एशियन गेम्स 2026: अनीश भनवाला 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल फाइनल में सातवें, भारत का शूटिंग अभियान 15 मेडल के साथ समाप्त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय निशानेबाज़ अनीश भनवाला एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार, 1 अक्टूबर को आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी, नागोया में पुरुषों के 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल व्यक्तिगत फाइनल में सातवें स्थान पर रहे। इस परिणाम के साथ भारत का शूटिंग अभियान आधिकारिक रूप से 3 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 15 पदकों के साथ समाप्त हो गया।
अनीश कैसे पहुँचे फाइनल में
अनीश ने क्वालिफिकेशन राउंड में 576-17x का स्कोर दर्ज कर नौवाँ स्थान हासिल किया था। सामान्यतः यह स्थान फाइनल के लिए पर्याप्त नहीं होता, लेकिन दक्षिण कोरिया के तीन शूटर शीर्ष आठ में थे और प्रति एनओसी (राष्ट्रीय ओलंपिक समिति) केवल दो निशानेबाज़ों को फाइनल में भाग लेने की अनुमति होती है। इस नियम के चलते एक कोरियाई शूटर बाहर हो गया और अनीश के लिए आठवाँ तथा अंतिम क्वालिफाइंग स्थान स्वतः उपलब्ध हो गया।
फाइनल में टाई और 'काउंटबैक' का असर
फाइनल में अनीश का स्कोर अन्य कई शूटर्स के साथ 11 पर बराबर रहा। हालाँकि, 'काउंटबैक' नियम के अनुसार क्वालिफिकेशन में उनकी रैंकिंग तुलनात्मक रूप से कम थी, जिसके कारण वे समान स्कोर पर भी आगे नहीं निकल सके और अंततः सातवें स्थान पर रहे। यह एक ऐसा परिणाम है जो तकनीकी नियमों की महत्ता को रेखांकित करता है।
पिस्टल शूटर्स का समग्र प्रदर्शन
आइची-नागोया में भारतीय पिस्टल निशानेबाज़ों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत निराशाजनक रहा। वे कुल 15 पदकों में से केवल 2 पदक ही जीत पाए — महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक। गौरतलब है कि पिस्टल वर्ग से अधिक योगदान की उम्मीद थी।
सेपकटकरा में भारत का मेडल पक्का
शूटिंग के बाहर भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। भारत की पुरुष क्वाड्रेंट सेपकटकरा टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया और मेडल पक्का कर लिया है। टीम ने म्यांमार के खिलाफ पहला गेम 15-10 से गँवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए अगले दो गेम 15-13 और 15-7 से जीते। इस प्रकार भारत ने 2-1 से मैच जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया। इससे पहले टीम ने लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक और वियतनाम को भी हराया था।
कैनो स्लैलम में शिखा चौहान का प्रदर्शन
कैनो स्लैलम स्पर्धा में शिखा चौहान महिलाओं की कयाक सिंगल फाइनल में सातवें स्थान पर रहीं। आठ फाइनलिस्टों के बीच उन्होंने 193.31 सेकंड का समय लिया। भारत के लिए यह एक अनुभव-संचय का अवसर रहा, जो भविष्य की प्रतियोगिताओं में काम आएगा।