चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स 2026: फिरोजा ने 69 चालों में विश्व चैंपियन गुकेश को हराया, दो अंकों के साथ शीर्ष पर
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरोजा ने चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स 2026 के दूसरे राउंड में मौजूदा विश्व शतरंज चैंपियन डोमराजू गुकेश को 69 चालों में मात देकर टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को वेस्टिन होटल, चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले के बाद फिरोजा 2 अंकों के साथ स्पर्धा में शीर्ष पर काबिज हो गए हैं।
मुख्य मुकाबले का घटनाक्रम
गुकेश और फिरोजा के बीच इस प्रतिष्ठित बाजी की पहली चाल वेस्टिन चेन्नई वेलाचेरी के जनरल मैनेजर दीपराज मुखर्जी ने चली। सफेद मोहरों से खेलते हुए फिरोजा ने रुई लोपेज ओपनिंग का चयन किया। लंबे समय तक बाजी संतुलित बनी रही और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि गुकेश नाइट-पॉन एंडिंग में ड्रॉ बचा लेंगे। परंतु फिरोजा के सटीक पॉन सैक्रिफाइस और बेहतरीन एंडगेम तकनीक ने बाजी का रुख पलट दिया और उन्होंने निर्णायक जीत अपने नाम की।
अन्य राउंड के परिणाम
भारतीय ग्रैंडमास्टर एम. प्रणेश ने पहले दौर की हार के बाद सतर्क रणनीति अपनाते हुए रूस के दिमित्री आंद्रेइकिन के खिलाफ मात्र 18 चालों में बाजी ड्रॉ कराई। इसी तरह, अर्जुन एरिगैसी और उज्बेकिस्तान के नोडिरबेक अब्दुसत्तोरोव के बीच 43 चालों के बाद मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
टूर्नामेंट का सबसे लंबा और रोमांचक मुकाबला भारत के निहाल सरीन और अमेरिका के हैंस नीमन के बीच रहा, जो 132 चालों तक खिंचा और अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों खिलाड़ियों ने असाधारण धैर्य और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट का स्वरूप और पुरस्कार राशि
MGD1 द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित क्लासिकल शतरंज प्रतियोगिता में आठ शीर्ष ग्रैंडमास्टर्स डबल-राउंड रॉबिन प्रारूप में भाग ले रहे हैं। टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि ₹75 लाख है। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों के लिए फीडे सर्किट अंक अर्जित करने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।
फिरोजा का अभियान और खिताबी दावेदारी
गौरतलब है कि पहले राउंड में भी फिरोजा ने भारतीय ग्रैंडमास्टर एम. प्रणेश को 79 चालों के लंबे संघर्ष में हराकर टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया था। लगातार दो जीत के साथ फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अब इस स्पर्धा के सबसे प्रबल खिताबी दावेदार के रूप में उभरे हैं। आने वाले राउंड में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि क्या वे विश्व चैंपियन गुकेश पर इस मनोवैज्ञानिक बढ़त को अंतिम जीत में बदल पाते हैं।