22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस जीतकर रचा इतिहास, अदाणी ग्रुप के सपोर्ट को बताया सफलता की कुंजी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस जीतकर रचा इतिहास, अदाणी ग्रुप के सपोर्ट को बताया सफलता की कुंजी

सारांश

प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस जीतकर इतिहास रच दिया — कार्लसन को दो बार हराया, गुकेश को भी मात दी। जीत के बाद उन्होंने अदाणी ग्रुप के सपोर्ट को सफलता की बुनियाद बताया और कहा कि कॉर्पोरेट भागीदारी भारतीय खेलों के भविष्य के लिए ज़रूरी है।

मुख्य बातें

प्रज्ञानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बने।
उन्होंने वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को टूर्नामेंट में दो बार हराया।
वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोम्माराजू , अलीरेजा फिरोजा , वेस्ली सो और विंसेंट कीमर को भी पछाड़ा।
अदाणी स्पोर्ट्सलाइन समर्थित 20 वर्षीय प्रज्ञानंद ने लॉजिस्टिकल सहयोग को सफलता का आधार बताया।
गौतम अदाणी ने एक्स पर बधाई देते हुए प्रज्ञानंद को 'उभरते युवा भारत का आत्मविश्वास' कहा।

ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद 20 वर्षीय इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे एक मज़बूत कॉर्पोरेट सपोर्ट सिस्टम की भूमिका अहम होती है, और उन्होंने इस समर्थन के लिए अदाणी ग्रुप का विशेष आभार जताया।

टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन

अदाणी स्पोर्ट्सलाइन द्वारा समर्थित प्रज्ञानंद ने नॉर्वे में विश्व के शीर्षस्थ खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए यह खिताब अपने नाम किया। उन्होंने वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को टूर्नामेंट में दो बार हराया और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोम्माराजू के साथ-साथ अलीरेजा फिरोजा, वेस्ली सो और विंसेंट कीमर जैसे दिग्गजों को भी मात दी। यह जीत भारतीय शतरंज के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है।

अदाणी ग्रुप के सपोर्ट पर प्रज्ञानंद के विचार

प्रज्ञानंद ने बताया कि प्रोफेशनल शतरंज में लॉजिस्टिकल चुनौतियाँ किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए सपोर्ट सिस्टम जरूरी है। मैं आभारी हूं कि मुझे अदाणी ग्रुप से सपोर्ट मिला है। एक चेस खिलाड़ी के लिए, सभी लॉजिस्टिक्स और बाकी चीजों को मैनेज करना निश्चित रूप से एक चुनौती होती है, और यहीं पर अदाणी ग्रुप का सपोर्ट मेरी मदद कर रहा है।"

ग्रैंडमास्टर ने स्पष्ट किया कि यह सहयोग केवल वित्तीय प्रायोजन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि जब से वे मुझे सपोर्ट कर रहे हैं, कोई भी समस्या आने पर वे हमेशा मेरी मदद और सपोर्ट के लिए मौजूद रहते हैं। मुझे खुशी है कि नई कॉर्पोरेट कंपनियां खेल में आ रही हैं और खिलाड़ियों को सपोर्ट कर रही हैं।"

गौतम अदाणी की बधाई

इससे पहले शनिवार को अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रज्ञानंद को बधाई देते हुए लिखा, "प्रज्ञानंद को नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई। यह शतरंज की दुनिया में धैर्य, बुद्धि और स्वभाव की सबसे बड़ी परीक्षा है। शतरंज के सबसे बड़े मंचों में से एक पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसे और भी खास बनाता है वह जज्बा, जिसके साथ वह खेलते हैं। वह एक भारतीय की तरह निडर हैं और पूरी तरह लक्ष्य पर केंद्रित रहते हैं। आप उभरते हुए युवा भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। पूरे देश को आप पर गर्व है।"

भारतीय शतरंज के लिए क्या मायने रखती है यह जीत

यह ऐसे समय में आई है जब भारतीय शतरंज वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। गौरतलब है कि गुकेश डोम्माराजू पहले से ही वर्ल्ड चैंपियन हैं, और अब प्रज्ञानंद की यह जीत यह साबित करती है कि भारत के पास एक से अधिक विश्वस्तरीय शतरंज प्रतिभाएँ हैं। कॉर्पोरेट सपोर्ट की बढ़ती भागीदारी इस उभार को और गति दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली सवाल यह है कि क्या भारत में शतरंज के लिए संस्थागत ढाँचा — सरकारी अकादमियाँ, राज्य स्तरीय समर्थन — उस गति से विकसित हो रहा है जिसकी प्रतिभाएँ माँग कर रही हैं। गुकेश और प्रज्ञानंद जैसी दो विश्वस्तरीय प्रतिभाओं का एक साथ उभरना संयोग नहीं, बल्कि एक प्रणाली की झलक है — लेकिन यह प्रणाली अभी भी कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट दांवों पर टिकी है, न कि व्यापक नीतिगत निवेश पर।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट कब जीता?
आर. प्रज्ञानंद ने 6 जून 2025 के आसपास नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतकर यह उपलब्धि हासिल की और इस खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया।
प्रज्ञानंद को अदाणी ग्रुप से किस तरह का सपोर्ट मिलता है?
प्रज्ञानंद को अदाणी स्पोर्ट्सलाइन से सपोर्ट मिलता है, जो लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावहारिक चुनौतियों को मैनेज करने में मदद करती है। प्रज्ञानंद के अनुसार यह सहयोग केवल वित्तीय प्रायोजन तक सीमित नहीं, बल्कि मुश्किल समय में भरोसे का स्रोत भी है।
नॉर्वे चेस में प्रज्ञानंद ने किन-किन खिलाड़ियों को हराया?
प्रज्ञानंद ने इस टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन को दो बार, वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोम्माराजू, अलीरेजा फिरोजा, वेस्ली सो और विंसेंट कीमर को हराया। यह जीत उन्हें विश्व के शीर्षस्थ खिलाड़ियों की श्रेणी में स्थापित करती है।
गौतम अदाणी ने प्रज्ञानंद की जीत पर क्या कहा?
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक्स पर प्रज्ञानंद को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को धैर्य, बुद्धि और स्वभाव की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। उन्होंने प्रज्ञानंद को 'उभरते युवा भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक' कहा।
नॉर्वे चेस जीतना भारतीय शतरंज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
नॉर्वे चेस दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में से एक है, जिसमें विश्व के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेते हैं। पहले भारतीय के रूप में यह खिताब जीतना — खासकर जब गुकेश पहले से वर्ल्ड चैंपियन हैं — यह दर्शाता है कि भारत शतरंज की वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले