भुवनेश्वर कुमार का IPL 2026 में 26 विकेट का राज: 'कोई रॉकेट साइंस नहीं, बस फिटनेस और फोकस'
सारांश
मुख्य बातें
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में 15 मुकाबलों में 26 विकेट लेकर टीम को फाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस (GT) के विरुद्ध फाइनल से पूर्व भुवनेश्वर ने साफ कहा कि उनकी इस कामयाबी में कोई जादू नहीं — बस अनुशासित रूटीन, फिटनेस और अपनी ताकत पर भरोसा है।
भुवनेश्वर का सीज़न: आँकड़े जो बोलते हैं
भुवनेश्वर कुमार इस सीज़न RCB के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे हैं। 15 मैचों में 26 विकेट की झड़ी लगाते हुए उन्होंने मौजूदा चैंपियन टीम को आईपीएल 2026 के फाइनल में जगह दिलाई। यह प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उनकी उम्र और चोटों के इतिहास को देखते हुए बहुत कम लोगों ने उनसे ऐसी वापसी की उम्मीद की थी।
सफलता का राज: 'रॉकेट साइंस नहीं'
फाइनल से पहले ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत में भुवनेश्वर ने कहा, 'मेरे लिए यह कहना बहुत आसान होता कि मैंने कुछ अलग किया है, लेकिन सच कहूँ तो, मैंने कुछ भी अलग नहीं किया है। मेरा फोकस हमेशा उन चीजों पर रहता है जो मुझे करनी चाहिए, जिनमें मैं अच्छा कर सकता हूँ।'
उन्होंने आगे कहा, 'इनमें अभ्यास और फिटनेस जैसी चीजें शामिल हैं। मेरी कोशिश बस यही थी कि मैं वही चीजें करता रहूँ जो मैं हमेशा से करता आया हूँ — अपनी ताकत पर ध्यान देता रहूँ। मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिसे रॉकेट साइंस कहा जा सके। चीजें काफी सीधी-सादी रही हैं।'
ऑफ-सीजन की तैयारी: जिम और दौड़ दोनों
भुवनेश्वर ने बताया कि ऑफ-सीजन के दौरान उन्होंने क्रिकेट से ज्यादा फिटनेस पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, 'ऑफ-सीजन के दौरान मैं ज्यादा क्रिकेट नहीं खेलता, इसलिए मुझे फिटनेस पर पूरा ध्यान देने का मौका मिला। यह बहुत तेज फॉर्मेट है और इसमें फिटनेस बहुत जरूरी है।'
गौरतलब है कि T20 फॉर्मेट में गेंदबाज को न केवल गेंदबाजी बल्कि मैदान पर भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। भुवनेश्वर ने इस पहलू पर जोर देते हुए कहा, 'आमतौर पर हम जिम की बात करते हैं, लेकिन दौड़ना भी उतना ही जरूरी है क्योंकि गेंदबाजी के साथ-साथ आपको मैदान पर काफी दौड़ना पड़ता है।'
सीनियर खिलाड़ियों की सीख
भुवनेश्वर ने अपनी टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे सीनियर खिलाड़ियों ने भी अच्छी चीजों पर काफी जोर दिया, और मुझे लगता है कि मैंने उन्हीं चीजों को अपनाया है।' यह टिप्पणी RCB की टीम संस्कृति और अनुभव के हस्तांतरण की झलक देती है।
फाइनल की चुनौती
गुजरात टाइटंस के विरुद्ध फाइनल मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार की भूमिका एक बार फिर निर्णायक हो सकती है। RCB के लिए यह खिताब जीतने का सुनहरा मौका है, और भुवी के अनुभव तथा इस सीज़न के फॉर्म को देखते हुए सभी की निगाहें उन पर टिकी हैं।