ट्रंप का ऐलान: एआई रोकेंगे नहीं, बनाएंगे 'एआई फोर्स' और नियुक्त करेंगे 'एआई जार'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 सितंबर 2026 को स्पष्ट कर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की प्रगति को किसी भी स्तर पर रोका या दबाया नहीं जाएगा — बल्कि वे एक समर्पित 'एआई फोर्स' गठित कर रहे हैं और जल्द ही एक 'एआई जार' यानी एआई मामलों के शीर्ष अधिकारी के नाम की घोषणा करेंगे। उन्होंने एआई को अगली औद्योगिक क्रांति करार देते हुए कहा कि भविष्य में यह तकनीक अमेरिकी जीडीपी में 25 प्रतिशत तक का योगदान दे सकती है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा कि वे चुपचाप बैठकर एआई को बर्बाद या खत्म होते नहीं देखेंगे। उनके अनुसार, 'हम इस शानदार इंडस्ट्री की बढ़ोतरी को किसी भी तरह रोकेंगे या दबाएंगे नहीं। इसके बजाय, हम इसे महत्व देंगे, इसकी मदद करेंगे और जैसे-जैसे यह आगे बढ़ेगी, इस पर नज़र रखेंगे।'
ट्रंप ने यह भी कहा कि गलत काम करने वालों पर मौजूदा आपराधिक और सिविल न्याय व्यवस्था के ज़रिये नज़र रखी जाएगी। हालांकि, उन्होंने 'एआई फोर्स' के ढाँचे या 'एआई जार' की भूमिका और जिम्मेदारियों का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
डेमोक्रेट्स पर निशाना और विवादास्पद दावे
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि एआई को खत्म करने की बात उन 'कई झूठे दावों' में से एक है, जिन्हें डेमोक्रेट्स बढ़ावा देते रहे हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और ग्लोबल वार्मिंग को भी इसी श्रेणी में रखते हुए दावा किया कि ये चीजें अमेरिका को 'बर्बाद' कर रही हैं — एक दावा जो व्यापक रूप से विवादित है।
अटॉर्नी जनरल ब्लैंच की स्थिति
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका एआई की दौड़ में चीन से पीछे रहने का जोखिम नहीं उठा सकता। उन्होंने एआई को 'बेहद फायदेमंद' बताते हुए उन माँगों को खारिज कर दिया जिनमें न्याय विभाग से एआई को नियंत्रित या धीमा करने को कहा जा रहा था।
ब्लैंच ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी न्याय विभाग एआई से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों की जाँच करेगा — विशेषकर चीनी व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा अमेरिकी टेक कंपनियों से तकनीक चोरी के मामले — लेकिन विभाग तकनीक को नियंत्रित करने वाली एजेंसी की भूमिका नहीं निभाएगा।
व्यापक संदर्भ: एआई पर बढ़ती बहस
ट्रंप का यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में एआई के तेज़ विकास और उससे जुड़े संभावित खतरों पर बहस तेज़ हो रही है। तकनीकी उद्योग के कई नेताओं ने चेतावनी दी है कि तेज़ी से आगे बढ़ रहे एआई सिस्टम राष्ट्रीय सुरक्षा समेत कई गंभीर खतरे पैदा कर सकते हैं। गौरतलब है कि ट्रंप की यह नीति पिछले प्रशासन के अधिक सतर्क रुख से अलग है और 'अनुमति देकर निगरानी' वाले ढाँचे की ओर स्पष्ट झुकाव दर्शाती है।
अब सबकी नज़र 'एआई जार' की नियुक्ति पर टिकी है — उनके पास क्या अधिकार होंगे और वे किसके प्रति जवाबदेह होंगे, यह अमेरिका की एआई नीति की दिशा तय करेगा।