5 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर लगेगा 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर लगेगा 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ?

सारांश

अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इससे न केवल ईरान, बल्कि भारत जैसे देशों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अंतिम और निर्णायक आदेश बताया है। क्या इससे वैश्विक व्यापार में और भी चुनौतियाँ आएंगी?

मुख्य बातें

ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा।
भारत के निर्यात पर कुल मिलाकर 75 प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है।
ट्रंप का आदेश अंतिम और निर्णायक है।
अमेरिका कूटनीति के माध्यम से स्थिति को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।
हालात तनावपूर्ण हैं और अमेरिका की ईरान नीति पर गहन नजर डाली जा रही है।

वाशिंगटन, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों के प्रति अपनी नीति को और सख्त कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यह घोषणा की कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन पर अमेरिका के साथ व्यापार करते समय 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।

भारत के लिए इसका मतलब यह है कि अमेरिका को निर्यात होने वाले भारतीय उत्पादों पर कुल मिलाकर 75 प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है। इससे भारतीय व्यापारियों और उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "तुरंत प्रभाव से, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जा रहे किसी भी और सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देगा।" उन्होंने इसे अंतिम और निर्णायक आदेश बताया।

हालांकि, इस बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह शुल्क किन क्षेत्रों पर और किस तरह लागू होगा।

इससे पहले दिन में, व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका एक तरफ ईरान से बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहता है, तो दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प भी तैयार रखेगा। ईरान के भीतर जारी विरोध प्रदर्शनों और पर्दे के पीछे चल रही बातचीत से तेहरान के रुख में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति की प्राथमिकता हिंसा को रोकना है और साथ ही ईरान के अधिकारियों की ओर से आ रहे निजी संदेशों का आकलन करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति नहीं चाहते कि तेहरान की सड़कों पर लोगों की जान जाए, लेकिन दुर्भाग्य से फिलहाल ऐसा होते हुए देखा जा रहा है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका अब भी ईरान के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग कर रहा है, तो उन्होंने कोई स्पष्ट शर्त नहीं बताई। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि राष्ट्रपति जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका की पहली पसंद हमेशा कूटनीति ही है। उनका कहना था कि ईरान सरकार जो बातें सार्वजनिक रूप से कह रही है, वे उन निजी संदेशों से अलग हैं जो अमेरिका को मिल रहे हैं, और राष्ट्रपति उन संदेशों पर गौर करना चाहते हैं।

लेविट ने कहा कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरान कूटनीति में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं समझती हूं कि स्टीव विटकॉफ ईरान के साथ डिप्लोमेसी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बने रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अच्छी तरह जानता है कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी जरूरत पड़ने पर सख्त फैसले ले चुके हैं और आगे भी ऐसा कर सकते हैं।

यह सभी बयान ऐसे समय में आए हैं, जब ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अमेरिका की ईरान नीति पर एक बार फिर गहन नजर डाली जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कूटनीति के माध्यम से स्थिति को सुलझाने की कोशिशें जारी हैं। हमें इस मामले पर ध्यान देने की आवश्यकता है और देखना होगा कि यह नीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार करते समय 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ेगा।
क्या इससे भारत के व्यापार पर असर पड़ेगा?
जी हां, इससे भारत को निर्यात होने वाले उत्पादों पर 75 प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है, जिससे भारतीय व्यापारियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
क्या ट्रंप का यह आदेश अंतिम है?
जी हां, ट्रंप ने इसे अंतिम और निर्णायक आदेश बताया है, जिससे इस नीति में बदलाव की संभावना कम है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले