BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: एलेक्स लैनियर और एन से यंग ने जीते सिंगल्स खिताब, फ्रांस-कोरिया ने बटोरे दो-दो गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 का रविवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में धमाकेदार समापन हुआ, जिसमें फ्रांस के एलेक्स लैनियर ने मेंस सिंगल्स और कोरिया की एन से यंग ने विमेंस सिंगल्स का ताज अपने सिर सजाया। इस संस्करण में फ्रांस और कोरिया दोनों दो-दो स्वर्ण पदक लेकर स्वदेश लौटे, जबकि चीन ने मेंस डबल्स जीतकर 1983 से हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम-से-कम एक खिताब जीतने का अपना ऐतिहासिक क्रम बनाए रखा।
मेंस सिंगल्स: लैनियर की दमदार वापसी
एलेक्स लैनियर ने फाइनल में जापान के कोडाई नारोका को 21-11, 21-11 से हराकर फ्रांस के पहले मेंस सिंगल्स वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह मुकाबला महज 50 मिनट में निपट गया। पहले गेम में 7-9 से पीछे रहने के बाद लैनियर ने जबरदस्त वापसी करते हुए अगले 14 में से 13 अंक अपने नाम किए। दूसरे गेम में 14-11 के स्कोर से लगातार सात अंक जीतकर उन्होंने मैच पर पूरी तरह अपनी पकड़ बना ली।
विमेंस सिंगल्स: एन से यंग का दूसरा विश्व खिताब
विश्व नंबर-1 एन से यंग ने मौजूदा चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से मात देकर अपना दूसरा BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीता। निर्णायक क्षण 17-17 के स्कोर पर आया, जब एन ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में उन्होंने यामागुची को कोई मौका नहीं दिया।
मिक्स्ड डबल्स: फ्रांस का ऐतिहासिक पहला गोल्ड
थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने चीन के टॉप सीड फेंग यान शे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर फ्रांस के लिए मिक्स्ड डबल्स में पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड जीता। 1 घंटे 18 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में गिक्वेल-डेलरू ने पिछले संस्करण के ब्रॉन्ज से एक कदम आगे बढ़कर शीर्ष पोडियम पर जगह बनाई। इस जीत के साथ फ्रांस एक ही संस्करण में एक से अधिक गोल्ड जीतने वाला दूसरा यूरोपीय देश बन गया।
विमेंस डबल्स: कोरिया का 31 साल का इंतज़ार खत्म
बेक हा ना और ली सो ही की कोरियाई जोड़ी ने चीनी टॉप सीड लियू शेंग शू और टैन निंग को 21-15, 21-15 से हराकर विमेंस डबल्स खिताब जीता। कोरिया ने इससे पहले यह खिताब 1995 में जीता था — यानी 31 साल के लंबे इंतज़ार के बाद यह स्वर्णिम वापसी हुई। उल्लेखनीय है कि ली सो ही 32 साल 70 दिन की आयु में विमेंस डबल्स की सबसे उम्रदराज वर्ल्ड चैंपियन बनीं। भारत की ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को इस स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल मिला।
मेंस डबल्स: चीन ने बचाया 1983 से चला आ रहा रिकॉर्ड
चीन के तीसरी वरीयता प्राप्त लियांग वेई केंग और वांग चांग ने मलेशिया के पूर्व चैंपियन आरोन चिया और सोह वूई यिक को 21-16, 21-17 से हराकर मेंस डबल्स खिताब जीता। यह दोनों खिलाड़ियों का पहला वर्ल्ड टाइटल था। इस जीत से चीन ने 1983 से वर्ल्ड चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम-से-कम एक गोल्ड जीतने का अपना अद्वितीय क्रम बरकरार रखा, जो इस बार दांव पर था। आने वाले संस्करणों में यह रिकॉर्ड और भी कठिन परीक्षा से गुज़रेगा, क्योंकि फ्रांस और कोरिया की युवा जोड़ियाँ तेज़ी से उभर रही हैं।