मयंक यादव का जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 में धमाका, 4 ओवर में 2 विकेट — 'कम उम्र में बहुत कुछ झेला'
सारांश
मुख्य बातें
मयंक यादव ने 24 जुलाई को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल में शानदार वापसी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 18 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जिससे भारत ने 126 रनों के लक्ष्य को 13.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय टीम में लौटे मयंक को उनके इस दमदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
मयंक की गेंदबाज़ी का विश्लेषण
मयंक ने पहले ओवर से ही आक्रामक रुख अपनाया और ब्रायन बेनेट को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। इसके बाद डायोन मायर्स को 6 रन के स्कोर पर आउट कर जिम्बाब्वे की पारी की कमर तोड़ी। बेहद किफायती लाइन एंड लेंथ के साथ उनकी गेंदबाज़ी ने विपक्षी बल्लेबाज़ों को रन बनाने का मौका नहीं दिया।
टीम की गेंदबाज़ी में तालमेल
मयंक को दूसरे छोर से प्रिंस यादव और अशोक शर्मा का भी भरपूर साथ मिला। प्रिंस यादव ने 29 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। पहले 6 ओवर में ही भारतीय गेंदबाज़ों ने जिम्बाब्वे को रक्षात्मक स्थिति में धकेल दिया था।
मयंक की वापसी की कहानी
मैच के बाद मयंक ने अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "यह बहुत मुश्किल था, खासकर दो साल का गैप एक चुनौती थी, क्योंकि उम्र मेरे साथ नहीं थी। मैं सिर्फ 22-23 साल का था। मुझे लगा कि काफी कम उम्र में ही मुझे बहुत कुछ झेलना पड़ा। हालांकि, देश के लिए खेलने का मोटिवेशन हमेशा बना रहा। इसी वजह से मैं वापसी करना चाहता था और वैसा ही प्रदर्शन करना चाहता था जैसा पहले किया था।"
साथी गेंदबाज़ों के साथ बॉन्डिंग
टीम के अन्य गेंदबाज़ों के साथ तालमेल पर मयंक ने कहा, "हम पेस के बारे में ज़्यादा बात नहीं करते, लेकिन हमारी बॉन्डिंग अच्छी है। इस मुकाबले में मैंने पहला ओवर डाला, इसके बाद मैंने प्रिंस और अशोक के साथ कुछ बातें शेयर कीं — जैसे कि मुझे कैसी मदद मिल रही थी और अटैक करने के लिए बेहतर विकल्प क्या थे। पहले छह ओवर के बाद हम बहुत अच्छी स्थिति में थे, इसलिए हमारी बातचीत इस बारे में थी कि हम उन पर और कितना दबाव बना सकते हैं।"
आगे क्या
यह जीत भारत को सीरीज़ में 1-0 की बढ़त दिलाती है। मयंक की इस सफल वापसी से टीम प्रबंधन को तेज़ गेंदबाज़ी विभाग में एक भरोसेमंद विकल्प मिला है, और आगामी मुकाबलों में उनसे बड़ी भूमिका की उम्मीद की जा रही है।