क्या छत्तीसगढ़ की टीम खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए तैयार हो रही है?

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क्या छत्तीसगढ़ की टीम खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए तैयार हो रही है?

सारांश

बिलासपुर में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए चुनौतियों का सामना करते हुए छत्तीसगढ़ की टीम का चयन किया जा रहा है। यहां विभिन्न जिलों के जनजातीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है।

Key Takeaways

  • छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है।
  • प्रतियोगिता में जनजातीय खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है।
  • ट्रायल में भाग लेने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र आवश्यक है।
  • यह आयोजन बिलासपुर में पहली बार हो रहा है।
  • खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था है।

बिलासपुर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिलासपुर में बुधवार को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के तहत छत्तीसगढ़ की टीम के गठन के लिए खिलाड़ियों का चयन प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया। यह चयन प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से जनजातीय खिलाड़ियों ने भाग लिया।

खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक का उपयोग किया गया, जबकि ट्रायल स्थल पर ऑफलाइन पंजीकरण की भी सुविधा उपलब्ध थी। सभी खिलाड़ियों के पास अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की मूल प्रति थी।

यह आयोजन बिलासपुर में पहली बार किया गया है। राज्य की टीमों के चयन के लिए 6 से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। रायपुर में वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल हो रहे हैं।

बी.आर. यादव स्टेडियम में सुबह 9 बजे से तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल शुरू हुए। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। खिलाड़ियों में इस ट्रायल को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष सुशील मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए टीम का चयन प्रतियोगिता के माध्यम से किया जा रहा है।

तीरंदाजी कोच श्रद्धा सोनवानी ने कहा कि राज्यस्तरीय ट्राइबल तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए ट्रायल आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य जनजातीय प्रतिभाओं को सामने लाना है।

बीजापुर के तीरंदाजी कोच दुर्गेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है और यह जनजातीय बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली चांदनी साहू ने कहा कि यहां एथलेटिक्स और तीरंदाजी के लिए ट्रायल चल रहा है।

सत्यपाल कवाची ने कहा कि वह इस प्रतियोगिता के लिए बहुत उत्साहित हैं और इस आयोजन के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।

हर खेल में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी छत्तीसगढ़ टीम के लिए चुने जाएंगे।

Point of View

यह देखना महत्वपूर्ण है कि खेलों के माध्यम से युवाओं को कैसे आगे बढ़ने का मौका मिलता है। छत्तीसगढ़ में जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें सही मंच प्रदान करना, न केवल खेलों का स्तर बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी बढ़ावा देगा। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल खेल की भावना को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स क्या हैं?
खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है, जिसमें जनजातीय खिलाड़ियों का चयन और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है।
ट्रायल में भाग लेने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
खिलाड़ियों के पास अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की मूल प्रति होना आवश्यक है।
ट्रायल कब और कहां आयोजित किए जा रहे हैं?
ट्रायल 6 से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं।
कौन-कौन से खेलों का चयन किया जा रहा है?
नेशनल ट्राइबल गेम्स में वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी शामिल हैं।
क्या ट्रायल में भाग लेने की कोई आयु सीमा है?
ट्रायल में भाग लेने के लिए पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
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