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बीसीसीआई के घरेलू मुकाबलों को नहीं मिला टाइटल स्पॉन्सर, ₹4.75 करोड़ बेस प्राइस बनी बाधा

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बीसीसीआई के घरेलू मुकाबलों को नहीं मिला टाइटल स्पॉन्सर, ₹4.75 करोड़ बेस प्राइस बनी बाधा

सारांश

बीसीसीआई के घरेलू मुकाबलों की टाइटल स्पॉन्सरशिप की नीलामी बिना बोली के खत्म हुई — ₹4.75 करोड़ प्रति मैच की बढ़ी हुई कीमत ने ब्रांड्स को दूर रखा। अब गूगल जेमिनी, स्पिनी और एसबीआई लाइफ से बातचीत जारी है, लेकिन कोई सौदा पक्का नहीं हुआ।

मुख्य बातें

बीसीसीआई को 13 अगस्त 2025 की बोली की अंतिम तिथि तक घरेलू मुकाबलों के लिए कोई टाइटल स्पॉन्सर नहीं मिला।
नई बेस प्राइस ₹4.75 करोड़ प्रति मुकाबला — मौजूदा दर ₹4.2 करोड़ से अधिक — संभावित खरीदारों के लिए बड़ी बाधा बनी।
गूगल जेमिनी , स्पिनी और एसबीआई लाइफ से बातचीत जारी है, कोई सौदा अभी पक्का नहीं।
ग्रुपएम , आईटीडब्ल्यू और स्पोर्टी सॉल्यूशंस ने आईटीटी दस्तावेज खरीदे, लेकिन बोली नहीं लगाई।
नई डील दो साल के लिए है और लगभग 35 मैचों की मेजबानी का अनुमान है।
एसोसिएट पार्टनर कोटेशन की अंतिम तिथि 25 अगस्त है; टाइटल स्पॉन्सर तय होने पर ही एसोसिएट अधिकार पक्के होंगे।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को घरेलू क्रिकेट मुकाबलों के लिए टाइटल स्पॉन्सर नहीं मिल पाया है, क्योंकि बढ़ी हुई बेस प्राइस ने संभावित ब्रांड्स को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। 13 अगस्त 2025 को बोली जमा करने की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी बोर्ड अब भी संभावित स्पॉन्सर्स से बातचीत के दौर में है।

मुख्य घटनाक्रम

बीसीसीआई ने 20 जुलाई को टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए निमंत्रण जारी किया था। आईटीटी (इनविटेशन टु टेंडर) दस्तावेज खरीदने की अंतिम तिथि 4 अगस्त और स्पष्टीकरण माँगने की तिथि 5 अगस्त निर्धारित की गई थी। बोली जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त थी, लेकिन बोर्ड को या तो कोई बोली नहीं मिली या प्राप्त बोलियाँ अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहीं।

रिपोर्टों के अनुसार, ग्रुपएम, आईटीडब्ल्यू और स्पोर्टी सॉल्यूशंस ने आईटीटी दस्तावेज खरीदे थे, जिसके लिए ₹1 लाख की नॉन-रिफंडेबल राशि निर्धारित थी। इसके बावजूद कोई औपचारिक बोली नहीं लगाई गई।

बेस प्राइस बनी सबसे बड़ी बाधा

बीसीसीआई के मौजूदा टाइटल स्पॉन्सर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक प्रति मुकाबले ₹4.2 करोड़ का भुगतान करते हैं। नई डील में बेस प्राइस बढ़ाकर ₹4.75 करोड़ प्रति मुकाबला कर दी गई है, जो संभावित खरीदारों के लिए सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है। गौरतलब है कि 2023 में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को तीन साल के लिए अधिकार दिए गए थे, जबकि नई डील केवल दो साल के लिए प्रस्तावित है।

बीसीसीआई ने अपने आईटीटी में स्पष्ट किया था कि अधिकार अवधि के दौरान लगभग 35 चार्जेबल मैचों की मेजबानी की उम्मीद है। बोर्ड ने यह भी कहा था कि यह अनुमान किसी प्रतिबद्धता या न्यूनतम गारंटी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए और अंतिम शेड्यूल बीसीसीआई के विवेकाधिकार पर निर्भर होगा।

कौन-से ब्रांड हैं चर्चा में

सूत्रों के अनुसार, गूगल जेमिनी, स्पिनी और एसबीआई लाइफ उन ब्रांड्स में शामिल हैं जिनसे बीसीसीआई इस समय बातचीत कर रहा है। हालाँकि किसी भी सौदे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

एसोसिएट पार्टनरशिप की स्थिति

बीसीसीआई ने बीसीसीआई इवेंट्स के लिए एसोसिएट पार्टनर अधिकारों हेतु रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (आरएफक्यू) भी जारी किया था। नियमों के अनुसार, जो ब्रांड टाइटल स्पॉन्सरशिप खरीदेगा, वह एसोसिएट अधिकार नहीं ले सकता। आरएफक्यू खरीदने की अंतिम तिथि 14 अगस्त, स्पष्टीकरण की 16 अगस्त और कोटेशन दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त निर्धारित की गई थी। एसोसिएट अधिकारों की अंतिम पुष्टि तभी होगी जब टाइटल स्पॉन्सर तय हो जाएगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट की स्पॉन्सरशिप इकोनॉमी आईपीएल-केंद्रित होती जा रही है और घरेलू सीज़न के लिए ब्रांड्स का उत्साह सीमित दिख रहा है। बीसीसीआई के लिए घरेलू मुकाबलों की स्पॉन्सरशिप सुरक्षित करना न केवल राजस्व का सवाल है, बल्कि घरेलू क्रिकेट की व्यावसायिक साख का भी मामला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बेस प्राइस में बढ़ोतरी इस खाई को और चौड़ा कर रही है। यह सवाल उठता है कि क्या बीसीसीआई को अपनी मूल्य-निर्धारण रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए, या घरेलू क्रिकेट को स्वतंत्र रूप से बाज़ार में उतारने का समय आ गया है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीसीसीआई को घरेलू मुकाबलों के लिए टाइटल स्पॉन्सर क्यों नहीं मिला?
बीसीसीआई ने बेस प्राइस बढ़ाकर ₹4.75 करोड़ प्रति मुकाबला कर दी, जो मौजूदा दर ₹4.2 करोड़ से अधिक है। यह बढ़ी हुई कीमत संभावित ब्रांड्स के लिए बड़ी बाधा बनी और 13 अगस्त की अंतिम तिथि तक कोई स्वीकार्य बोली नहीं आई।
बीसीसीआई के घरेलू मुकाबलों के टाइटल स्पॉन्सर के लिए कौन-से ब्रांड बातचीत में हैं?
रिपोर्टों के अनुसार गूगल जेमिनी, स्पिनी और एसबीआई लाइफ उन ब्रांड्स में हैं जिनसे बीसीसीआई बातचीत कर रहा है। हालाँकि किसी भी सौदे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
बीसीसीआई का मौजूदा टाइटल स्पॉन्सर कौन है और वह कितना भुगतान करता है?
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक बीसीसीआई के घरेलू मुकाबलों का मौजूदा टाइटल स्पॉन्सर है और प्रत्येक मुकाबले के लिए ₹4.2 करोड़ का भुगतान करता है। यह अनुबंध 2023 में तीन साल के लिए हुआ था।
नई टाइटल स्पॉन्सरशिप डील में कितने मैच शामिल होंगे?
बीसीसीआई ने आईटीटी में स्पष्ट किया है कि अधिकार अवधि के दौरान लगभग 35 चार्जेबल मैचों की मेजबानी की उम्मीद है। यह अनुमान किसी न्यूनतम गारंटी के रूप में नहीं है और अंतिम शेड्यूल बोर्ड के विवेकाधिकार पर निर्भर होगा।
बीसीसीआई एसोसिएट पार्टनर अधिकार कब तय होंगे?
एसोसिएट पार्टनर कोटेशन जमा करने की अंतिम तिथि 25 अगस्त है। हालाँकि एसोसिएट अधिकारों की अंतिम पुष्टि तभी होगी जब टाइटल स्पॉन्सर तय हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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