एशियन गेम्स 2026 से पहले टॉप्स डेवलपमेंट ग्रुप में 22 भारतीय रोअर्स शामिल, बलराज पंवार अगुवाई में
सारांश
मुख्य बातें
मिशन ओलंपिक सेल (MOC) ने सोमवार, 1 जून 2026 को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के मद्देनज़र कुल 22 भारतीय रोअर्स को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) डेवलपमेंट ग्रुप में शामिल किया है। इस सूची में पेरिस 2024 ओलंपियन बलराज पंवार, एशियन गेम्स 2022 सिल्वर मेडलिस्ट अरविंद सिंह और डबल मेडलिस्ट जसविंदर सिंह जैसे अनुभवी नाम शामिल हैं।
चयन प्रक्रिया और आधार
यह सूची भारतीय रोइंग फेडरेशन (RFI) द्वारा आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय चयन ट्रायल के बाद तैयार की गई है, जिसमें क्रू को अंतिम रूप दिया गया। 6 अलग-अलग नाव श्रेणियों में चुने गए इन एथलीट्स को अब एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप सर्किट के लिए केंद्रित प्रशिक्षण सहायता मिलेगी।
नाव श्रेणियों के अनुसार चयनित रोअर्स
पुरुष एकल स्कल्स (M1X): अरविंद सिंह।
पुरुष डबल स्कल्स (M2X): नवदीप सिंह, कुलविंदर सिंह।
पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स (M4X): बलराज पंवार, सतनाम सिंह, जकार खान, सलमान खान।
लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स (LM2X): लक्ष्य, उज्ज्वल कुमार सिंह।
पुरुष कॉक्स्ड आठ (M8+): जसविंदर सिंह, नितिन कुमार, बाबूलाल यादव, योगेश कुमार, घुर्डे विपुल सतीश, सौरव कुमार, इकबाल सिंह, सन्नी कुमार, धनंजय उत्तम पांडे।
महिला कॉक्सलेस फोर (W4-): गुरबानी कौर, पूनम, तेंडेनथोई, अलीना एंटो।
रणनीतिक महत्व
TOPS डेवलपमेंट ग्रुप में इन रोअर्स को शामिल करना केवल व्यक्तिगत पदक संभावनाओं तक सीमित नहीं है — यह कई नाव श्रेणियों में एक मज़बूत 'बेंच स्ट्रेंथ' खड़ी करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि अधिकांश एथलीट्स को सीधे एशियन गेम्स 2026 चक्र पर केंद्रित करके तैयार किया जा रहा है, जबकि कुछ क्रू का लक्ष्य भविष्य की प्रतियोगिताएँ भी हैं।
राष्ट्रमंडल खेल 2030 और रोइंग की वापसी
भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण की मेज़बानी करने वाला है। उल्लेखनीय है कि 1986 के एडिनबर्ग संस्करण के बाद से रोइंग को राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन शताब्दी संस्करण में इसकी वापसी की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में रोइंग के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना और एथलीट्स की गहराई बढ़ाना भारतीय खेल प्रशासन की प्राथमिकता बना हुआ है।
आगे की राह
यह क्रू अब एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 और वर्ल्ड कप सर्किट की तैयारियों में जुट जाएगा। TOPS सहायता के तहत इन एथलीट्स को प्रशिक्षण, उपकरण और विदेशी प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए वित्तीय एवं लॉजिस्टिक सहयोग मिलेगा।