चमारी अटापट्टू का दर्द: '18 साल बाद भी टीम को सेमीफाइनल नहीं दिला सकी, कप्तान के रूप में फेल हूं'
सारांश
मुख्य बातें
महिला टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने 22 जून को वेस्टइंडीज के खिलाफ टूर्नामेंट की दूसरी हार के बाद खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह एक कप्तान के तौर पर नाकाम रही हैं। ग्रुप बी में लगातार दो हारों के बाद श्रीलंका का सेमीफाइनल में पहुँचना अब लगभग असंभव हो गया है।
मैच का हाल
पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम मात्र 98 रन पर सिमट गई। कोई भी बल्लेबाज कैरेबियाई गेंदबाजों के सामने टिककर नहीं खेल सकी। जवाब में वेस्टइंडीज ने 99 रनों के लक्ष्य को महज 16.1 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन हार को नहीं रोक सकीं।
अटापट्टू का दर्द
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अटापट्टू भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, 'यह दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है कि मैंने नेशनल टीम के लिए लगभग 18 साल खेला, लेकिन मैं कभी भी टीम को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुँचाने में सफल नहीं हो सकी। भले ही निजी तौर पर मैंने बहुत कुछ हासिल किया, लेकिन मुझे लगता है कि एक कप्तान के तौर पर मैं फेल रही हूं।'
अटापट्टू ने आगे कहा, 'मुझे किसी को हार के लिए जिम्मेदार ठहराना रास नहीं आता। कप्तान और सबसे अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते मुझे ज्यादा जिम्मेदारी के साथ खेलना चाहिए था। मुझे लगता है कि मैंने अपना आखिरी मौका भी खो दिया है।'
ग्रुप बी की स्थिति
ग्रुप बी में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज दोनों ने अपने तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज की है और सेमीफाइनल की प्रबल दावेदार बन चुकी हैं। श्रीलंका ने अब तक 3 मैच खेले हैं जिनमें से 2 में हार मिली है। यदि टीम अपने शेष दोनों मैच जीत भी ले, तो उसके पास अधिकतम 6 अंक ही होंगे, जो सेमीफाइनल के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।
आगे क्या
श्रीलंका को अपने बचे हुए दो मुकाबले स्कॉटलैंड और आयरलैंड के खिलाफ खेलने हैं। हालाँकि सेमीफाइनल की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है, टीम इन मैचों में जीत के जरिये अपनी साख बचाने की कोशिश करेगी। अटापट्टू के भविष्य को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं, खासकर उनकी 'आखिरी मौका' वाली टिप्पणी के बाद।