नॉर्वे चेस 2026 राउंड 5: गुकेश ने प्रज्ञानंदा को हराया, दिव्या देशमुख महिला वर्ग में शीर्ष पर
सारांश
मुख्य बातें
विश्व शतरंज चैंपियन डी. गुकेश ने 31 मई 2026 को नॉर्वे चेस के पांचवें राउंड में एक रोमांचक ऑल-इंडियन मुकाबले में प्रज्ञानंदा रमेशबाबू को पराजित किया, जबकि महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने चीन की झू जिनर को हराकर एकल शीर्ष स्थान अपने नाम किया। ओस्लो में खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पांचवें राउंड ने भारतीय शतरंज के लिए यादगार दिन साबित हुआ।
गुकेश बनाम प्रज्ञानंदा: बाजी पलटने वाली जीत
दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला लंबे समय तक कड़ी टक्कर का रहा। प्रज्ञानंदा ने खेल के अधिकांश हिस्से में बढ़त बनाए रखी और जीत के करीब दिखाई दे रहे थे। हालांकि, अंतिम चरण में समय का दबाव बढ़ने के साथ उनकी स्थिति कमज़ोर पड़ गई। गुकेश ने इस निर्णायक मौके का भरपूर फायदा उठाया और बाजी पलटते हुए महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
वेस्ली सो ने कार्लसन को चौंकाया
राउंड की एक और बड़ी उलटफेर में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर सभी को हैरान कर दिया। यह मुकाबला एक लंबी रणनीतिक लड़ाई में बदल गया, लेकिन एंडगेम में सो ने बेहतर खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। वहीं, टूर्नामेंट में बढ़त बनाए हुए अलीरेजा फिरोजा और विंसेंट कीमर के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन बाद के आर्मागेडन में फिरोजा ने जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक हासिल किए और पुरुष वर्ग में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली।
दिव्या देशमुख का शानदार प्रदर्शन
महिला वर्ग में दिन की सबसे अहम जीत भारत की दिव्या देशमुख के नाम रही। उन्होंने चीन की झू जिनर को एक लंबे और संघर्षपूर्ण मुकाबले में पराजित किया। खेल काफी देर तक बराबरी पर रहा, लेकिन समय की कमी वाले चरण में दिव्या ने सटीक चालें चलते हुए निर्णायक जीत हासिल की।
अन्य महिला वर्ग के मुकाबले
अन्ना मुजिचुक और बिबिसारा असाउबायेवा का क्लासिकल खेल ड्रॉ रहा, हालांकि बाद के आर्मागेडन में मुजिचुक ने जीत हासिल कर अतिरिक्त अंक प्राप्त किए। महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन और भारत की हंपी कोनेरू के बीच भी क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, जबकि आर्मागेडन में हंपी ने शानदार जीत दर्ज की।
अंकतालिका और आगे की राह
पांचवें राउंड के बाद दिव्या देशमुख महिला वर्ग में अकेले पहले स्थान पर पहुँच गई हैं। टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में प्रवेश करते हुए उनकी स्थिति बेहद मज़बूत दिखाई दे रही है और भारतीय शतरंज प्रशंसकों की उम्मीदें उनसे खिताब जीतने की बढ़ गई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शतरंज अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।