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टी20 क्रिकेट की छोटी अवधि ही इसे वैश्विक और ओलंपिक खेल बनाएगी: रविचंद्रन अश्विन

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टी20 क्रिकेट की छोटी अवधि ही इसे वैश्विक और ओलंपिक खेल बनाएगी: रविचंद्रन अश्विन

सारांश

अश्विन का संदेश साफ है — टी20 क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है, वनडे का नहीं। ईटीपीएल 2026 के मंच से उन्होंने कहा कि फॉर्मेट की छोटी अवधि ही इसे ओलंपिक और वैश्विक बाज़ारों तक ले जाने का सबसे असरदार ज़रिया है।

मुख्य बातें

रविचंद्रन अश्विन ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ईटीपीएल 2026 प्लेयर ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में टी20 को क्रिकेट का भविष्य बताया।
अश्विन डबलिन गार्डियंस के कप्तान और मेंटर के रूप में यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) 2026 में हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टी20 की छोटी अवधि ही इसे नए बाज़ारों में क्रिकेट फैलाने और ओलंपिक खेलों में वापसी का आदर्श माध्यम बनाती है।
वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर अश्विन ने स्पष्ट अनिश्चितता जताई।
अश्विन ने आयरलैंड के खिलाफ भारत की हालिया टी20 सीरीज का उदाहरण देते हुए खिलाड़ियों की अनुकूलन क्षमता पर ज़ोर दिया।

भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट कहा कि टी20 क्रिकेट ही इस खेल के भविष्य की नींव है — और इस फॉर्मेट की छोटी अवधि ही इसे दुनिया भर में फैलाने और ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी का सबसे कारगर माध्यम बनाती है। साथ ही उन्होंने वनडे फॉर्मेट के भविष्य को लेकर अनिश्चितता जताई।

मुख्य घटनाक्रम

यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) 2026 के प्लेयर ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में अश्विन ने ये विचार साझा किए। वे इस टूर्नामेंट में डबलिन गार्डियंस के कप्तान और मेंटर की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि क्रिकेट को इस तरह से सीखना चाहिए कि आप हर दिन बेहतर होते जाएं। आपको संतुलन बनाने में सक्षम होना चाहिए।'

अश्विन ने आयरलैंड के खिलाफ भारत की हालिया टी20 सीरीज का उदाहरण देते हुए समझाया कि बाहरी परिस्थितियाँ सबसे छोटे फॉर्मेट पर गहरा असर डाल सकती हैं, और इसीलिए खिलाड़ियों को निरंतर खुद को बदलते रहना पड़ता है।

टी20 और वैश्विक विस्तार

अश्विन का तर्क है कि जब नए बाज़ारों में क्रिकेट की पहुँच बढ़ाने की बात आती है, तो टी20 सबसे व्यावहारिक और प्रभावी विकल्प है। उनके शब्दों में, 'हमारा काम टी20 क्रिकेट को और बेहतर बनाने के तरीके ढूंढना है और इसे वैश्विक खेल और ओलंपिक खेल बनाना है। फॉर्मेट जितना छोटा होगा, उतना ही फायदेमंद होगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी तय हो चुकी है और दुनिया भर में फ्रेंचाइजी लीगों का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। गौरतलब है कि ईटीपीएल जैसी लीगें यूरोप जैसे गैर-पारंपरिक बाज़ारों में क्रिकेट की जड़ें जमाने की कोशिश का हिस्सा हैं।

वनडे के भविष्य पर संशय

अश्विन ने साफ़ कहा कि टी20 के भविष्य को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट को लेकर उनके मन में कोई निश्चितता नहीं है। यह बयान क्रिकेट जगत में उस बहस को नई हवा देता है जो पिछले कुछ वर्षों से चल रही है — कि क्या 50 ओवर का फॉर्मेट दर्शकों और प्रसारकों की नज़र में अपनी प्रासंगिकता बनाए रख सकता है।

खिलाड़ियों को हर हाल में ढलना होगा

उभरते देशों में क्रिकेट के विकास के लिए किस फॉर्मेट पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए — इस सवाल पर अश्विन ने एकतरफा जवाब देने से परहेज किया। उनका कहना था कि खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार ढलने की कला में माहिर होना चाहिए, चाहे वे कोई भी फॉर्मेट खेलें। दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीगों से मिले अवसर और टी20 की सुगमता मिलकर खिलाड़ियों के एक बड़े पूल को उच्च-स्तरीय प्रतिस्पर्धा तक पहुँचाएंगे।

आगे क्या

ईटीपीएल 2026 के शुरू होने के साथ, अश्विन की डबलिन गार्डियंस टीम यूरोप में क्रिकेट के नए अध्याय का हिस्सा बनेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नज़र इस बात पर होगी कि ओलंपिक मंच पर टी20 की वैश्विक अपील को कैसे भुनाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या 'सभी फॉर्मेट में ढलने' की सलाह व्यावहारिक रह जाती है? ईटीपीएल जैसी लीगों में अश्विन की खुद की भागीदारी यह भी दर्शाती है कि टी20 का वैश्विक विस्तार अब सिद्धांत नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत बन चुका है। वनडे के भविष्य पर उनका संशय ICC और बीसीसीआई के लिए एक संकेत है कि 50 ओवर के फॉर्मेट को बचाने के लिए ठोस रणनीति की ज़रूरत है, न केवल विश्व कप के आयोजन की।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रविचंद्रन अश्विन ने टी20 क्रिकेट के बारे में क्या कहा?
अश्विन ने कहा कि टी20 की छोटी अवधि इसे क्रिकेट के वैश्विक विस्तार और ओलंपिक खेलों में वापसी का सबसे आदर्श माध्यम बनाती है। उनके अनुसार, फ्रेंचाइजी लीगों और इस फॉर्मेट की सुगमता मिलकर खिलाड़ियों के बड़े पूल को उच्च-स्तरीय प्रतिस्पर्धा तक पहुँचाएंगी।
अश्विन ने वनडे क्रिकेट के भविष्य पर क्या राय दी?
अश्विन ने स्पष्ट कहा कि टी20 के भविष्य को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर उनके मन में कोई निश्चितता नहीं है। यह बयान वनडे फॉर्मेट की प्रासंगिकता पर जारी बहस को और तेज़ करता है।
ईटीपीएल 2026 में अश्विन की क्या भूमिका है?
रविचंद्रन अश्विन यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) 2026 में डबलिन गार्डियंस टीम के कप्तान और मेंटर हैं। प्लेयर ड्राफ्ट के बाद उन्होंने नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में ये विचार साझा किए।
क्या टी20 क्रिकेट ओलंपिक में वापस आ रहा है?
हाँ, क्रिकेट लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में टी20 फॉर्मेट में वापसी करेगा। अश्विन का मानना है कि इस फॉर्मेट की छोटी अवधि ही इसे ओलंपिक जैसे वैश्विक मंच के लिए उपयुक्त बनाती है।
उभरते देशों में क्रिकेट के विकास के लिए अश्विन की क्या सलाह है?
अश्विन का कहना है कि खिलाड़ियों को हर फॉर्मेट और हर परिस्थिति के अनुसार ढलने में माहिर होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नए बाज़ारों में क्रिकेट फैलाने के लिए टी20 सबसे व्यावहारिक और प्रभावी माध्यम है।
राष्ट्र प्रेस
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