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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब, फ्रांस-कोरिया ने बटोरे दो-दो गोल्ड

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BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब, फ्रांस-कोरिया ने बटोरे दो-दो गोल्ड

सारांश

नई दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के फाइनल्स ने इतिहास रच दिया — फ्रांस को पहला मिक्स्ड डबल्स गोल्ड और पहला मेंस सिंगल्स चैंपियन मिला, कोरिया ने 31 साल बाद विमेंस डबल्स जीता, और चीन ने 1983 से चला आ रहा अपना अटूट रिकॉर्ड बचाए रखा।

मुख्य बातें

एलेक्स लैनियर (फ्रांस) ने कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से हराकर मेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती — फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स चैंपियन।
विश्व नंबर-1 एन से यंग (कोरिया) ने अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर अपना दूसरा विमेंस सिंगल्स खिताब जीता।
थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू ने मिक्स्ड डबल्स में फ्रांस का पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड जीता।
बेक हा ना और ली सो ही ने 31 साल बाद कोरिया को विमेंस डबल्स खिताब दिलाया; ली सो ही 32 साल 70 दिन में सबसे उम्रदराज विमेंस डबल्स चैंपियन बनीं।
भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने विमेंस डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
लियांग वेई केंग और वांग चांग (चीन) ने मेंस डबल्स जीतकर 1983 से हर संस्करण में गोल्ड जीतने का चीन का रिकॉर्ड बरकरार रखा।

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का रविवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में धमाकेदार समापन हुआ, जिसमें फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स और कोरिया की एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स का ताज अपने सिर सजाया। इस संस्करण में फ्रांस और कोरिया दोनों दो-दो स्वर्ण पदक लेकर स्वदेश लौटे, जबकि चीन ने मेंस डबल्स जीतकर 1983 से हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम-से-कम एक खिताब जीतने का अपना ऐतिहासिक क्रम बनाए रखा।

मेंस सिंगल्स: लैनियर की दमदार वापसी

एलेक्स लैनियर ने फाइनल में जापान के कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से हराकर फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह मुकाबला महज 50 मिनट में निपट गया। पहले गेम में 7-9 से पीछे रहने के बाद लैनियर ने जबरदस्त वापसी करते हुए अगले 14 में से 13 अंक अपने नाम किए। दूसरे गेम में 14-11 के स्कोर से लगातार सात अंक जीतकर उन्होंने मैच पर पूरी तरह अपनी पकड़ बना ली।

विमेंस सिंगल्स: एन से यंग का दूसरा विश्व खिताब

विश्व नंबर-1 एन से यंग ने मौजूदा चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से मात देकर अपना दूसरा BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता। निर्णायक क्षण 17-17 के स्कोर पर आया, जब एन ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में उन्होंने यामागुची को कोई मौका नहीं दिया।

मिक्स्ड डबल्स: फ्रांस का ऐतिहासिक पहला गोल्ड

थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने चीन के टॉप सीड फेंग यान शे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर फ्रांस के लिए मिक्स्ड डबल्स में पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड जीता। 1 घंटे 18 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में गिक्वेल-डेलरू ने पिछले संस्करण के ब्रॉन्ज से एक कदम आगे बढ़कर शीर्ष पोडियम पर जगह बनाई। इस जीत के साथ फ्रांस एक ही संस्करण में एक से अधिक गोल्ड जीतने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया।

विमेंस डबल्स: कोरिया का 31 साल का इंतज़ार खत्म

बेक हा ना और ली सो ही की कोरियाई जोड़ी ने चीनी टॉप सीड लियू शेंग शू और टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराकर विमेंस डबल्स खिताब जीता। कोरिया ने इससे पहले यह खिताब 1995 में जीता था — यानी 31 साल के लंबे इंतज़ार के बाद यह स्वर्णिम वापसी हुई। उल्लेखनीय है कि ली सो ही 32 साल 70 दिन की आयु में विमेंस डबल्स की सबसे उम्रदराज वर्ल्ड चैंपियन बनीं। भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को इस स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल मिला।

मेंस डबल्स: चीन ने बचाया 1983 से चला आ रहा रिकॉर्ड

चीन के तीसरी वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मलेशिया के पूर्व चैंपियन आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से हराकर मेंस डबल्स खिताब जीता। यह दोनों खिलाड़ियों का पहला वर्ल्ड टाइटल था। इस जीत से चीन ने 1983 से वर्ल्ड चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम-से-कम एक गोल्ड जीतने का अपना अद्वितीय क्रम बरकरार रखा, जो इस बार दांव पर था। आने वाले संस्करणों में यह रिकॉर्ड और भी कठिन परीक्षा से गुज़रेगा, क्योंकि फ्रांस और कोरिया की युवा जोड़ियाँ तेज़ी से उभर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चीन का 1983 वाला रिकॉर्ड इस बार महज एक मेंस डबल्स खिताब के सहारे टिका — जो संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में यह सिलसिला टूट सकता है। भारत के नज़रिए से ट्रेसा-गायत्री का ब्रॉन्ज उत्साहजनक है, लेकिन सिंगल्स में भारतीय अनुपस्थिति एक बड़ा सवाल छोड़ती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में मेंस सिंगल्स किसने जीता?
फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने जापान के कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से हराकर मेंस सिंगल्स खिताब जीता। यह फ्रांस का पहला BWF मेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब है।
एन से यंग ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में कैसा प्रदर्शन किया?
कोरिया की विश्व नंबर-1 एन से यंग ने मौजूदा चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर अपना दूसरा विमेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता। 17-17 के स्कोर पर लगातार चार अंक जीतकर उन्होंने पहला गेम निर्णायक रूप से अपने नाम किया।
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत को कौन-सा पदक मिला?
भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने विमेंस डबल्स स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। सिंगल्स और अन्य डबल्स स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी पदक से चूक गए।
कोरिया ने विमेंस डबल्स में 31 साल बाद खिताब कैसे जीता?
बेक हा ना और ली सो ही की जोड़ी ने चीनी टॉप सीड लियू शेंग शू और टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराकर यह खिताब जीता। कोरिया ने इससे पहले 1995 में विमेंस डबल्स वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी। ली सो ही 32 साल 70 दिन की आयु में इस स्पर्धा की सबसे उम्रदराज वर्ल्ड चैंपियन बनीं।
चीन का BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में 1983 से चला आ रहा रिकॉर्ड क्या है?
चीन ने 1983 से अब तक हर BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप संस्करण में कम-से-कम एक गोल्ड मेडल जीता है। 2026 में लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मेंस डबल्स जीतकर इस रिकॉर्ड को बरकरार रखा, जो इस बार गंभीर खतरे में था।
राष्ट्र प्रेस
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