आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026: ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड 7वाँ खिताब, सैकिया ने जय शाह के नेतृत्व की तारीफ की
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सफल समापन के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और उसके चेयरमैन जय शाह की नेतृत्व क्षमता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। सैकिया ने कहा कि जय शाह के गतिशील मार्गदर्शन में महिला क्रिकेट को वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयाँ मिली हैं।
फाइनल का रोमांच: लॉर्ड्स में इतिहास रचा
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए फाइनल में 28,000 से अधिक दर्शक मौजूद रहे — जो इस टूर्नामेंट के लिए एक रिकॉर्ड उपस्थिति थी। ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। यह ऑस्ट्रेलिया का वनडे और टी20 दोनों मिलाकर कुल 14वाँ महिला विश्व कप खिताब भी है।
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 150 रन बनाए। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने 58 रन की सर्वोच्च पारी खेली। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 151 रनों के लक्ष्य को महज 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। बेथ मूनी ने 49 गेंदों में 64 रन की दमदार पारी खेली, जबकि फोएबे लिचफील्ड ने 48 रन का अहम योगदान दिया।
सैकिया का संदेश: एक्स पर साझा की खुशी
सैकिया ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "ग्लोबल स्टेज पर महिला क्रिकेट की जबरदस्त बढ़त देखकर बहुत खुशी हुई। चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए लॉर्ड्स में खचाखच भरा स्टेडियम इस बात का बेहतरीन सबूत है कि इस खेल ने कितनी लोकप्रियता हासिल की है और इसका भविष्य कितना रोमांचक है।"
उन्होंने आगे कहा, "महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और दुनिया भर में नई पीढ़ी के क्रिकेट प्रशंसकों को इस खेल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाने के लिए मैं जय शाह के नेतृत्व में आईसीसी को बधाई देता हूँ।"
महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर महिला क्रिकेट की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ रही है। लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर रिकॉर्ड भीड़ यह दर्शाती है कि महिला क्रिकेट अब केवल एक सहायक प्रारूप नहीं, बल्कि मुख्यधारा का खेल बन चुका है। गौरतलब है कि इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के घरेलू मैदान पर उनका अजेय रिकॉर्ड भी समाप्त कर दिया।
आगे की राह
आईसीसी और बीसीसीआई दोनों के लिए यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट में निवेश और विस्तार की दिशा में एक मज़बूत संकेत है। सैकिया की टिप्पणियाँ यह भी इंगित करती हैं कि भारतीय क्रिकेट प्रशासन आने वाले समय में महिला क्रिकेट को और अधिक संसाधन और मंच देने के प्रति प्रतिबद्ध है।