ट्रंप की यूरोप को कड़ी चेतावनी: डिजिटल सर्विसेज टैक्स लगाया तो 100% टैरिफ तुरंत लागू
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26 जून 2026 को यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि किसी भी यूरोपीय देश ने अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विसेज टैक्स (DST) लगाया, तो अमेरिका उस देश से आयातित समस्त वस्तुओं पर तत्काल प्रभाव से 100 प्रतिशत टैरिफ लागू कर देगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूरोप के कई देश अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल कर लगाने की संभावनाओं पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं।
ट्रंप का आधिकारिक बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'यूरोप के कई देश अमेरिकी कंपनियों पर जल्द ही डिजिटल सर्विसेज टैक्स लगाने पर चर्चा कर रहे हैं। इनमें से कुछ देश इसे लागू करने के बहुत करीब पहुँच चुके हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पोस्ट को आधिकारिक सूचना माना जाए।
ट्रंप ने आगे कहा कि यह 100 प्रतिशत टैरिफ संबंधित देश के साथ पहले से हुए, लागू किए गए या भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते से ऊपर रहेगा — यानी किसी भी द्विपक्षीय या बहुपक्षीय समझौते की आड़ में इससे छूट नहीं मिलेगी।
टैरिफ को हथियार के रूप में ट्रंप का इतिहास
गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी टैरिफ को कूटनीतिक दबाव के औज़ार के रूप में इस्तेमाल कर चुके हैं। ईरान के साथ संघर्ष के दौरान उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, अमेरिका को बेचे जाने वाले उसके सभी सामानों पर तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा — बिना किसी छूट या रियायत के। उस दौर में भी कई देशों को इसी तरह की एकपक्षीय चेतावनियाँ मिली थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है और यूरोपीय संघ तथा अमेरिका के बीच कई व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत जारी है।
डिजिटल सर्विसेज टैक्स विवाद की पृष्ठभूमि
डिजिटल सर्विसेज टैक्स (DST) वह कर है जो कई यूरोपीय देश बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों — जैसे Google, Meta, Amazon — की स्थानीय डिजिटल आय पर लगाना चाहते हैं। इन देशों का तर्क है कि ये कंपनियाँ उनके बाज़ारों से भारी मुनाफा कमाती हैं लेकिन पर्याप्त कर नहीं चुकातीं। अमेरिका इसे अपनी कंपनियों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण नीति मानता है।
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप की यह रणनीति बहुपक्षीय व्यापार नियमों को कमज़ोर करती है और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के ढाँचे को दरकिनार करती है।
यूरोप और वैश्विक व्यापार पर संभावित असर
यदि कोई यूरोपीय देश DST लागू करता है और अमेरिका वास्तव में 100 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, तो यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए व्यापक व्यापार युद्ध की स्थिति पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सीधा असर यूरोपीय निर्यातकों, विशेषकर ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है।
आने वाले हफ्तों में यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया और ट्रंप प्रशासन के अगले कदम इस व्यापारिक टकराव की दिशा तय करेंगे।