जय शाह के नेतृत्व में ICC को बधाई: लॉर्ड्स में 28,000 दर्शकों के सामने ऑस्ट्रेलिया ने जीता महिला टी20 WC 2026
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने 6 जुलाई 2026 को आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के सफल समापन के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और उसके चेयरमैन जय शाह के नेतृत्व की सराहना की। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में रिकॉर्ड 28,000 से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने मेज़बान इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार यह खिताब अपने नाम किया।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
फाइनल में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 150 रन बनाए। इंग्लैंड की कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने सर्वाधिक 58 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 151 रनों के लक्ष्य को महज़ 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
बेथ मूनी ने 49 गेंदों में 64 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि फोएबे लिचफील्ड ने 48 रन का अहम योगदान दिया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के घरेलू मैदान पर उसका अजेय रिकॉर्ड भी तोड़ा।
ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
यह ऑस्ट्रेलिया का महिला क्रिकेट में कुल 14वाँ विश्व कप खिताब है, जिसमें वनडे और टी20 विश्व कप दोनों की ट्रॉफियाँ शामिल हैं। सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने इस प्रारूप में अपना दबदबा और मज़बूत किया है। गौरतलब है कि लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर इतनी बड़ी दर्शक संख्या महिला क्रिकेट के लिए एक नई मिसाल है।
सैकिया की ICC और जय शाह को बधाई
देवजीत सैकिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'ग्लोबल स्टेज पर महिला क्रिकेट की जबरदस्त बढ़त देखकर बहुत खुशी हुई। चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए लॉर्ड्स में खचाखच भरा स्टेडियम इस बात का बेहतरीन सबूत है कि इस खेल ने कितनी लोकप्रियता हासिल की है और इसका भविष्य कितना रोमांचक है।'
उन्होंने आगे कहा, 'महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और दुनिया भर में नई पीढ़ी के क्रिकेट प्रशंसकों को इस खेल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाने के लिए मैं जय शाह के नेतृत्व में ICC को बधाई देता हूँ।'
महिला क्रिकेट पर असर और आगे की राह
यह टूर्नामेंट ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट में वैश्विक स्तर पर दर्शकों की रुचि और प्रसारण अधिकारों का मूल्य तेज़ी से बढ़ रहा है। लॉर्ड्स में रिकॉर्ड उपस्थिति यह दर्शाती है कि महिला क्रिकेट अब केवल विकासशील खेल नहीं, बल्कि मुख्यधारा का आकर्षण बन चुका है। आलोचकों का कहना है कि ICC को अब इस गति को बनाए रखने के लिए महिला घरेलू क्रिकेट ढाँचे में और निवेश करना होगा।