एशियन गेम्स 2026: पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव ने भारतीय गोल्फरों को दिया पूर्ण समर्थन का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के अध्यक्ष कपिल देव ने भरोसा जताया है कि आइची-नागोया, जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारतीय गोल्फर शानदार प्रदर्शन करेंगे और संगठन उन्हें हर संभव सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के उभरने से स्थापित सितारों और नई प्रतिभाओं के बीच का अंतर तेज़ी से कम हो रहा है।
भारतीय टीम की संरचना
इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) ने छह सदस्यीय दल की घोषणा की है। पुरुष टीम की कप्तानी युवराज संधू (वर्ल्ड रैंकिंग 451) करेंगे, जिन्होंने घरेलू सीजन में रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन किया था। उनके साथ वीर अहलावत (वर्ल्ड रैंकिंग 558) और सप्तक तलवार (वर्ल्ड रैंकिंग 576) शामिल हैं।
महिला टीम की कमान एलपीजीए टूर की नियमित खिलाड़ी और वर्ल्ड नंबर 135 अदिति अशोक के हाथों में होगी, जिन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल जीता था। महिला दल में दीक्षा डागर (वर्ल्ड रैंकिंग 221) और प्रणवी उर्स (वर्ल्ड रैंकिंग 270) भी शामिल हैं। खिलाड़ियों का चयन आईजीयू की सिलेक्शन पॉलिसी के आधार पर किया गया।
कपिल देव का संदेश: फोकस और कड़ी मेहनत
कपिल देव ने खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है। आजकल ज़्यादा अंतर नहीं है, क्योंकि सभी युवा खिलाड़ी आगे आ रहे हैं। वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे बस उम्मीद है कि उस अहम हफ्ते के दौरान वे अपना संयम बनाए रखेंगे और बेहतर खेलेंगे।"
मानसिक तैयारी पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, "इसका मंत्र बस कड़ी मेहनत करना और खुद पर फोकस करना है। यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि कहना तो आसान है, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब आप बड़ी कामयाबी हासिल करने की कोशिश कर रहे हों और उस समय अपना फोकस बनाए रखें।"
पीजीटीआई का सपोर्ट सिस्टम
कपिल देव ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं जापान नहीं जाएंगे, लेकिन संगठन की ओर से एक या दो प्रतिनिधि खिलाड़ियों को ज़रूरी 'कंफर्ट लेवल' देने के लिए वहाँ मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, "हमारे ऑफिस के लोग, शायद एक या दो व्यक्ति उन्हें वह सहजता देने के लिए जाएंगे, ताकि पीजीटीआई की तरफ से जो भी सपोर्ट हम दे सकें, वह उन्हें मिल सके।"
एशियन गेम्स में भारतीय गोल्फ का गौरवशाली इतिहास
एशियन गेम्स में भारत का गोल्फ इतिहास उल्लेखनीय रहा है — अब तक 3 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल जीते जा चुके हैं। 1982 दिल्ली एशियन गेम्स में लक्ष्मण सिंह, ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता की चौकड़ी ने टीम गोल्ड जीता था, और लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत गोल्ड भी अपने नाम किया।
शिव कपूर ने 2002 बुसान एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीता। 2006 दोहा एशियन गेम्स में अनिर्बान लाहिड़ी, गगनजीत भुल्लर और जोसेफ चकोला की टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया। 2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स में राशिद खान, राहुल बजाज, अभिनव लोहान और अभिजीत सिंह चड्ढा ने भी सिल्वर जीता।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय गोल्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अदिति अशोक और दीक्षा डागर जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवराज संधू जैसी उभरती प्रतिभाओं की मौजूदगी भारत की पदक संभावनाओं को और पुख्ता बनाती है।