एशेज 2027 में हेडिंग्ले बाहर: स्टोक्स ने फैसले को बताया 'बेतुका', रूट भी नाराज
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने 22 अगस्त 2026 को मेंस एशेज 2027 के शेड्यूल से हेडिंग्ले को बाहर रखने के फैसले को 'बेतुका' करार दिया। उत्तरी इंग्लैंड में एक भी एशेज मुकाबला न होने पर क्रिकेट जगत में आलोचनाओं का सिलसिला तेज हो गया है, जिसमें खिलाड़ी और विशेषज्ञ दोनों एक सुर में बोल रहे हैं।
स्टोक्स की प्रतिक्रिया
स्टोक्स ने एशेज शेड्यूल पर चर्चा करने वाली एक पोस्ट के जवाब में अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'शर्मनाक कहना कम होगा। बेतुका कहना ज्यादा सही रहेगा। हालांकि, यह जीत शानदार रही।' यह टिप्पणी उन्होंने लीड्स में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड की एक पारी और 103 रन से जीत के संदर्भ में की।
ईसीबी का शेड्यूल और विवाद
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने घोषणा की थी कि एशेज 2027 के मुकाबले ट्रेंट ब्रिज, लॉर्ड्स, एजबेस्टन, रोज बाउल और ओवल में खेले जाएंगे। इस आवंटन से हेडिंग्ले और ओल्ड ट्रैफर्ड — दोनों ऐतिहासिक उत्तरी मैदान — शेड्यूल से बाहर हो गए। गौरतलब है कि दोनों वेन्यू को 2031 की एशेज सीरीज में शामिल किया जाना है, लेकिन 2027 में बाहर किए जाने से व्यापक नाराजगी है।
रूट और बुचर की आपत्ति
हाल ही में नियुक्त टेस्ट कप्तान जो रूट ने उत्तरी वेन्यू को बाहर करने को 'शर्मनाक' बताया और हेडिंग्ले में इंग्लैंड के शानदार प्रदर्शन का हवाला दिया, जहाँ टीम ने लगातार सात टेस्ट जीते हैं। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्क बुचर ने भी तीसरे दिन के प्रसारण के दौरान इस फैसले पर सवाल उठाए।
बुचर ने कहा, 'मेरा मानना है कि हैम्पशायर के सबसे बड़े समर्थक को छोड़कर ज्यादातर लोग इस बात से सहमत होंगे कि एशेज जैसी बड़ी सीरीज में देश के हर हिस्से को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। जब इस खेल को पूरे देश का खेल बताया जाता है, तो इंग्लैंड के उत्तरी हिस्से में भी कम से कम एक मैच होना चाहिए। चाहे मैच हेडिंग्ले में हो या ओल्ड ट्रैफर्ड में, इसका फैसला संबंधित अधिकारी करेंगे। हालांकि, मुझे यह हैरान करने वाला लगता है कि अगले साल ट्रेंट ब्रिज को छोड़कर इंग्लैंड के उत्तर में कहीं भी एशेज मैच नहीं खेला जाएगा।'
आम जनता और क्रिकेट प्रेमियों पर असर
उत्तरी इंग्लैंड के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह निर्णय निराशाजनक है, क्योंकि हेडिंग्ले और ओल्ड ट्रैफर्ड इस क्षेत्र की क्रिकेट संस्कृति के केंद्र रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस फैसले से एशेज को 'राष्ट्रीय सीरीज' कहने का दावा कमजोर पड़ता है।
आगे क्या
ईसीबी ने अभी तक इस आलोचना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों उत्तरी मैदानों को 2031 की एशेज में शामिल किए जाने की योजना है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि क्या बढ़ते दबाव में ईसीबी 2027 शेड्यूल पर पुनर्विचार करता है।