21 जुलाई 2026
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प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस 2026 जीता, खिताब पाने वाले पहले भारतीय बने; कार्लसन को दो बार हराया

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प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस 2026 जीता, खिताब पाने वाले पहले भारतीय बने; कार्लसन को दो बार हराया

सारांश

छठे राउंड में अंतिम स्थान पर खड़े प्रग्गनानंदा ने लगातार चार जीत दर्ज कर नॉर्वे चेस 2026 का खिताब अपने नाम किया — यह कारनामा 2021 के बाद पहली बार हुआ। कार्लसन को दो बार हराने वाले इस भारतीय ग्रैंडमास्टर ने इतिहास रच दिया।

मुख्य बातें

प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस 2026 जीता — यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने।
अंतिम राउंड में विंसेंट कीमर को 45वीं चाल पर हराकर 18 अंकों के साथ शीर्ष पर रहे।
छठे राउंड के बाद अंतिम (छठे) स्थान से वापसी करते हुए लगातार 4 जीत दर्ज कीं — 2021 के बाद पहली बार।
विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को टूर्नामेंट में दो बार हराया।
वेस्ली सो 17 अंकों के साथ दूसरे, फिरोजा 15.5 और कार्लसन 13 अंकों के साथ क्रमशः तीसरे-चौथे स्थान पर रहे।
मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमाराजू 8 अंकों के साथ अंतिम (छठे) स्थान पर रहे।

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रग्गनानंदा ने 6 जून 2026 को स्टावेंजर, नॉर्वे में आयोजित नॉर्वे चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया — वह यह प्रतिष्ठित सुपर टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। क्लासिकल इवेंट के 10वें और अंतिम राउंड में उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर 18 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। यह वापसी उतनी ही चौंकाने वाली थी जितनी शानदार — छठे राउंड के बाद वह अंक तालिका में अंतिम यानी छठे स्थान पर थे।

ऐतिहासिक वापसी का सफर

छठे राउंड के बाद तालिका में सबसे नीचे खिसकने के बावजूद प्रग्गनानंदा ने हार नहीं मानी। उन्होंने अगले चार मुकाबले लगातार जीते — एक ऐसा कारनामा जो 2021 के बाद पहली बार किसी खिलाड़ी ने इस टूर्नामेंट में किया। इस दौरान उन्होंने विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार पराजित किया और अपने हमवतन, मौजूदा क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को भी अंतिम से पहले के राउंड में शिकस्त दी।

सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रग्गनानंदा ने अंतिम राउंड में कीमर की मध्यखेल की कुछ गलतियों का फायदा उठाया और 45वीं चाल पर जीत दर्ज की। टूर्नामेंट में उनका कुल प्रदर्शन रहा — 5 जीत, 2 हार और 2 ड्रॉ। दोनों ड्रॉ मुकाबलों का फैसला आर्मागेडन गेम में हुआ, जिसमें भी उन्होंने जीत हासिल की।

अंक प्रणाली और अंतिम स्टैंडिंग

इस टूर्नामेंट में विशेष अंक प्रणाली लागू थी — जीत पर 3 अंक, ड्रॉ पर 1-1 अंक, और आर्मागेडन मुकाबला जीतने पर 1 बोनस अंक। अंतिम तालिका इस प्रकार रही:

वेस्ली सो (पूर्व विश्व नंबर 4) रातभर की बढ़त के बावजूद 17 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने अंतिम राउंड में अलीरेजा फिरोजा के साथ ड्रॉ खेला। उनके खाते में 2 जीत और 8 ड्रॉ रहे, जिनमें से 6 आर्मागेडन मुकाबलों में जीत शामिल है।

ईरानी मूल के फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे, जबकि मैग्नस कार्लसन — जो इस टूर्नामेंट में प्रग्गनानंदा से दो बार हारे — 13 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। कार्लसन ने 3 मैच जीते, 4 हारे और 3 ड्रॉ खेले। विंसेंट कीमर 11 अंकों के साथ पाँचवें और गुकेश डोमाराजू 8 अंकों के साथ छठे व अंतिम स्थान पर रहे। गुकेश के खाते में 1 जीत, 5 हार और 4 ड्रॉ रहे।

रैंकिंग गिरावट के बाद उठान

1 जून 2026 को जारी ताज़ा विश्व रैंकिंग में प्रग्गनानंदा 16वें स्थान पर खिसक गए थे। यह टूर्नामेंट उनके लिए एक कठिन परीक्षा थी, जिसे उन्होंने न केवल पास किया बल्कि सर्वोच्च अंक के साथ उत्तीर्ण किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शतरंज विश्व मंच पर लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है — गुकेश पहले से ही क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन हैं।

भारतीय शतरंज के लिए मायने

गौरतलब है कि नॉर्वे चेस दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सुपर टूर्नामेंटों में से एक है और इसे जीतना किसी भी ग्रैंडमास्टर के करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। प्रग्गनानंदा की यह जीत भारतीय शतरंज की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रमाण है। आने वाले महीनों में उनकी विश्व रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय शतरंज के नए युग की पुष्टि है — जहाँ गुकेश और प्रग्गनानंदा एक साथ विश्व के शीर्ष मंचों पर भारत का परचम लहरा रहे हैं। लेकिन जो बात इस जीत को असाधारण बनाती है, वह है इसका समय — जब वे रैंकिंग में 16वें स्थान पर थे और टूर्नामेंट में अंतिम पायदान पर, तब उन्होंने कार्लसन को दो बार हराया। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि यह वापसी तकनीकी कौशल से उतनी नहीं, जितनी मानसिक दृढ़ता से संभव हुई — और यही गुण भविष्य में विश्व खिताब की दौड़ में उन्हें सबसे खतरनाक दावेदार बनाता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस 2026 कैसे जीता?
प्रग्गनानंदा ने 6 जून 2026 को अंतिम राउंड में विंसेंट कीमर को 45वीं चाल पर हराकर 18 अंकों के साथ खिताब जीता। छठे राउंड के बाद अंतिम स्थान पर रहने के बावजूद उन्होंने लगातार चार मुकाबले जीते और शीर्ष पर पहुँचे।
नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय कौन हैं?
आर. प्रग्गनानंदा नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय ग्रैंडमास्टर बने हैं। यह टूर्नामेंट दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सुपर शतरंज आयोजनों में से एक माना जाता है।
नॉर्वे चेस 2026 की अंतिम स्टैंडिंग क्या रही?
प्रग्गनानंदा 18 अंकों के साथ पहले, वेस्ली सो 17 अंकों के साथ दूसरे, अलीरेजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे, मैग्नस कार्लसन 13 अंकों के साथ चौथे, विंसेंट कीमर 11 अंकों के साथ पाँचवें और गुकेश डोमाराजू 8 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहे।
नॉर्वे चेस 2026 में अंक प्रणाली कैसी थी?
इस टूर्नामेंट में जीत पर 3 अंक, ड्रॉ पर दोनों खिलाड़ियों को 1-1 अंक दिए गए। ड्रॉ की स्थिति में खेले गए आर्मागेडन मुकाबले को जीतने वाले को 1 अतिरिक्त बोनस अंक मिलता था।
क्या प्रग्गनानंदा ने मैग्नस कार्लसन को हराया?
हाँ, प्रग्गनानंदा ने इस टूर्नामेंट में विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। कार्लसन अंततः 13 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे।
राष्ट्र प्रेस
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