एशियन पैरा गेम्स 2026: सृष्टि अरोड़ा ने 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता ब्रॉन्ज, भारत का शूटिंग में चौथा पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारत की सृष्टि अरोड़ा ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर ही कमाल कर दिखाया — नागोया में 20 अक्टूबर 2026 को हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा के फाइनल में 214.7 अंकों के साथ उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत का पैरा शूटिंग में चौथा पदक है।
फाइनल का घटनाक्रम
फाइनल में शीर्ष दो स्थान ईरानी निशानेबाज़ों ने हासिल किए। फैजेह अहमदी ने 237.3 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि उनकी हमवतन सारेह जवानमर्दी ने 237.0 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। दोनों ईरानी खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर रही, और सृष्टि उनसे पीछे रहते हुए पोडियम पर तीसरे स्थान पर रहीं।
फाइनल में शामिल एकमात्र अन्य भारतीय खिलाड़ी सुमेधा पाठक 111.4 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहीं। सृष्टि के लिए यह पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक उल्लेखनीय शुरुआत है।
मनीष नरवाल का सिल्वर और पैरालंपिक कोटा
इसी दिन, मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता और साथ ही लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 के लिए अपना कोटा भी पक्का कर लिया। यह नागोया में भारतीय पैरा शूटिंग दल के शानदार प्रदर्शन की एक और कड़ी रही।
मोना अग्रवाल का रिकॉर्डतोड़ गोल्ड, अवनि को सिल्वर
एक दिन पहले, सोमवार 19 अक्टूबर को, महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच 1 स्पर्धा में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। मोना अग्रवाल ने 250 का स्कोर बनाकर एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड कायम किया और गोल्ड मेडल जीता। अवनि लेखरा ने 249.6 अंकों के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
गौरतलब है कि मोना ने अवनि का ही हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में स्थापित 249.6 का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। हालाँकि वह स्लोवाकिया की इरीना श्चेतनिक के नाम दर्ज 252 के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गईं। फाइनल में मोना एक समय पाँचवें स्थान पर खिसक गई थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा। दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
मोना ने विश्व चैंपियनशिप के दौरान ही लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 का कोटा हासिल कर लिया था, जबकि अवनि के इस प्रदर्शन से उन्हें भी पैरालंपिक के लिए अपनी जगह पक्की करने में मदद मिली।
एसएच 1 वर्गीकरण क्या है
एसएच 1 वर्गीकरण उन एथलीटों के लिए है जिनके ऊपरी या निचले अंगों में कुछ शारीरिक अक्षमता होती है, लेकिन वे अपनी बंदूक स्वतंत्र रूप से संभाल सकते हैं और उन्हें बंदूक का वजन उठाने के लिए किसी शूटिंग स्टैंड की आवश्यकता नहीं होती।
भारत की पैरा शूटिंग में बढ़ती ताकत
नागोया में इन दिनों हो रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का पैरा शूटिंग दल एक के बाद एक पदक जीत रहा है। सृष्टि अरोड़ा का ब्रॉन्ज, मनीष नरवाल का सिल्वर, और मोना-अवनि की गोल्ड-सिल्वर जोड़ी — यह सब मिलकर इस खेल में भारत की गहराती जड़ों का प्रमाण हैं। आने वाले दिनों में शूटिंग की अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सबकी नजर बनी रहेगी।