अश्विन का ICC को सुझाव: नेपाल, अमेरिका, आयरलैंड जैसी टीमों को चाहिए ज़्यादा अहम मैच
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा 2027 वनडे विश्व कप और 2028 टी20 विश्व कप के लिए घोषित नए फॉर्मेट का स्वागत करते हुए कहा है कि सिर्फ टूर्नामेंट संरचना में बदलाव से उभरती क्रिकेट टीमों का वास्तविक विकास नहीं होगा। 16 जुलाई को अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में अश्विन ने स्पष्ट किया कि नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी एसोसिएट टीमों को केवल क्वालिफिकेशन इवेंट तक सीमित रखना क्रिकेट के वैश्विक विस्तार के लिए पर्याप्त नहीं है।
ICC के नए फॉर्मेट में क्या बदला
ICC ने अपने दो प्रमुख व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के ढाँचे में व्यापक बदलाव की घोषणा की है। 2027 वनडे विश्व कप में तीन-चरणीय प्रारूप अपनाया जाएगा — पहले 'सुपर सीरीज़' चरण, फिर ग्रुप स्टेज, उसके बाद 'सुपर 7' राउंड, और अंत में नॉकआउट मुकाबले। वहीं, 2028 टी20 विश्व कप में 20 टीमें भाग लेंगी, जो पाँच ग्रुप में बँटेंगी। सफल टीमें 'सुपर 10' चरण में पहुँचेंगी, और सेमीफाइनल से पूर्व एक एलिमिनेटर राउंड खेला जाएगा।
अश्विन की मुख्य आपत्ति
अश्विन ने एक्स पर लिखा, "प्रतिस्पर्धा के नज़रिए से 2027 वनडे विश्व कप और टी20 विश्व कप 2028 के फिक्स्चर फॉर्मेट में ICC के बदलाव सही लगते हैं। हालाँकि, अगर अंतिम लक्ष्य खेल को आगे बढ़ाना है, तो उभरते हुए देशों के लिए एक मज़बूत रास्ता बनाने की ज़रूरत है।" उन्होंने तर्क दिया कि 'फुल मेंबर' और 'एसोसिएट' देशों के बीच की खाई केवल टूर्नामेंट सुधारों से नहीं पाटी जा सकती।
एसोसिएट टीमों के लिए क्या सुझाया
अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को द्विपक्षीय सीरीज़ में तीसरी टीम के रूप में शामिल करने जैसे नवाचारों पर विचार होना चाहिए। उनका कहना था कि इन टीमों को "सिर्फ क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि और ज़्यादा अहम मैचों की ज़रूरत है।" यह सुझाव उस व्यापक बहस का हिस्सा है जो क्रिकेट समुदाय में लंबे समय से चल रही है।
ओलंपिक कनेक्शन और आगे की राह
अश्विन ने ज़ोर देकर कहा कि ओलंपिक में क्रिकेट की सफल वापसी के लिए केवल कुछ बड़ी टीमों का दबदबा काफी नहीं होगा — पूरे क्रिकेट जगत का सामूहिक विकास आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में शामिल होने की तैयारी कर रहा है और ICC वैश्विक विस्तार को अपनी प्राथमिकता बता रही है। गौरतलब है कि एसोसिएट टीमों के लिए मैच अवसरों की कमी का मुद्दा क्रिकेट विशेषज्ञ वर्षों से उठाते रहे हैं, लेकिन ठोस नीतिगत बदलाव अब तक सीमित रहे हैं। अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ी की यह आवाज़ ICC पर नीति-निर्माण के स्तर पर दबाव बढ़ा सकती है।