अफगान शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा तय, 5 जुलाई को लॉर्ड्स में ICC T20 विश्व कप फाइनल में होंगी शामिल

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अफगान शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा तय, 5 जुलाई को लॉर्ड्स में ICC T20 विश्व कप फाइनल में होंगी शामिल

सारांश

तालिबान के खेल प्रतिबंध के बाद विस्थापित अफगान महिला क्रिकेटर्स अब इंग्लैंड के ऐतिहासिक दौरे पर जाएंगी और 5 जुलाई को लॉर्ड्स में ICC महिला T20 विश्व कप 2026 के फाइनल में शामिल होंगी — यह दौरा क्रिकेट के मैदान से कहीं बड़ी लड़ाई का प्रतीक है।

मुख्य बातें

ECB अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम की मेजबानी करेगा — यह एक ऐतिहासिक दौरा है।
खिलाड़ी 5 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में ICC महिला T20 विश्व कप 2026 के फाइनल में शामिल होंगी।
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में महिलाओं पर खेल प्रतिबंध लागू है।
टीम के 20 से अधिक सदस्य ऑस्ट्रेलिया में बस चुके हैं; पहला प्रतिस्पर्धी मैच जनवरी 2025 में मेलबर्न में खेला गया।
ICC ने ECB , क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और BCCI के सहयोग से विस्थापित खिलाड़ियों के लिए टास्क फोर्स और विशेष कोष की स्थापना की है।
अप्रैल 2026 में फीफा ने भी अफगान महिला फुटबॉल टीम की अंतरराष्ट्रीय वापसी को मंजूरी दी।

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम की मेजबानी करेगा — एक ऐतिहासिक दौरे में जो खेल और मानवीय संघर्ष दोनों का प्रतीक है। 5 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले ICC महिला T20 विश्व कप के फाइनल मैच में भी ये खिलाड़ी उपस्थित रहेंगी। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में महिलाओं पर खेल प्रतिबंध लागू है, जिसके चलते यह दौरा विशेष महत्व रखता है।

दौरे का कार्यक्रम और साझेदारी

मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) और MCC फाउंडेशन के बीच हुई साझेदारी के अंतर्गत इस दौरे की रूपरेखा तैयार की गई है। कार्यक्रम में टीम के लिए उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण सत्र और T20 मैच शामिल हैं। यह आयोजन 'इट्स गेम ऑन' संस्था के सहयोग से संभव हुआ है, जो विस्थापित खिलाड़ियों को खेल के माध्यम से पुनः जोड़ने का काम करती है।

खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि और संघर्ष

2021 के बाद से अफगानिस्तान की महिला क्रिकेट टीम के 20 से अधिक सदस्य ऑस्ट्रेलिया में बस चुके हैं। इन खिलाड़ियों ने जनवरी 2025 में मेलबर्न में अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेला था। इसके अलावा, पिछले वर्ष भारत में आयोजित महिला वनडे विश्व कप के दौरान भी ये खिलाड़ी मौजूद रही थीं — यानी यह टीम धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिदृश्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती जा रही है।

ECB की प्रतिक्रिया

इंग्लैंड महिला क्रिकेट की प्रबंध निदेशक क्लेयर कॉनर ने कहा, "साल 2021 में अफगानिस्तान से विस्थापित होने के बाद से, इन खिलाड़ियों ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी क्रिकेट यात्रा जारी रखने में असाधारण दृढ़ता दिखाई है।" उन्होंने आगे कहा, "हमें इस बात की भी बेहद खुशी है कि यह टीम ICC महिला T20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में शामिल होगी। क्रिकेट की यह जिम्मेदारी है कि वह सभी को शामिल करने और अवसर प्रदान करने के मूल्यों के साथ खड़ा हो।"

ICC और अंतरराष्ट्रीय समर्थन

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पिछले वर्ष विस्थापित अफगान महिला क्रिकेटर्स की सहायता के लिए एक विशेष टास्क फोर्स की घोषणा की थी। इसमें ECB, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का सहयोग शामिल था। खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता देने के लिए एक विशेष कोष भी स्थापित किया गया था, हालांकि इसका दीर्घकालिक भविष्य अभी भी अनिश्चित बताया जा रहा है।

व्यापक खेल परिदृश्य

गौरतलब है कि अफगानिस्तान ICC का पूर्ण सदस्य बना हुआ है, जिसके नियमों के अनुसार राष्ट्रीय बोर्ड को महिला टीमें मैदान में उतारना अनिवार्य है। महिला टीम न होने के बावजूद, अफगानिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम ने अपना टेस्ट दर्जा बरकरार रखा है — एक विरोधाभास जो ICC की नीतियों पर सवाल खड़े करता है। इसी क्रम में, अप्रैल 2026 में फीफा ने अफगानिस्तान की महिला फुटबॉल टीम की अंतरराष्ट्रीय खेलों में वापसी को मंजूरी दी, जिसे निर्वासित खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। यह दौरा उस व्यापक आंदोलन का हिस्सा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएँ विस्थापित अफगान महिला एथलीटों को मंच देने की कोशिश कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक असुविधाजनक सच भी है — अफगानिस्तान का पुरुष क्रिकेट बोर्ड ICC की उस अनिवार्यता का उल्लंघन करते हुए टेस्ट दर्जा बनाए हुए है, जिसके तहत महिला टीम का होना जरूरी है। ICC का टास्क फोर्स और कोष स्वागत योग्य कदम हैं, परंतु इनका दीर्घकालिक भविष्य अनिश्चित बताया जा रहा है — जो यह सवाल उठाता है कि क्या यह ठोस नीतिगत बदलाव है या केवल सहानुभूति-प्रेरित प्रतीकात्मक कदम। जब तक ICC अपने सदस्यता नियमों को वास्तविक परिणामों से नहीं जोड़ता, ये खिलाड़ी प्रेरणा की कहानी तो बनती रहेंगी — लेकिन अपने देश की आधिकारिक टीम नहीं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगानिस्तान की शरणार्थी महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा क्या है?
यह ECB द्वारा आयोजित एक ऐतिहासिक दौरा है, जिसमें 2021 में तालिबान शासन के बाद विस्थापित हुई अफगान महिला क्रिकेटर्स को उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण सत्र और T20 मैच खेलने का अवसर मिलेगा। MCC और MCC फाउंडेशन की साझेदारी में यह कार्यक्रम तैयार किया गया है।
ये खिलाड़ी ICC महिला T20 विश्व कप 2026 में कैसे शामिल होंगी?
इंग्लैंड दौरे के दौरान, ये खिलाड़ी 5 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले ICC महिला T20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में दर्शक और प्रतिभागी के रूप में शामिल होंगी। यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वोच्च मंच से जुड़ने का अवसर होगा।
2021 के बाद से अफगान महिला क्रिकेटर्स कहाँ हैं?
2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से टीम के 20 से अधिक सदस्य ऑस्ट्रेलिया में बस गए हैं। उन्होंने जनवरी 2025 में मेलबर्न में अपना पहला प्रतिस्पर्धी मैच खेला और पिछले वर्ष भारत में महिला वनडे विश्व कप के दौरान भी उपस्थित रहीं।
ICC ने अफगान महिला क्रिकेटर्स के लिए क्या कदम उठाए हैं?
ICC ने ECB, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और BCCI के सहयोग से एक विशेष टास्क फोर्स और आर्थिक सहायता कोष की स्थापना की है। हालांकि, इस कोष का दीर्घकालिक भविष्य अभी भी अनिश्चित बताया जा रहा है।
अफगानिस्तान का ICC सदस्यता और महिला क्रिकेट प्रतिबंध का क्या संबंध है?
अफगानिस्तान ICC का पूर्ण सदस्य है, जिसके नियमों के तहत राष्ट्रीय बोर्ड को महिला टीमें मैदान में उतारना अनिवार्य है। बावजूद इसके, महिला टीम न होने के बावजूद अफगानिस्तान की पुरुष टीम ने अपना टेस्ट दर्जा बरकरार रखा है — यह ICC की नीति-क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
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