एशियन पैरा गेम्स 2026: मोना अग्रवाल ने 629.1 पॉइंट्स से एशियन रिकॉर्ड बनाया, अवनी लेखरा दूसरे स्थान पर
सारांश
मुख्य बातें
नागोया में 2026 एशियन पैरा गेम्स के पहले दिन भारत ने शूटिंग में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 क्वालीफिकेशन में 629.1 पॉइंट्स के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए नया एशियन पैरा गेम्स क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड स्थापित किया। उनकी टीम साथी अवनी लेखरा 626.4 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जिससे भारत ने इस स्पर्धा में वन-टू पंच दर्ज किया।
मोना अग्रवाल का ऐतिहासिक एशियन रिकॉर्ड
अग्रवाल ने छह सीरीज में 629.1 पॉइंट्स अर्जित कर चीन की झांग कुइपिंग द्वारा बनाए गए पिछले एशियन पैरा गेम्स क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। उनका स्कोर 629.4 पॉइंट्स के वर्ल्ड रिकॉर्ड से महज 0.3 पॉइंट्स पीछे रहा — वह रिकॉर्ड स्वयं अवनी लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वाडोविकोवा के नाम संयुक्त रूप से दर्ज है। गौरतलब है कि पेरिस पैरालिंपिक 2024 में अवनी ने गोल्ड और मोना ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, और अब दोनों खिलाड़ी नागोया में फिर एक बार पोडियम के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
पुरुष वर्ग में भी भारत का दमदार प्रदर्शन
भारत ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में भी दो फाइनलिस्ट सुनिश्चित किए। राकेश निदागुंडी 619.3 पॉइंट्स के साथ सातवें और स्वरूप उन्हालकर 617.4 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। हालाँकि, आनंद कृष्णन 605.2 पॉइंट्स के साथ 13वें स्थान पर रहीं और कट से बाहर हो गईं।
शीतल देवी का पैरा-आर्चरी में कमाल
शूटिंग की इस उपलब्धि से पहले भारत की शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड आर्चरी क्वालीफिकेशन राउंड में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी के करीब पहुँचने वाला प्रदर्शन किया। 19 वर्षीया इस खिलाड़ी ने 720 में से 704 पॉइंट्स हासिल कर पिछले एशियन कॉन्टिनेंटल बेंचमार्क 698 को पीछे छोड़ दिया और नया एशियन रिकॉर्ड स्थापित किया। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और पेरिस पैरालिंपिक 2024 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट शीतल अब एलिमिनेशन राउंड में भी इसी फॉर्म को जारी रखने की कोशिश करेंगी।
पायल नाग ने 675 पॉइंट्स के साथ महिलाओं की कंपाउंड क्वालीफिकेशन स्टैंडिंग में संयुक्त रूप से पाँचवें स्थान पर जगह बनाई।
भारत की पैरा-खेलों में बढ़ती धमक
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी पैरा-स्पोर्ट्स पारिस्थितिकी को व्यवस्थित रूप से मजबूत कर रहा है। पेरिस पैरालिंपिक में 29 पदकों की रिकॉर्ड फसल के बाद नागोया में यह शुरुआत संकेत देती है कि भारत की पैरा-शूटिंग मशीनरी अपने सर्वोच्च स्तर पर है। फाइनल मुकाबलों में भारत के डबल पोडियम की संभावना पूरी तरह जीवित है।