मनिका बत्रा एशियन गेम्स 2026 टीम से बाहर, आईओए और खेल मंत्री से पारदर्शी चयन की मांग
सारांश
मुख्य बातें
ओलंपियन मनिका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 की भारतीय टेबल टेनिस टीम में अपनी जगह न मिलने पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) तथा खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) ने 18 जून 2026 को 20वें एशियन गेम्स के लिए 10 सदस्यीय दल घोषित किया, जिसमें मनिका को मुख्य टीम की बजाय रिज़र्व खिलाड़ी के रूप में रखा गया।
टीम का गठन और चयन नीति
20वें एशियन गेम्स का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में होगा, जबकि टेबल टेनिस स्पर्धाएँ 20 से 28 सितंबर के बीच खेली जाएंगी। पुरुष टीम की कप्तानी जी. साथियान करेंगे और इसमें हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, मानुष शाह तथा पायस जैन शामिल हैं। महिला टीम की कप्तान श्रीजा अकुला होंगी और उनके साथ यशस्वी घोरपड़े, दिया चितले, सुतीर्था मुखर्जी एवं सिंड्रेला दास हैं।
एशियन गेम्स चयन नीति 2023 के अनुसार खिलाड़ियों का चयन नेशनल रैंकिंग को 50%, वर्ल्ड रैंकिंग को 40% और 10% चयन समिति के विवेक पर आधारित है। मनिका को अंकुर भट्टाचार्य, रोनित भंजा और स्वस्तिका घोष के साथ रिज़र्व सूची में रखा गया है।
मनिका बत्रा का पक्ष
गुरुवार को जारी अपने विस्तृत बयान में मनिका ने कहा, 'लगभग दो दशकों से, मैंने अपना जीवन भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए समर्पित किया है। हर मेडल, हर उपलब्धि और हर मील का पत्थर भारतीय जर्सी पहनकर ही हासिल किया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति केवल परिणाम को लेकर नहीं, बल्कि चयन नियमों को समझने और लागू करने के तरीके को लेकर भी है।
वर्तमान में आईटीटीएफ विश्व रैंकिंग में 51वें स्थान पर मौजूद मनिका ने तर्क दिया कि वे टॉप-50 से मामूली अंतर पर हैं और रैंकिंग का यह अंतर 'एक ही रैंकिंग साइकिल में किसी भी तरफ बदल सकता है।' उन्होंने यह भी बताया कि इस सीजन में उन्होंने चीन के अंडर-19 यूथ चैंपियन और कई शीर्ष एशियाई खिलाड़ियों को हराया है।
नेशनल रैंकिंग और घरेलू टूर्नामेंट का विवाद
मनिका ने घरेलू टूर्नामेंट में भाग न लेने की वजह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को बताया, जिसके कारण वे TTFI नेशनल रैंकिंग में शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि 'इंटरनेशनल टूर्नामेंट की बढ़ती संख्या और सबसे ऊंचे ग्लोबल लेवल पर लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने की जरूरतों के कारण, हर घरेलू इवेंट में हिस्सा लेना हमेशा मुमकिन नहीं होता।' उन्होंने यह भी उठाया कि पिछले एशियन गेम्स की चयन प्रक्रिया में कुछ खिलाड़ियों को वर्ल्ड और नेशनल रैंकिंग की तय सीमा से बाहर होने के बावजूद 'खास वजहों से' टीम में शामिल किया गया था।
करियर की उपलब्धियाँ और मांग
मनिका ने अपनी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वे एशियन गेम्स 2018 में मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल, एशियन कप में विमेंस सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल और कई कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल जीत चुकी हैं। वे ओलंपिक सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला और एशियन गेम्स सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में पहुँचने वाले पहले भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी (पुरुष या महिला) हैं।
मनिका ने IOA और खेल मंत्री से अनुरोध किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि चयन प्रक्रिया 'पारदर्शी, एक जैसी और सभी एथलीट्स के लिए निष्पक्ष हो।' उन्होंने TTFI से फैसले का पूरा आधार, लागू नियम और हर मानदंड का भार स्पष्ट करने की माँग की है। TTFI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।