29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स 2026: आशिमा अहलावत ने ट्रैप टीम इवेंट में जीता सिल्वर, बोलीं — 'सफर पूरा हुआ'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स 2026: आशिमा अहलावत ने ट्रैप टीम इवेंट में जीता सिल्वर, बोलीं — 'सफर पूरा हुआ'

सारांश

महज 5 साल की शूटिंग यात्रा में आशिमा अहलावत ने एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीत लिया। नीरू ढांडा और मनीषा कीर के साथ मिलकर भारतीय तिकड़ी ने 328 स्कोर के साथ यह पदक हासिल किया। प्रतिकूल मौसम को भारतीय शूटरों ने अपनी ताकत बना लिया।

मुख्य बातें

आशिमा अहलावत , नीरू ढांडा और मनीषा कीर ने एशियन गेम्स 2026 में महिला ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता।
भारतीय टीम का कुल स्कोर 328 रहा; चीन ने 346 के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 के साथ ब्रॉन्ज जीता।
आशिमा अहलावत ने 2021 में शूटिंग शुरू की, 2023 में जूनियर और 2025 में सीनियर टीम में जगह बनाई।
प्रतिकूल मौसम भारतीय टीम के पक्ष में रहा, क्योंकि घरेलू ट्रेनिंग में ऐसी परिस्थितियाँ आम हैं।
आशिमा इससे पहले एशियन चैंपियनशिप में व्यक्तिगत कांस्य और टीम स्वर्ण भी जीत चुकी हैं।

भारतीय शूटर आशिमा अहलावत ने 29 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के महिला शूटिंग ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। आइची-नागोया खेलों में आशिमा अहलावत, नीरू ढांडा और मनीषा कीर की तिकड़ी ने 328 के कुल स्कोर के साथ यह पदक भारत की झोली में डाला। महज पाँच साल की शूटिंग यात्रा में एशियाई खेलों का पदक जीतना आशिमा के लिए किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है।

मुकाबले का घटनाक्रम

आइची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में खेले गए इस मुकाबले में चीन ने 346 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कुवैत ने 325 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया, जबकि भारतीय तिकड़ी ने 328 अंकों के साथ रजत पर कब्जा जमाया। गौरतलब है कि यह मुकाबला मुश्किल मौसम की परिस्थितियों में खेला गया, जिसने कई प्रतिद्वंद्वी टीमों के प्रदर्शन को प्रभावित किया।

मौसम बना भारत का सहयोगी

आशिमा ने स्पष्ट किया कि प्रतिकूल मौसम उनके लिए बाधा नहीं, बल्कि अवसर साबित हुआ। उन्होंने कहा, 'बेशक, क्योंकि हम भारत में बारिश में शूटिंग करने के आदी हैं। हमारे सिलेक्शन ट्रायल भी ऐसे ही हालात में होते हैं और हमारी ट्रेनिंग भी। इसलिए, इससे हमें कोई खास फर्क नहीं पड़ा। इस मौसम की वजह से हम घबराए नहीं। कई देशों को इसकी उम्मीद नहीं थी। हमने इस मौसम में भी अच्छा प्रदर्शन किया और हमें सिल्वर मेडल मिला।' यह टिप्पणी इस तथ्य को रेखांकित करती है कि भारतीय घरेलू शूटिंग सर्किट की कठिन परिस्थितियाँ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अनोखी बढ़त देती हैं।

आशिमा की उल्लेखनीय यात्रा

आशिमा अहलावत ने 2021 में शूटिंग की शुरुआत की और महज दो वर्षों के भीतर 2023 में जूनियर भारतीय शूटिंग टीम में जगह बना ली। 2023 और 2024 में जूनियर स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद वह 2025 में सीनियर टीम में शामिल हुईं। इससे पहले वह एशियन चैंपियनशिप में व्यक्तिगत कांस्य और टीम स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं।

मेडल पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए आशिमा ने कहा, 'यह मेडल मेरे लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि जब मैंने शूटिंग शुरू की थी, तो हमेशा एशियन गेम्स की टीम में शामिल होकर मेडल जीतना चाहती थी। इसलिए, जब मुझे यह मेडल मिला, तो यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा हो गया है। यह एहसास बहुत अच्छा है। ऐसा लगता है जैसे सफर पूरा हो गया है।'

प्रतिस्पर्धा और रणनीति

आशिमा ने बताया कि भारतीय टीम पिछले 1-2 दिनों से कतर और कुवैत के साथ कड़ी टक्कर में थी। मुकाबले के दिन मौसम ने पासा पलट दिया और भारतीय शूटरों ने अपनी घरेलू प्रशिक्षण की बदौलत इन परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, 'हम पिछले 1-2 दिनों से कतर और कुवैत के साथ मुकाबला कर रहे थे। आज के मौसम ने हमारी बहुत मदद की। दूसरे देश इस मौसम में टिक नहीं पाए। हमने इस मौसम का सामना किया और ब्रॉन्ज से सिल्वर मेडल तक का सफर तय किया।'

आगे की राह

इस सिल्वर पदक के साथ आशिमा अहलावत भारतीय महिला शूटिंग की नई उम्मीद बनकर उभरी हैं। केवल 5 वर्षों की शूटिंग यात्रा में एशियाई खेलों का पदक जीतना यह संकेत देता है कि भारतीय शूटिंग का भविष्य उज्ज्वल है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनसे और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय शूटिंग के बदलते परिदृश्य की है — जहाँ घरेलू प्रशिक्षण की कठिन परिस्थितियाँ अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़त दे रही हैं। केवल 5 वर्षों में जूनियर से सीनियर और फिर एशियाई खेलों के पोडियम तक का सफर यह साबित करता है कि भारत की शूटिंग पाइपलाइन गहरी होती जा रही है। हालांकि, असली सवाल यह है कि क्या इन प्रतिभाओं को ओलंपिक चक्र में भी उसी निरंतरता और संसाधन सहयोग के साथ तैयार किया जाएगा — क्योंकि एशियाई पदक और ओलंपिक पदक के बीच की खाई को पाटने के लिए सिर्फ प्रतिभा नहीं, एक सुनियोजित दीर्घकालिक रणनीति चाहिए।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला ट्रैप टीम ने क्या हासिल किया?
भारत की महिला ट्रैप टीम — आशिमा अहलावत, नीरू ढांडा और मनीषा कीर — ने 29 सितंबर 2026 को नागोया में 328 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता। चीन ने 346 के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 के साथ ब्रॉन्ज जीता।
आशिमा अहलावत कौन हैं और उन्होंने शूटिंग कब शुरू की?
आशिमा अहलावत एक युवा भारतीय शूटर हैं जिन्होंने 2021 में शूटिंग शुरू की। 2023 में वह जूनियर भारतीय टीम में शामिल हुईं और 2025 में सीनियर टीम में जगह बनाई। इससे पहले वह एशियन चैंपियनशिप में व्यक्तिगत कांस्य और टीम स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं।
मुश्किल मौसम का भारतीय टीम के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ा?
प्रतिकूल मौसम भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ। आशिमा के अनुसार, भारतीय शूटर घरेलू सिलेक्शन ट्रायल और ट्रेनिंग के दौरान ऐसी परिस्थितियों के आदी होते हैं, इसलिए वे घबराए नहीं जबकि कई अन्य देश इस मौसम में टिक नहीं पाए।
भारतीय टीम किन देशों से प्रतिस्पर्धा में थी?
मुकाबले के दौरान भारतीय टीम मुख्य रूप से कतर और कुवैत के साथ कड़ी टक्कर में थी। अंततः कुवैत ने 325 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया, जबकि भारत 328 के स्कोर के साथ रजत पर रहा।
आशिमा अहलावत का अब तक का शूटिंग करियर कैसा रहा है?
आशिमा ने 2021 में शूटिंग शुरू की और महज चार वर्षों में एशियन चैंपियनशिप में व्यक्तिगत कांस्य, टीम स्वर्ण और अब एशियन गेम्स 2026 में टीम सिल्वर जीत लिया। यह तेज़ी से आगे बढ़ने का सफर भारतीय महिला शूटिंग के लिए उत्साहजनक संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. 6 घंटे पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 6 दिन पहले
  7. 6 दिन पहले
  8. 6 दिन पहले