2 अक्टूबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष क्वाड्रंट ने सेपकटकराव में ब्रॉन्ज जीता, जापान से 12-15, 13-15 से हार

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एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष क्वाड्रंट ने सेपकटकराव में ब्रॉन्ज जीता, जापान से 12-15, 13-15 से हार

सारांश

नागोया में भारत का शुक्रवार ऐतिहासिक रहा — सेपकटकराव में पुरुष क्वाड्रंट का ब्रॉन्ज, लवलीना बोरगोहेन का गोल्ड, और महिला रिकर्व आर्चरी टीम का दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्णिम इतिहास। एशियाड में भारत की पदक संख्या 6 पहुँची।

मुख्य बातें

भारतीय पुरुष क्वाड्रंट ने एशियन गेम्स 2026 में जापान से 12-15, 13-15 से हारकर सेपकटकराव में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
एशियाड में भारत का यह सेपकटकराव में केवल तीसरा पदक है — पहले 2018 जकार्ता और 2023 हांगझोऊ में ब्रॉन्ज मिले थे।
भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में विश्व कप विजेता म्यांमार सहित तीनों मैच जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में चीन की बाओ जियाई को हराकर गोल्ड जीता।
महिला रिकर्व आर्चरी टीम ( अंकिता भक्त, कीर्ति, कुमकुम मोहोद ) ने 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा।
भारत अब तक 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 6 पदक जीत चुका है।

एशियन गेम्स 2026 में नागोया सिटी मिजुहो पार्क जिम्नेजियम में 2 अक्टूबर को खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय पुरुष क्वाड्रंट टीम ने जापान के खिलाफ करीबी मुकाबले में 12-15, 13-15 से हारकर सेपकटकराव में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। एशियाड इतिहास में यह भारत का सेपकटकराव में तीसरा पदक है।

सेमीफाइनल का पूरा घटनाक्रम

मालेमंगनबा सिंह सोरोखाइबाम, राम कुमार शर्मा, बॉबी कुमार और आकाश युमनाम (लोखोन सिंह एलांगबाम और टेकोंग अरुण सब्स) की भारतीय क्वाड्रंट टीम ने जापान की युकी सातो, रयोटा हारुहारा, वतारू नारवा और योटा इचिकावा (सेया ताकानो और तोशिताका नाइतो सब्स) की टीम से दोनों सेट गँवाए। दोनों सेटों का अंतर महज 2-3 अंकों का रहा, जो दर्शाता है कि भारत इस मुकाबले में जापान के बेहद करीब था।

भारत का ऐतिहासिक सेपकटकराव सफर

गौरतलब है कि एशियाड में भारत का यह सेपकटकराव में केवल तीसरा पदक है। इससे पहले 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की टीम रेगु ने ब्रॉन्ज जीता था और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में महिलाओं की टीम रेगु ने कांस्य पदक हासिल किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत इस अपेक्षाकृत कम चर्चित खेल में धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा है।

ग्रुप स्टेज में भारत का शानदार प्रदर्शन

भारतीय पुरुष क्वाड्रंट टीम ने लीग स्टेज में तीनों मैच जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय यह है कि टीम ने ग्रुप स्टेज में विश्व कप विजेता म्यांमार को भी चौंकाया और वियतनाम तथा लाओस को पराजित करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई।

हालाँकि, भारतीय महिलाओं की टीम ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई — वह ग्रुप ए में तीन मैच खेलकर कोई जीत दर्ज नहीं कर सकी और चौथे स्थान पर रही। महिलाओं के डबल्स में भी भारत ग्रुप बी में चौथे स्थान पर रहा और तीनों गेमों में पराजित हुआ। पुरुषों की रेगु टीम भी नॉकआउट में प्रवेश नहीं कर सकी और एक जीत, दो हार के साथ ग्रुप बी में तीसरे स्थान पर रही।

भारत का शुक्रवार को पदक तालिका में जोड़

2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए कई मायनों में यादगार रहा। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किग्रा कैटेगरी के फाइनल में चीन की बाओ जियाई को हराकर स्वर्ण पदक जीता। महिला रिकर्व आर्चरी टीम — अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम मोहोद — ने 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड जीतकर इतिहास रचा।

कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा ने रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में रजत पदक हासिल किया। धीरज, नीरज चौहान और यशदीप भोगे ने पुरुषों की रिकर्व टीम फाइनल में भी रजत जीता। नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी सेलिंग में कांस्य पदक अपने नाम किया। इन सभी पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 6 हो गई — 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य।

आगे की राह

सेपकटकराव में पुरुष क्वाड्रंट का यह ब्रॉन्ज भारत के इस खेल में बढ़ते कदमों की गवाही देता है। आने वाले संस्करणों में यदि टीम का यही स्तर बना रहा तो स्वर्ण की दावेदारी से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह परिणाम भारत के विविध खेल विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है — जहाँ पूर्वोत्तर और मध्यम-संसाधन राज्यों के खिलाड़ी एशियाई स्तर पर टक्कर दे रहे हैं। विश्व कप विजेता म्यांमार को लीग में हराना महज संयोग नहीं — यह संरचित तैयारी का संकेत है। असली सवाल यह है कि क्या खेल मंत्रालय और SAI इस गति को अगले चक्र में स्वर्ण की ओर बदलने के लिए पर्याप्त संसाधन और ध्यान देंगे, या यह खेल एक बार फिर सुर्खियों से ओझल हो जाएगा।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने सेपकटकराव में कौन-सा पदक जीता?
भारतीय पुरुष क्वाड्रंट टीम ने नागोया सिटी मिजुहो पार्क जिम्नेजियम में 2 अक्टूबर को सेमीफाइनल में जापान से 12-15, 13-15 से हारकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह एशियाड में भारत का सेपकटकराव में तीसरा पदक है।
एशियाड में भारत का सेपकटकराव में यह कौन-सा पदक है?
यह एशियाड में भारत का सेपकटकराव में तीसरा पदक है। इससे पहले 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुष टीम रेगु और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में महिला टीम रेगु ने ब्रॉन्ज जीते थे।
भारतीय पुरुष क्वाड्रंट टीम ने ग्रुप स्टेज में कैसा प्रदर्शन किया?
टीम ने ग्रुप ए में तीनों मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उसने विश्व कप विजेता म्यांमार को भी हराया और वियतनाम व लाओस को पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
2 अक्टूबर को भारत के लिए अन्य कौन से पदक आए?
लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड जीता, महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण जीता, कुमकुम मोहोद-धीरज बोम्मादेवरा ने रिकर्व मिक्स्ड टीम में रजत, पुरुष रिकर्व टीम ने रजत और नेत्रा कुमानन ने डिंगी सेलिंग में कांस्य जीता।
एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारत के कुल कितने पदक हैं?
2 अक्टूबर तक भारत 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 6 पदक जीत चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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