क्या अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने कबक यानो को माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ाई के लिए बधाई दी?

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क्या अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने कबक यानो को माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ाई के लिए बधाई दी?

सारांश

अरुणाचल प्रदेश की पर्वतारोही कबक यानो ने माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक ने उनके साहस की प्रशंसा की और इसे युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। जानिए इस अद्वितीय उपलब्धि के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

कबक यानो ने माउंट एल्ब्रुस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
यह चढ़ाई रूस और यूरोप की सबसे ऊँची चोटी है।
राज्यपाल ने यानो के साहस की प्रशंसा की।
कबक यानो ने पहले माउंट किलिमंजारो पर भी चढ़ाई की थी।
वह अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही हैं जिन्होंने एवरेस्ट पर विजय हासिल की।

ईटानगर, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) ने रविवार को पर्वतारोही कबक यानो को रूस और यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने के लिए बधाई दी।

राजभवन के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि यानो ने 16 अगस्त को सुबह 5.20 बजे (रूसी समयानुसार) इस शिखर पर सफलता से कदम रखा। राज्यपाल ने यानो को सेवन समिट्स चैलेंज के लिए रवाना किया था। उन्होंने उनके साहस और संकल्प पर गर्व व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि वह इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करेंगी।

लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह असाधारण उपलब्धि अरुणाचल की सच्ची भावना को दर्शाती है और विशेषकर युवतियों के लिए साहस और धैर्य के साथ चुनौतियों को अपनाने की प्रेरणा बनेगी।

अधिकारी ने बताया कि कॉकस पर्वत श्रृंखला (दक्षिण-पश्चिम रूस, जॉर्जिया सीमा के पास) में स्थित माउंट एल्ब्रुस 18,510 फीट ऊंचा एक सुप्त ज्वालामुखी है। यह यूरोप का सबसे ऊंचा पर्वत और यूरेशिया का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी है तथा विश्व की 10 सबसे प्रमुख चोटियों में गिना जाता है। एल्ब्रुस की चढ़ाई सेवन समिट्स चैलेंज की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है, जिसमें हर महाद्वीप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर चढ़ाई शामिल है।

इससे पहले, 26 वर्षीय कबक यानो ने 4 अगस्त को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी और सेवन समिट्स में से एक, माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।

कबक यानो का जन्म 5 सितंबर 1999 को अरुणाचल प्रदेश में हुआ। उन्होंने 21 मई 2024 को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया था। वह अरुणाचल प्रदेश की पांचवीं महिला पर्वतारोही और न्याशी समुदाय की पहली महिला बनीं, जिन्होंने एवरेस्ट पर विजय हासिल की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि कबक यानो की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनके साहस और दृढ़ संकल्प ने न केवल युवा महिलाओं को प्रेरित किया है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय पर्वतारोहियों की क्षमता और प्रतिभा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर रही है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कबक यानो ने माउंट एल्ब्रुस पर कब चढ़ाई की?
कबक यानो ने माउंट एल्ब्रुस पर 16 अगस्त को सुबह 5.20 बजे चढ़ाई की।
माउंट एल्ब्रुस की ऊँचाई कितनी है?
माउंट एल्ब्रुस की ऊँचाई 18,510 फीट है।
कबक यानो ने पहले कौन सी चोटी पर चढ़ाई की थी?
कबक यानो ने पहले 4 अगस्त को माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई की थी।
कबक यानो का जन्म कब हुआ?
कबक यानो का जन्म 5 सितंबर 1999 को हुआ।
कबक यानो ने माउंट एवरेस्ट कब फतह किया?
कबक यानो ने माउंट एवरेस्ट को 21 मई 2024 को फतह किया।
राष्ट्र प्रेस
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