एशियन गेम्स 2026: गोल्ड मेडलिस्ट गौरव खत्री और शिल्पी डबास नरेला की सुभाष रामलीला में सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी गौरव खत्री और शिल्पी डबास को 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के नरेला स्थित ऐतिहासिक सुभाष रामलीला में नवरात्रि उत्सव के दौरान विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में इन दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीमों के साथ देश के लिए स्वर्ण पदक जीते थे।
किन खिलाड़ियों को मिला सम्मान
गौरव खत्री भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य हैं, जिसने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। वहीं, शिल्पी डबास भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य हैं, जिसने चीन को 1-0 से पराजित कर स्वर्ण पदक जीता था। नवरात्रि पर्व के दौरान रामलीला पंडाल में आयोजित इस सम्मान समारोह में स्थानीय लोगों की बड़ी भीड़ उमड़ी।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
सम्मान पाने के बाद गौरव खत्री ने कहा, 'मैं देश के लिए गोल्ड मेडल लाया हूँ, इसलिए मेरे परिवार, रिश्तेदारों और गाँव वालों को बहुत गर्व है। इतना सम्मान और इज्जत पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।' शिल्पी डबास ने कहा, 'हमें बुलाने और सम्मान देने के लिए मैं सभी को धन्यवाद देना चाहूँगी। हम गोल्ड मेडल घर लाकर बहुत खुश हैं। सब कुछ बहुत बढ़िया है। हमें हर जगह से तारीफ मिल रही है, जो और भी अच्छा लग रहा है।'
एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कुल 85 पदक जीते — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य। हॉकी में भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से और पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा, भारतीय पुरुष और महिला दोनों कबड्डी टीमों ने फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
क्रिकेट में भी सोने का जलवा
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराकर और महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीते। यह ऐसे समय में आया जब भारत एशियाई खेलों में अपनी पदक तालिका को नई ऊँचाई पर ले जाने की कोशिश कर रहा था। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन भारत के हालिया एशियन गेम्स इतिहास में सबसे मजबूत प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
समाज और खेल का संगम
नवरात्रि के सांस्कृतिक उत्सव के बीच इस तरह के खेल सम्मान समारोहों की परंपरा खिलाड़ियों को सामाजिक मान्यता और प्रोत्साहन देने का एक प्रभावशाली माध्यम बनती जा रही है। नरेला जैसे इलाकों से निकले खिलाड़ी जब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमकते हैं, तो स्थानीय समुदायों में खेल के प्रति रुझान बढ़ता है। आगामी ओलंपिक चक्र में ये खिलाड़ी देश की उम्मीदों के केंद्र में रहेंगे।