ऑस्ट्रेलिया ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार जीता महिला टी20 विश्व कप, $23.4 लाख की प्राइज मनी
सारांश
मुख्य बातें
लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम को 23,40,000 डॉलर (लगभग ₹22.27 करोड़) की प्राइज मनी से नवाजा गया।
प्राइज मनी का पूरा हिसाब
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इस बार महिला टी20 विश्व कप की कुल प्राइज मनी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, जिसे 87,64,615 डॉलर (लगभग ₹83.41 करोड़) निर्धारित किया गया। उपविजेता इंग्लैंड को 11,70,000 डॉलर यानी करीब ₹11.13 करोड़ की राशि प्रदान की गई।
सेमीफाइनल तक पहुँचने वाली वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका को 6,75,000 डॉलर के अलावा ग्रुप स्टेज मैच जीतने के लिए 31,154 डॉलर प्रति मैच अलग से दिए जाएंगे, जिससे दोनों टीमों को भारतीय मुद्रा में लगभग ₹6.42 करोड़ मिलेंगे।
भारत और पाकिस्तान की कमाई
भले ही हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी, फिर भी टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए उसे लगभग ₹2.35 करोड़ और ग्रुप स्टेज में तीन मैच जीतने के लिए ₹88.94 लाख अलग से प्राप्त होंगे। इस तरह भारतीय टीम की कुल प्राइज मनी ₹3.23 करोड़ रही। वहीं, पाकिस्तान को इस विश्व कप से ₹2.64 करोड़ की कमाई हुई।
फाइनल मुकाबले का स्कोरकार्ड
फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 150 रन बनाए। नेट साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों में सर्वाधिक 58 रन की पारी खेली, जबकि फ्रेया कैंप ने 28 गेंदों में नाबाद 44 रन जोड़े।
ऑस्ट्रेलिया ने 151 रनों के लक्ष्य को महज 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। बेथ मूनी ने 49 गेंदों में 64 रन की शानदार पारी खेली और फोएबे लिचफील्ड ने 35 गेंदों में 48 रन का योगदान दिया। मूनी को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' — दोनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
ऑस्ट्रेलिया का दबदबा
यह जीत महिला टी20 क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के अजेय दबदबे की एक और मिसाल है। गौरतलब है कि यह उनका सातवाँ टी20 विश्व कप खिताब है, जो किसी भी अन्य टीम से कहीं अधिक है। ICC द्वारा प्राइज मनी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी महिला क्रिकेट में बढ़ते निवेश और व्यावसायिकता का संकेत भी है।
आगे देखें तो ICC के इस फैसले से महिला क्रिकेट में खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है, और आने वाले संस्करणों में प्राइज मनी में और इजाफा संभव माना जा रहा है।