आयुष म्हात्रे: ढाई साल की उम्र में पुल शॉट से किया हर कोई हैरान, परिवार की मेहनत से मिला भारतीय क्रिकेट का 'कोहिनूर'
सारांश
Key Takeaways
- आयुष म्हात्रे का पुल शॉट ने उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत की।
- उन्होंने 17 साल की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया।
- आयुष ने 18 साल की उम्र में अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता।
- उनके पिता ने उनका टैलेंट पहचान लिया था और उन्हें सही दिशा दी।
- आयुष का समर्पण और मेहनत उन्हें सफलता दिला रही है।
नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ढाई साल की उम्र में जब एक बच्चा प्लास्टिक के बल्ले से क्रिकेट खेल रहा था, तब उसके पिता ने एक के बाद एक गेंदें फेंकीं। अचानक, उस बच्चे ने ऐसा पुल शॉटदो घर दूर जाकर गिरी। इस अद्भुत शॉट ने पिता को प्रेरित किया कि वे अपने बेटे को क्रिकेट का बेताज बादशाह बनाएं। 17 साल की उम्र में उन्होंने आईपीएल में पदार्पण किया और 18 सालआयुष म्हात्रे हैं।
आयुष के टैलेंट को उनके पिता ने ढाई साल की उम्र में ही पहचान लिया था। जब आयुष 5 साल100 प्रतिशत सोना कहा जाने लगा।
आयुष के पिता ने जल्दी ही उन्हें साउथ मुंबई की एकेडमी में भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने दिलीप वेंगसरकर की अकादमी में फोन किया, लेकिन वहां से कहा गया कि जब आयुष 8 साल
कोच राजी हुए और आयुष ने अपने शॉट्स6 साल12 साल
हालांकि, आयुष की यात्रा आसान नहीं रही, क्योंकि अकादमी 80 किलोमीटर5 बजे8 बजे
साल 2024रणजी ट्रॉफी52 रन176 रन2025
आयुष ने आईपीएल 2025188 के स्ट्राइक रेट2026