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अभिमन्यु ईश्वरन का भारत के लिए खेलने का सपना बरकरार, 117 मैचों में 8,632 रन के बावजूद डेब्यू का इंतज़ार

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अभिमन्यु ईश्वरन का भारत के लिए खेलने का सपना बरकरार, 117 मैचों में 8,632 रन के बावजूद डेब्यू का इंतज़ार

सारांश

117 प्रथम श्रेणी मैच, 8,632 रन, 27 शतक — और फिर भी कोई टेस्ट कैप नहीं। अभिमन्यु ईश्वरन की कहानी भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे लंबी प्रतीक्षा में से एक है। 31 साल की उम्र में वह अब भी सपना जीते हैं — और रणजी ट्रॉफी में रन बनाकर जवाब देते हैं।

मुख्य बातें

अभिमन्यु ईश्वरन ने कहा कि भारत के लिए खेलने का सपना अभी भी जीवित है।
31 साल की उम्र में 117 प्रथम श्रेणी मैचों में 8,632 रन , 27 शतक , 38 अर्धशतक ; सर्वाधिक स्कोर 233 ।
रणजी ट्रॉफी के दूसरे दौर में सर्विसेज़ के खिलाफ 56 रन की पारी खेलने के बाद यह बयान आया।
2025 में इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट स्क्वाड में थे, लेकिन डेब्यू का मौका नहीं मिला।
जुलाई 2018 से इंडिया A के लिए 32 मैच खेल चुके हैं।
इस सीज़न बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी जीतना उनका प्राथमिक लक्ष्य।

बंगाल के दाएं हाथ के बल्लेबाज़ अभिमन्यु ईश्वरन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय टेस्ट टीम के लिए डेब्यू करने का उनका सपना आज भी उतना ही जीवंत है। 31 साल की उम्र में 117 प्रथम श्रेणी मैचों में 8,632 रन बना चुके ईश्वरन घरेलू क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में से एक हैं, फिर भी अंतरराष्ट्रीय पदार्पण उनसे दूर है। रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दूसरे दौर में सर्विसेज़ के खिलाफ बंगाल के लिए 56 रन की पारी खेलने के बाद उन्होंने यह भावना व्यक्त की।

करियर का सफ़र और आँकड़े

2013 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बंगाल के लिए डेब्यू करने वाले ईश्वरन अब अपना 118वाँ फर्स्ट-क्लास मैच खेल रहे हैं। 200 पारियों में उन्होंने 27 शतक और 38 अर्धशतक जड़े हैं, और उनका सर्वाधिक स्कोर 233 रन है। जुलाई 2018 से वह इंडिया A का भी हिस्सा रहे हैं — इस दौरान 32 मैच खेले — और टेस्ट टीम में कॉल-अप भी मिला, परंतु कैप पहनने का अवसर अभी तक नहीं आया।

ईश्वरन के अपने शब्दों में

ईश्वरन ने कहा, 'जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तो सपना हमेशा देश के लिए खेलना था, और वह सपना अभी भी है। जब आप टीम में होते हैं और फिर आपको ड्रॉप कर दिया जाता है, तो आपके दिमाग में हमेशा कुछ बातें चलती रहती हैं — 'मैं फिर से क्यों नहीं?' ऐसे मामले हुए हैं, लेकिन कोई बात नहीं, आपको इसकी आदत हो जाती है। यह ज़िंदगी का हिस्सा है। समय के साथ, आप सीखते हैं।'

उन्होंने अपनी मानसिकता को और स्पष्ट करते हुए जोड़ा, 'आपका काम हमेशा यह होता है कि आप जिस भी टीम के लिए खेल रहे हों, उसके लिए अच्छा करें। एक खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा चैलेंज यह होता है कि वह हर दिन खेले और टीम को जो चाहिए वह करे। मुझे लगता है कि मैं इस समय इसका और अपने क्रिकेट का मज़ा ले रहा हूँ।'

बंगाल के प्रति समर्पण

ईश्वरन ने बंगाल को अपनी जड़ और रास्ता बताया। उन्होंने कहा, 'मेरा लक्ष्य हमेशा इंडिया के लिए खेलना है। उससे पहले, मैं बंगाल के लिए खेलना चाहता था, क्योंकि वही जड़ है, वही रास्ता है। बंगाल को लीड करना मेरे लिए बहुत अच्छा एहसास है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस रणजी सीज़न में बंगाल के लिए ट्रॉफी जीतना उनका प्राथमिक लक्ष्य है।

इंग्लैंड दौरे का अधूरा सपना

गौरतलब है कि 2025 में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम के स्क्वाड में शामिल होने के बावजूद ईश्वरन को एकादश में जगह नहीं मिली। यह उनके करियर का एक ऐसा मोड़ था जब अंतरराष्ट्रीय पदार्पण की संभावना सबसे नज़दीक लगी, लेकिन फिर भी हाथ से फिसल गई। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेस्ट टीम में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ों की प्रतिस्पर्धा अत्यंत कड़ी बनी हुई है।

आगे क्या

ईश्वरन का लगातार प्रदर्शन चयनकर्ताओं के सामने एक जटिल सवाल खड़ा करता है — घरेलू क्रिकेट में निरंतरता का पुरस्कार कब मिलेगा? रणजी ट्रॉफी के शेष दौरों में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि क्या वह एक बार फिर चयन की दौड़ में आगे आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि चयन के मानदंड आखिर क्या हैं। इंग्लैंड दौरे पर स्क्वाड में रहते हुए भी नज़रअंदाज़ होना दर्शाता है कि 'उपलब्ध रहना' और 'चुना जाना' दो अलग-अलग श्रेणियाँ हैं। जब तक चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुसंगत मानदंड नहीं आते, ईश्वरन जैसे खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट की परिधि पर परिश्रम करते रहेंगे।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिमन्यु ईश्वरन का प्रथम श्रेणी करियर कैसा रहा है?
ईश्वरन ने 2013 में बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था और अब तक 117 मैचों की 200 पारियों में 8,632 रन बनाए हैं, जिनमें 27 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 233 रन है।
अभिमन्यु ईश्वरन भारत के लिए क्यों नहीं खेल पाए?
इसका कोई आधिकारिक कारण चयनकर्ताओं ने सार्वजनिक नहीं किया है। ईश्वरन जुलाई 2018 से इंडिया A का हिस्सा हैं और 2025 में इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट स्क्वाड में भी थे, परंतु एकादश में जगह नहीं मिली। भारतीय टेस्ट टीम में शीर्ष क्रम की कड़ी प्रतिस्पर्धा को एक प्रमुख कारण माना जाता है।
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में ईश्वरन का प्रदर्शन कैसा है?
रणजी ट्रॉफी के दूसरे दौर में उन्होंने सर्विसेज़ के खिलाफ बंगाल के लिए 56 रन की पारी खेली। वह इस सीज़न में बंगाल के लिए ट्रॉफी जीतने को अपना प्राथमिक लक्ष्य बता रहे हैं।
अभिमन्यु ईश्वरन ने अपने डेब्यू न होने पर क्या कहा?
ईश्वरन ने कहा कि ड्रॉप होने के बाद 'मैं फिर से क्यों नहीं?' जैसे सवाल मन में आते हैं, लेकिन समय के साथ इसकी आदत पड़ जाती है और यह ज़िंदगी का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी अपने क्रिकेट का मज़ा ले रहे हैं।
क्या अभिमन्यु ईश्वरन अभी भी भारतीय टेस्ट टीम की दौड़ में हैं?
ईश्वरन स्वयं कह चुके हैं कि भारत के लिए खेलने का सपना बरकरार है। रणजी ट्रॉफी में उनका लगातार प्रदर्शन उन्हें चयन की दौड़ में बनाए रखता है, हालाँकि 31 साल की उम्र में समय उनके विरुद्ध जाता दिख रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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