ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड सातवीं बार जीता विमेंस टी20 वर्ल्ड कप, इंग्लैंड को 7 विकेट से हराया
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया ने 5 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल 7 विकेट से जीतकर रिकॉर्ड सातवीं बार खिताब अपने नाम किया। बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड के बीच दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की शतकीय साझेदारी इस ऐतिहासिक जीत की रीढ़ बनी।
इंग्लैंड की पारी: ब्रंट-कैंप ने संभाला मोर्चा
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत लड़खड़ाती रही। टीम ने महज 7 के स्कोर पर एम जोन्स (6 रन) का पहला विकेट गंवाया। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने डैनी वायट-हॉज (8 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 25 रन और एलिस कैप्सी (23 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए भी 25 रन जोड़े।
10.5 ओवरों तक इंग्लैंड का स्कोर 4 विकेट पर 70 रन था। इसके बाद ब्रंट ने फ्रेया कैंप के साथ पाँचवें विकेट के लिए 55 गेंदों में 80 रन जोड़कर टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुँचाया। ब्रंट 53 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 58 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि कैंप ने 28 गेंदों में 1 छक्के और 4 चौकों के साथ नाबाद 44 रन बनाए। अंततः इंग्लैंड ने 4 विकेट खोकर 150 रन का स्कोर खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड ने 1-1 विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलिया का पीछा: मूनी-लिचफील्ड की शतकीय साझेदारी
151 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी सहज नहीं रही। सलामी जोड़ी जॉर्जिया वोल और बेथ मूनी पहले विकेट के लिए केवल 17 रन जोड़ सकीं; वोल 9 रन बनाकर पवेलियन लौटीं।
इसके बाद मूनी ने फोएबे लिचफील्ड के साथ दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों में 100 रनों की साझेदारी कर मैच का रुख पलट दिया। लिचफील्ड अर्धशतक से महज 2 रन दूर रह गईं — उन्होंने 35 गेंदों में 2 छक्के और 6 चौके लगाते हुए 48 रन बनाए। मूनी ने इसके बाद एलिस पेरी के साथ तीसरे विकेट के लिए 23 रन जोड़े और 49 गेंदों में 10 चौकों की बदौलत 64 रन बनाकर पवेलियन लौटीं। पेरी 13 रन बनाकर नाबाद रहीं। ऑस्ट्रेलिया ने 17.1 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड की ओर से शार्लेट डीन, लॉरेन बेल और सोफी एक्लेस्टोन ने 1-1 विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलिया का दबदबा: इतिहास में सातवाँ स्वर्णिम अध्याय
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया इससे पहले 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत चुका है। यह जीत उसके वर्चस्व को और पुख्ता करती है। दूसरी ओर, इंग्लैंड 2009 में एकमात्र बार इस खिताब को जीत सका था और एक बार फिर उपविजेता बनकर रह गया।
यह ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट वैश्विक स्तर पर दर्शकों और प्रसारण के लिहाज़ से नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर फाइनल का आयोजन इस खेल की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
आगे क्या
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया की टीम महिला टी20 क्रिकेट में सर्वकालिक सबसे सफल पक्ष के रूप में अपनी स्थिति और मज़बूत कर चुकी है। अगले विमेंस टी20 वर्ल्ड कप की मेज़बानी और कार्यक्रम को लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की घोषणा अपेक्षित है।