2024 में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के नामांकन की दौड़ में भाग ले चुके हैं। अब वे ओहायो के गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन के खिलाफ मैदान में हैं। एक्टन चिकित्सक और ओहायो स्वास्थ्य विभाग की पूर्व निदेशक रह चुकी हैं।
मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है — और ट्रंप का ओहायो दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है।