2 अक्टूबर 2026
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युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास, 49 मैचों में 148 विकेट; टेस्ट कैप का सपना रहा अधूरा

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युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास, 49 मैचों में 148 विकेट; टेस्ट कैप का सपना रहा अधूरा

सारांश

युजवेंद्र चहल ने रेड-बॉल क्रिकेट को विदाई दी — 49 प्रथम श्रेणी मैच, 148 विकेट और एक अधूरा टेस्ट सपना। लेकिन 36 साल की उम्र में भी उन्होंने वनडे और टी20 में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है।

मुख्य बातें

युजवेंद्र चहल ने 2 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
17 वर्षीय रेड-बॉल करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैचों में 148 विकेट लिए; पहला मैच 2009 में हरियाणा बनाम मध्य प्रदेश था।
आख़िरी प्रथम श्रेणी मैच ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला, लेकिन टेस्ट कैप कभी नहीं मिली।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 72 वनडे में 121 विकेट और 80 टी20 में 96 विकेट ; आख़िरी मैच 13 अगस्त 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ़।
वनडे और टी20 में भारतीय टीम में वापसी की कोशिश जारी रहेगी; आईपीएल और घरेलू टी20 में सक्रिय रहेंगे।

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने 2 अक्टूबर 2026 को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिससे 17 वर्षों के रेड-बॉल करियर का पटाक्षेप हो गया। 49 प्रथम श्रेणी मैचों में 148 विकेट लेने वाले चहल का टेस्ट कैप पाने का सपना अधूरा ही रह गया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की उम्मीद उन्होंने नहीं छोड़ी है।

भावुक विदाई संदेश

चहल ने इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिये अपने फ़ैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह रेड बॉल थी। मैं 10 साल का था, और मुझे तब कोई अंदाज़ा नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना प्यार हो जाएगा।'

उन्होंने आगे लिखा, 'मेरे लिए, रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। यहीं पर मैंने सब्र, कैरेक्टर, मज़बूती और घंटों तक मैदान पर रहने, हर रन और हर विकेट के लिए लड़ने की असली खुशी का मतलब सीखा।'

लॉर्ड्स में खेला आख़िरी प्रथम श्रेणी मैच

चहल ने एक भावुक ख़ुलासा करते हुए लिखा, 'मैंने अपना आख़िरी फर्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहना भावुक करने वाला है क्योंकि टेस्ट कैप हमेशा एक सपना था, जिसे मैंने कई सालों तक अपने साथ रखा। हो सकता है कि यह न हुआ हो, लेकिन मैं अपने सफ़र से सच में खुश हूँ और इस फॉर्मेट में मुझे मिले हर मौके के लिए बहुत शुक्रगुज़ार हूँ।'

गौरतलब है कि चहल ने 2009 में हरियाणा की तरफ से मध्य प्रदेश के खिलाफ़ अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की थी। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में आख़िरी रेड-बॉल पारी खेलना उनके लिए एक ऐसी स्मृति है जिसे वे संजोकर रखेंगे।

करियर के आँकड़े: वनडे और टी20 में चमका सितारा

36 वर्षीय इस दाएं हाथ के लेग स्पिनर ने 2016 में भारतीय टीम के लिए वनडे और टी20 में पदार्पण किया था। तब से उन्होंने 72 वनडे में 121 विकेट और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 96 विकेट अपने नाम किए हैं। भारत के लिए उनका आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच 13 अगस्त 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ़ टी20 था।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टी20 टीम में युवा स्पिनरों की भरमार है और चहल लंबे समय से टीम के बाहर चल रहे हैं। फिर भी, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार मज़बूत रहा है।

हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन को आभार

चहल ने हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, रणबीर सिंह महिंद्रा और अनिरुद्ध सिंह चौधरी को पूरे सफ़र में लगातार सहयोग और विश्वास के लिए विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, '10 साल के बच्चे के तौर पर अपनी पहली रेड बॉल पकड़ने से लेकर अपना आख़िरी फर्स्ट-क्लास गेम खेलने तक, यह एक जबरदस्त सफ़र रहा है।'

आगे की राह: वनडे और टी20 में वापसी की कोशिश

चहल ने स्पष्ट किया कि उनका क्रिकेट करियर यहीं नहीं रुकता। उन्होंने लिखा, 'मैं अभी खत्म नहीं हुआ हूँ। अपने देश के लिए खेलने की भूख अभी भी ज़िंदा है। मुझे लगता है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है, और मैं वन-डे और टी20 फॉर्मेट में एक और मौका पाने के लिए अपना सब कुछ लगा दूंगा।' वे घरेलू क्रिकेट में लिस्ट-ए, टी20 और आईपीएल में सक्रिय रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर टेस्ट टीम के दरवाज़े तक कभी नहीं पहुँच पाता। यह महज़ व्यक्तिगत दुर्भाग्य नहीं — यह चयन नीति पर एक सवाल है कि क्या भारत ने कभी सफेद-गेंद विशेषज्ञों को लाल-गेंद प्रारूप में आज़माने की ज़रूरत समझी। घरेलू क्रिकेट में 148 प्रथम श्रेणी विकेट कोई साधारण संख्या नहीं, फिर भी वह 'टेस्ट स्तर का नहीं' की परिधि में बंधे रहे। 36 साल की उम्र में वनडे-टी20 वापसी की उम्मीद रखना दर्शाता है कि जुनून अभी भी ज़िंदा है — पर चयनकर्ताओं को यह तय करना होगा कि अनुभव और कौशल को कितना और नज़रअंदाज़ करना उचित है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास क्यों लिया?
चहल ने 2 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर घोषणा करते हुए कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट ने उन्हें जीवन की सबसे खूबसूरत यादें दीं, लेकिन अब वे वनडे और टी20 फॉर्मेट पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने टेस्ट कैप न मिलने का अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए भी अपने समग्र सफ़र को संतोषजनक बताया।
चहल का प्रथम श्रेणी करियर कैसा रहा?
चहल ने 2009 में हरियाणा की ओर से मध्य प्रदेश के खिलाफ़ प्रथम श्रेणी पदार्पण किया था। करीब 17 वर्षों के इस करियर में उन्होंने 49 प्रथम श्रेणी मैचों में 148 विकेट लिए और अपना आख़िरी मैच ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला।
चहल ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितने विकेट लिए हैं?
चहल ने 72 वनडे में 121 विकेट और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 96 विकेट लिए हैं। भारत के लिए उनका आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच 13 अगस्त 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ़ टी20 था।
क्या चहल अब पूरी तरह क्रिकेट छोड़ रहे हैं?
नहीं, चहल ने स्पष्ट किया है कि वे प्रथम श्रेणी (रेड-बॉल) क्रिकेट से ही हटे हैं। वे घरेलू लिस्ट-ए, टी20 और आईपीएल में खेलते रहेंगे तथा भारतीय वनडे और टी20 टीम में वापसी की कोशिश भी जारी रखेंगे।
चहल का टेस्ट कैप का सपना क्यों पूरा नहीं हुआ?
चहल को भारतीय टेस्ट टीम में कभी मौका नहीं मिला, हालाँकि उन्होंने घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 148 विकेट लिए। वे मुख्यतः सफेद गेंद विशेषज्ञ के रूप में पहचाने गए और टेस्ट चयन में उनकी अनदेखी होती रही। चहल ने खुद कहा है कि टेस्ट कैप उनका सबसे बड़ा सपना था जो पूरा नहीं हो सका।
राष्ट्र प्रेस
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