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क्या भूटिया के आरोप बेबुनियाद हैं? एआईएफएफ की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं : कल्याण चौबे

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क्या भूटिया के आरोप बेबुनियाद हैं? एआईएफएफ की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं : कल्याण चौबे

सारांश

भारतीय फुटबॉल के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया और एआईएफएफ के अध्यक्ष कल्याण चौबे के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। क्या भूटिया के आरोप वास्तव में बेबुनियाद हैं? जानें इस महत्वपूर्ण विवाद के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव को।

मुख्य बातें

भारतीय फुटबॉल का वर्तमान प्रदर्शन चिंताजनक है।
बाइचुंग भूटिया और कल्याण चौबे के बीच बढ़ता तनाव।
एआईएफएफ की 2 जुलाई को महत्वपूर्ण बैठक।
भूटिया के आरोपों का असर भारतीय फुटबॉल की छवि पर।
उम्मीद है कि दोनों पक्ष मिलकर समाधान निकालेंगे।

नई दिल्ली, 20 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया और ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) के अध्यक्ष कल्याण चौबे के बीच हालात और भी तनावपूर्ण हो गए हैं। भूटिया द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, चौबे ने उन्हें एआईएफएफ की 2 जुलाई को आयोजित होने वाली बैठक में आमंत्रित किया है।

बाइचुंग भूटिया को 2022 में एआईएफएफ के अध्यक्ष पद के चुनाव में कल्याण चौबे के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद से वह उनकी आलोचना कर रहे हैं। हाल के दिनों में भारतीय फुटबॉल टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जिससे भूटिया के आरोप और भी तीखे होते जा रहे हैं।

कल्याण चौबे ने कहा, "हमारा मानना है कि 'फुटबॉल दुनिया को एकजुट करता है' और 'भारतीय फुटबॉल, एक साथ आगे बढ़ें'। ये नारे हमारे साझा दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। मेरा विश्वास है कि एक साथ मिलकर हम भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।"

उन्होंने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं, जहाँ हर नागरिक को बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार है। एआईएफएफ की कार्यकारी समिति में बाइचुंग भूटिया को अपने विचार व्यक्त करने और भारतीय फुटबॉल के विकास में योगदान देने का मंच उपलब्ध है। उन्हें 2 जुलाई की बैठक में बुलाया गया है।

चौबे ने कहा, "सितंबर 2022 के चुनावों के बाद से, भूटिया ने जानबूझकर एआईएफएफ पर निराधार आरोप लगाए हैं और महासंघ की छवि को विकृत किया है। ये हरकतें न केवल महासंघ की प्रतिष्ठा को प्रभावित करती हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फुटबॉल को भी नकारात्मक रोशनी में डालती हैं।"

उन्होंने कहा कि एआईएफएफ हमेशा भूटिया के रचनात्मक सुझावों का स्वागत करता है, लेकिन अधिकांश कार्यकारी समिति की बैठकों में उनका योगदान मुख्यतः विरोध करने पर केंद्रित रहा है।

कल्याण चौबे ने 13 जून को दिल्ली के प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूटिया द्वारा संचालित वाणिज्यिक फुटबॉल अकादमियों की आलोचना की थी और उन पर 'परिवारों की भावनाओं से खेलकर अनुचित लाभ उठाने' का आरोप लगाया था।

भूटिया ने शुक्रवार को कलकत्ता जर्नलिस्ट्स क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चौबे के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "एआईएफएफ एक 'सर्कस' में बदल गया है और कल्याण चौबे 'जोकर' की तरह कार्य कर रहे हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश के फुटबॉल के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष मिलकर इस समस्या का समाधान निकालेंगे।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाइचुंग भूटिया ने किस पर आरोप लगाए हैं?
भूटिया ने एआईएफएफ और उसके अध्यक्ष कल्याण चौबे पर निराधार आरोप लगाए हैं, जिससे वह महासंघ की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कल्याण चौबे ने भूटिया के आरोपों का क्या जवाब दिया?
चौबे ने कहा कि भूटिया लगातार निराधार आरोप लगा रहे हैं और उन्होंने एआईएफएफ की छवि को विकृत किया है।
क्या भूटिया को एआईएफएफ की बैठक में आमंत्रित किया गया है?
हाँ, भूटिया को 2 जुलाई को होने वाली एआईएफएफ की बैठक में आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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