प्रफुल्ल हिंगे की क्रिकेट यात्रा: पिता का वादा और हार्दिक पांड्या का संदेश

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प्रफुल्ल हिंगे की क्रिकेट यात्रा: पिता का वादा और हार्दिक पांड्या का संदेश

सारांश

प्रफुल्ल हिंगे ने अपने आईपीएल डेब्यू में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट लिए। पिता की प्रेरणा से शुरू हुई उनकी क्रिकेट यात्रा ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया तक पहुँचाया। जानें हार्दिक पांड्या से मिले खास संदेश के बारे में।

Key Takeaways

  • प्रफुल्ल हिंगे का आईपीएल डेब्यू शानदार रहा।
  • पिता का समर्थन और प्रेरणा महत्वपूर्ण है।
  • थोड़ी-बहुत मेहनत से कठिनाइयों को पार किया।
  • हार्दिक पांड्या से मिले विशेष संदेश ने आत्मविश्वास बढ़ाया।
  • प्रफुल्ल का लक्ष्य अपनी टीम के लिए अधिक से अधिक मैच जीतना है।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 21वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदरदाबाद (एसआरएच) के तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे को अपने डेब्यू का मौका मिला, जिसमें उन्होंने पहले ही ओवर में 3 विकेट लिए। पूरे मैच में, हिंगे ने 34 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब दिया गया।

'जियोहॉटस्टरार' के 'टाटा आईपीएल: ड्रीम ऑन' में प्रफुल्ल ने अपनी क्रिकेट यात्रा के बारे में साझा किया कि जब वह छठी कक्षा में थे, तो उन्होंने अपने पिता से कहा कि वह क्रिकेट खेलना चाहते हैं। पिता ने उन्हें समझाया कि वह अभी छोटे हैं और एक साल इंतजार करने को कहा। फिर भी, उन्होंने प्रफुल्ल को एक टेनिस बॉल और बैट दिया।

प्रफुल्ल, जो टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते थे, को यह नहीं पता था कि सीजन बॉल से कैसे खेला जाता है। अगले साल, परीक्षाओं के बाद, उनके पिता ने उन्हें एक समर कैंप में डाल दिया।

प्रफुल्ल ने बताया, "मैंने अपने सभी प्रयासों को खेल में झोंक दिया। तभी मुझे समझ में आया कि तेज गेंदबाजी के लिए अपनी बांह को सही तरीके से घुमाना जरूरी है। पहले मुझे यह नहीं पता था। दो महीने बाद, मेरे पिता ने कहा, 'अब तुम्हारे हाथ में है कि तुम इसे जारी रखना चाहते हो या नहीं।' मैंने कहा, 'मैं खेलना चाहता हूं।' उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे स्कूल, पढ़ाई और क्रिकेट को संतुलित करना होगा, और मैं इसके लिए तैयार था। पहले दिन, उन्होंने मुझे क्लब में छोड़ा, और उसके बाद, मैं खुद ही जाता रहा। वह केवल तब आते थे जब फीस जमा करनी होती थी, लेकिन उनका समर्थन हमेशा मेरे साथ था।"

प्रफुल्ल को एमआरएफ पेस एकेडमी से दो वर्षों से फोन आ रहे थे, लेकिन उन्होंने नहीं गए। अंततः जिस वर्ष वह गए, उस वर्ष उन्हें चोट लगी। वहां के फिजियो ने बताया कि उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर है। हिंगे की रिकवरी पर बहुत ध्यान दिया गया, लेकिन यह सात-आठ महीने बहुत कठिन थे।

प्रफुल्ल को एक सीजन छोड़ना पड़ा और फिर वह वापस आए। अंडर-23 सीजन में उन्होंने 25 से अधिक विकेट लिए। इसके बाद, वह इमर्जिंग इंडिया कैंप का हिस्सा बने। जब प्रफुल्ल एमआरएफ एकेडमी गए, तो पता चला कि हर साल 2 खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता है। प्रफुल्ल ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए बहुत उत्सुक थे, इसलिए उन्होंने घरेलू सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया और अपने सपने को पूरा किया।

प्रफुल्ल ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया में गेंदबाजी करना एक अद्भुत अनुभव था। मैं जोश हेजलवुड का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं, इसलिए उनसे मिलना मेरे लिए खास था। मैंने झाय रिचर्डसन से भी मुलाकात की। मैंने उनसे फिटनेस, सीजन के दौरान खुद को कैसे प्रबंधित करें, ट्रेनिंग रूटीन और डाइट के बारे में पूछा। यह मेरे लिए सीखने का एक बड़ा अनुभव था।"

विजय हजारे ट्रॉफी में हार्दिक पांड्या के खिलाफ गेंदबाजी के दौरान प्रफुल्ल ने कहा, "जब मैं उन्हें गेंदबाजी कर रहा था, तो मैं बहुत घबराया हुआ था, क्योंकि सभी जानते हैं कि हार्दिक भाई कितने अच्छे बल्लेबाज हैं। लेकिन पहली गेंद के बाद, मेरी घबराहट दूर हो गई। मैंने खुद से कहा कि मैं बिना किसी दबाव के गेंदबाजी कर सकता हूं। मैंने अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंद डालने की कोशिश की। यॉर्कर मेरी पसंदीदा गेंदें हैं। मैंने उन्हें अच्छी यॉर्कर डालीं और थोड़ी-बहुत बाउंसर भी। एक रन लेने के बाद, वह मेरे पास आए और कहा, 'प्रफुल भाई, बहुत बढ़िया गेंदबाजी।' इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया। मैच के बाद, मैंने उनसे फिर मुलाकात की और उन्होंने कहा, 'आप बहुत अच्छा कर रहे हैं, बस ऐसे ही करते रहो। मैं आपसे आईपीएल में मिलूंगा।"

आईपीएल 2026 के ऑक्शन में एसआरएच द्वारा चुने जाने पर प्रफुल्ल ने कहा, "मुझे बहुत खुशी हुई। जब ऑक्शन चल रहा था, तब मैं घर पर नहीं था। जैसे ही मैं घर वापस आया, मेरे फोन और परिवार के फोन बजने लगे, तब मुझे एहसास हुआ कि मेरा चयन हो गया है। जब मैं घर पहुंचा, तो देखा कि मेरे सभी दोस्त और भाई-बहन वहां थे। मेरे मम्मी-पापा भी बहुत खुश थे।"

प्रफुल्ल बताते हैं कि उन्होंने आईपीएल 2026 के लिए कोई खास तैयारी नहीं की है। जब भी वह कोई मैच देखते हैं, तो खुद से पूछते हैं कि 'अगर उस स्थिति में होते, तो क्या करते?'

प्रफुल्ल का पहला लक्ष्य निश्चित रूप से जीतना और ट्रॉफी उठाना है। दूसरा, अगर उन्हें मौका मिलता है, तो वह अपनी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतने की कोशिश करना और अपना शत प्रतिशत देना चाहते हैं। इसके अलावा, प्रफुल्ल आईपीएल में सबसे अच्छे कैच में से एक लेना चाहते हैं। 'बेस्ट फील्डर' का अवॉर्ड जीतने भी उनका लक्ष्य है।

Point of View

जुनून और मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रफुल्ल हिंगे ने आईपीएल में कब डेब्यू किया?
प्रफुल्ल हिंगे ने आईपीएल 2026 में अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया।
प्रफुल्ल हिंगे के पिता ने उन्हें किस तरह से प्रेरित किया?
प्रफुल्ल के पिता ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए पहले एक साल इंतजार करने को कहा, लेकिन उन्होंने टेनिस बॉल से खेलने की अनुमति दी।
प्रफुल्ल को ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका कब मिला?
प्रफुल्ल को एमआरएफ एकेडमी के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका मिला।
हार्दिक पांड्या ने प्रफुल्ल को क्या कहा?
हार्दिक पांड्या ने प्रफुल्ल की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत अच्छा कर रहे हैं।
प्रफुल्ल का पहला लक्ष्य क्या है?
प्रफुल्ल का पहला लक्ष्य ट्रॉफी जीतना और अपनी टीम के लिए अधिक से अधिक मैच जीतना है।
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