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मयंक यादव की 150 kmph रफ्तार वापस, आकाश चोपड़ा बोले — यही उनकी असली ताकत

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मयंक यादव की 150 kmph रफ्तार वापस, आकाश चोपड़ा बोले — यही उनकी असली ताकत

सारांश

चोट की लंबी छुट्टी के बाद मयंक यादव की रांची में 150 kmph की रफ्तार और 3 विकेट वाली वापसी ने साबित किया कि उनकी सबसे बड़ी ताकत बरकरार है। आकाश चोपड़ा ने इसे महज़ विकेट नहीं, बल्कि एक खिलाड़ी के जज़्बे का सबूत बताया।

मुख्य बातें

पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने मयंक यादव की तेज गेंदबाजी को 'सबसे बड़ी ताकत' बताया।
मयंक यादव ने रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 में 3 विकेट लिए — कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर सहित।
मयंक ने पावरप्ले के अंतिम ओवर में लगभग 150 kmph की रफ्तार से गेंदबाजी की।
भारत ने उस मैच में 249/5 का स्कोर बनाया था, लेकिन वेस्टइंडीज को रोक नहीं पाई।
चोपड़ा ने कहा कि रिहैब के 6 से 8 महीने के अकेलेपन के बाद इस स्तर पर वापसी करना मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है।

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने तेज गेंदबाज मयंक यादव की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा है कि चोट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले इस युवा पेसर ने अपनी पुरानी विस्फोटक रफ्तार फिर से हासिल कर ली है। रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 3 विकेट लेने के बाद मयंक की वापसी को लेकर क्रिकेट जगत में उत्साह देखा जा रहा है।

रांची में शानदार वापसी

लंबे समय तक चोट के कारण मैदान से दूर रहने के बाद मयंक यादव ने रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर सहित कुल 3 विकेट चटकाए और भारत को पावरप्ले के दौरान महत्वपूर्ण सफलताएँ दिलाईं।

यह मैच हाई-स्कोरिंग रहा, जिसमें भारत ने 249/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन मेज़बान टीम मेहमानों को रोकने में सफल नहीं हो सकी। इसके बावजूद मयंक का व्यक्तिगत प्रदर्शन खासा सराहनीय रहा।

आकाश चोपड़ा का विश्लेषण

आकाश चोपड़ा ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, 'पिछले मैच में उन्होंने कुछ रन दिए थे। इसके साथ ही वापसी करते समय आप ज़ाहिर तौर पर नर्वस होते हैं। यह टॉप लेवल क्रिकेट है और आप समझते हैं कि आप भारत में अच्छी बैटिंग वाली पिच पर खेल रहे हैं और चोट के बाद वापसी कर रहे हैं।'

चोपड़ा ने आगे कहा, 'शुरुआत में मयंक यादव ने एक चौका ज़रूर खाया, लेकिन इसके बाद कामिल पूरन का विकेट लेना उनके लिए शानदार शुरुआत रही। फिर उन्होंने शिमरोन हेटमायर को आउट किया, जो और भी बेहतरीन विकेट था। मयंक की तेज रफ्तार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनकी स्पीड बल्लेबाजों को परेशानी में डाल देती है और उन्हें गलतियाँ करने पर मजबूर कर सकती है।'

150 kmph की रफ्तार — मानसिक जीत भी

चोपड़ा के अनुसार, रिहैब के बाद मयंक का 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुँचना महज़ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता का प्रमाण भी है। उन्होंने कहा, 'आखिरी गेंद भी लगभग 150 की रफ्तार से थी। यह पावरप्ले का आखिरी ओवर था, जिसमें आमतौर पर खूब रन बनते हैं, इसलिए एक और विकेट लेना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी — क्योंकि रिहैब के बाद मन में हमेशा यह बात रहती है कि क्या मैं फिर से चोटिल हो जाऊंगा? दर्द की वह याद तब तक बनी रहती है, जब तक वह चली न जाए।'

गौरतलब है कि एक तेज गेंदबाज के लिए रफ्तार ही उसकी पूंजी होती है। चोट के बाद वापस उसी गति पर लौटना सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती है, और इस लिहाज से मयंक का प्रदर्शन उल्लेखनीय है।

अकेलेपन से मैदान तक का सफर

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज ने रिहैबिलिटेशन के दौरान के मानसिक दबाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'आप छह से आठ महीने अकेले रहते हैं तो ऐसा लगता है जैसे आप किसी गुफा में रह रहे हों। बाकी सब खेल रहे होते हैं और आप बस देखते रहते हैं और अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं। इसी कारण इस मैच में उन्होंने जो किया, वह विकेट लेने से कहीं ज़्यादा इस बात का सबूत था कि वह फिर से उतनी तेज गति से गेंदबाजी कर सकते हैं।'

यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि मयंक की यह वापसी केवल आँकड़ों से नहीं, बल्कि खिलाड़ी के संघर्ष और जज़्बे की नज़रिए से भी मापी जानी चाहिए। आने वाले मैचों में उनके प्रदर्शन पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पा सकता है। लेकिन एक मैच किसी खिलाड़ी की दीर्घकालिक उपलब्धता की गारंटी नहीं होता। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए असली चुनौती यह है कि मयंक को लगातार मौके देते हुए उनके वर्कलोड को कैसे संभाला जाए, ताकि वह फिर से चोट की गुफा में न लौट जाएं।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मयंक यादव ने रांची टी20 में कैसा प्रदर्शन किया?
मयंक यादव ने रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 3 विकेट लिए, जिनमें कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर के विकेट शामिल थे। उन्होंने पावरप्ले के अंतिम ओवर में लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की।
आकाश चोपड़ा ने मयंक यादव के बारे में क्या कहा?
आकाश चोपड़ा ने कहा कि मयंक की तेज रफ्तार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यह स्पीड बल्लेबाजों को गलतियाँ करने पर मजबूर कर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि चोट के बाद 150 kmph तक वापस आना महज एक तकनीकी नहीं, बल्कि मानसिक उपलब्धि भी है।
मयंक यादव चोट के बाद कब वापस आए?
मयंक यादव चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहे और रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के ज़रिए इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की। आकाश चोपड़ा के अनुसार उन्होंने रिहैब में लगभग 6 से 8 महीने बिताए।
रांची टी20 में भारत का स्कोर क्या रहा?
रांची में खेले गए दूसरे टी20 मैच में भारत ने 249/5 का विशाल स्कोर बनाया, लेकिन यह स्कोर वेस्टइंडीज को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
मयंक यादव की गेंदबाजी की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
आकाश चोपड़ा के अनुसार मयंक यादव की सबसे बड़ी खासियत उनकी विस्फोटक रफ्तार है, जो 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँचती है। यह गति बल्लेबाजों को दबाव में डालती है और उन्हें गलत शॉट खेलने पर मजबूर करती है, जैसा कि हेटमायर के विकेट से स्पष्ट हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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