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युजवेंद्र चहल: शतरंज छोड़ बने स्पिन के सुल्तान, T20I में 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज

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युजवेंद्र चहल: शतरंज छोड़ बने स्पिन के सुल्तान, T20I में 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज

सारांश

शतरंज में जूनियर विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले युजवेंद्र चहल ने आर्थिक मजबूरी में खेल बदला — और क्रिकेट को ऐसा स्पिनर मिला जिसने 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ 25 रन में 6 विकेट लेकर T20I इतिहास रच दिया।

मुख्य बातें

युजवेंद्र चहल का जन्म 23 जुलाई 1990 को जींद, हरियाणा में हुआ।
चहल ने अंडर-12 नेशनल चैंपियनशिप और विश्व कप अंडर-12 जूनियर चैंपियनशिप जीती, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण शतरंज छोड़ना पड़ा।
1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ 4 ओवर में 25 रन देकर 6 विकेट लेकर वह टी20 इंटरनेशनल में 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने।
72 वनडे में 121 विकेट और 80 टी20 इंटरनेशनल में 96 विकेट चहल के करियर आँकड़े हैं।
चहल भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे स्पिनर हैं।

युजवेंद्र चहल भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी कलाई की जादुई फिरकी से अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों को बार-बार चकमा दिया है। हरियाणा के जींद से निकले इस स्पिनर की कहानी उतनी ही रोचक है जितनी उनकी गेंदबाजी — क्योंकि क्रिकेट से पहले उनकी दुनिया शतरंज की बिसात पर बसती थी। 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ 25 रन देकर 6 विकेट लेकर चहल टी20 इंटरनेशनल में 5 या अधिक विकेट लेने वाले भारत के पहले गेंदबाज बन गए।

शतरंज की बिसात से क्रिकेट के मैदान तक

23 जुलाई 1990 को जींद, हरियाणा में जन्मे चहल को बचपन से ही शतरंज का गहरा शौक था। उन्होंने अंडर-12 नेशनल चैंपियनशिप जीती और विश्व कप अंडर-12 जूनियर चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। शतरंज में उनकी प्रतिभा निर्विवाद थी, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें इस खेल से दूर कर दिया। यह ऐसे समय में आया जब वह जूनियर स्तर पर देश के शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जा रहे थे।

क्रिकेट की राह और पिता की सलाह

शतरंज छोड़ने के बाद चहल ने क्रिकेट को अपना लिया। शुरुआती दिनों में वह खेतों में अभ्यास किया करते थे। दिलचस्प बात यह है कि चहल की शुरुआती इच्छा तेज गेंदबाज बनने की थी, लेकिन उनके पिता की सलाह पर उन्होंने स्पिन गेंदबाजी की राह चुनी — और यह फैसला उनके करियर का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ। महज 19 वर्ष की आयु में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया।

अंतरराष्ट्रीय पदार्पण और ऐतिहासिक उपलब्धि

घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में निरंतर शानदार प्रदर्शन के दम पर 2016 में चहल को भारतीय टीम में जगह मिली। 11 जून 2016 को जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने वनडे और टी20 इंटरनेशनल — दोनों में पदार्पण किया। इसके बाद 1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टी20 मुकाबले में चहल ने 4 ओवर में सिर्फ 25 रन देकर 6 विकेट झटके — यह प्रदर्शन भारतीय टी20 इंटरनेशनल इतिहास में किसी गेंदबाज का पहला 'पंजा' था।

करियर के आँकड़े और रिकॉर्ड

चहल के नाम 72 वनडे मैचों में 121 विकेट दर्ज हैं। 80 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उन्होंने 96 विकेट हासिल किए हैं, जो उन्हें भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे स्पिनर के रूप में स्थापित करता है। दीपक चाहर के बाद भारत की तरफ से टी20 इंटरनेशनल में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी स्पेल का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। शतरंज की बिसात पर रणनीति सीखकर क्रिकेट के मैदान पर उतरे चहल आज भारतीय स्पिन आक्रमण की धुरी बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यवस्था की भी है जहाँ शतरंज जैसे बौद्धिक खेल में प्रतिभा होने के बावजूद आर्थिक संसाधनों के अभाव में करियर नहीं बन पाता। यह विडंबना है कि जूनियर विश्व चैंपियनशिप जीतने वाला खिलाड़ी खेल छोड़ने पर मजबूर हो गया। क्रिकेट को एक असाधारण स्पिनर मिला, लेकिन भारतीय शतरंज ने एक संभावित चैंपियन खो दिया — और यह सवाल आज भी प्रासंगिक है कि गैर-क्रिकेट खेलों में प्रतिभाओं को टिकाए रखने के लिए ढाँचागत समर्थन कहाँ है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

युजवेंद्र चहल टी20 इंटरनेशनल में 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज कैसे बने?
1 फरवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में चहल ने 4 ओवर में सिर्फ 25 रन देकर 6 विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन के साथ वह भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल के एक मैच में 5 या अधिक विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए।
युजवेंद्र चहल ने शतरंज क्यों छोड़ा?
चहल ने जूनियर स्तर पर शतरंज में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंडर-12 नेशनल व विश्व कप जूनियर चैंपियनशिप जीती, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा और उन्होंने क्रिकेट को अपना लिया।
युजवेंद्र चहल का अंतरराष्ट्रीय करियर कब शुरू हुआ?
चहल ने 11 जून 2016 को जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और टी20 इंटरनेशनल — दोनों में पदार्पण किया। IPL और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें 2016 में भारतीय टीम में चुना गया था।
युजवेंद्र चहल के अब तक के करियर आँकड़े क्या हैं?
चहल ने 72 वनडे मैचों में 121 विकेट और 80 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 96 विकेट लिए हैं। वह भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे स्पिनर हैं।
चहल स्पिन गेंदबाज कैसे बने जबकि वह तेज गेंदबाज बनना चाहते थे?
चहल की शुरुआती इच्छा तेज गेंदबाज बनने की थी, लेकिन उनके पिता ने उन्हें स्पिन गेंदबाजी अपनाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने 19 वर्ष की आयु में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और धीरे-धीरे भारत के प्रमुख स्पिनरों में अपनी जगह बनाई।
राष्ट्र प्रेस
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