प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस में कार्लसन को दूसरी बार हराया, आनंद महिंद्रा बोले- 'अभेद्य' लेबल लगने लगा
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट के राउंड 8 में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को काले मोहरों से मात देकर इसी टूर्नामेंट में दूसरी बार उन्हें हराने का कारनामा कर दिखाया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक्स पर युवा भारतीय खिलाड़ी की खुलकर तारीफ की और कहा कि अब उन पर ‘अभेद्य’ का लेबल लगने लगा है।
महिंद्रा की प्रतिक्रिया
एक्स पर लिखी पोस्ट में आनंद महिंद्रा ने कहा, “‘अभेद्य’ का लेबल अब लगने लगा है और मैग्नस ने कोई फ्रस्ट्रेशन नहीं दिखाई। मुझे उम्मीद है कि इसका मतलब है कि वह प्रज्ञानंद के साथ ऐसे नतीजों की ज्यादा उम्मीद करने लगे हैं।” महिंद्रा की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गई और चेस प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी।
दोहरी जीत का महत्व
प्रज्ञानंद ने इस टूर्नामेंट में पहले सफेद मोहरों से कार्लसन को हराया था, और अब काले मोहरों से जीतकर एक ही टूर्नामेंट में दो बार पाँच बार के वर्ल्ड चैंपियन को परास्त किया। इस उपलब्धि के साथ वे महान विश्वनाथन आनंद के बाद ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। यह कार्लसन के विरुद्ध उनके करियर की तीसरी क्लासिकल-फॉर्मेट जीत भी रही।
निर्णायक पल और तकनीकी संतुलन
रिपोर्टों के अनुसार, खेल अंतिम चरण तक संतुलित बना हुआ था, लेकिन कार्लसन समय के दबाव में फँस गए। प्रज्ञानंद ने इस मौके को भुनाते हुए शांत संयम और रणनीतिक विविधता का परिचय दिया। यह जीत दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार पनप रही प्रतिद्वंद्विता में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
स्टैंडिंग्स पर असर
इस जीत ने प्रज्ञानंद को 12 अंक दिलाए, जिससे वे टूर्नामेंट के अंतिम चरण में खिताबी दौड़ में मज़बूती से बने हुए हैं। राउंड 8 के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि अलीरेज़ा फ़िरौज़ा 13 अंकों के साथ दूसरे और प्रज्ञानंद तीसरे स्थान पर हैं।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन
वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमराजू को अलीरेज़ा फ़िरौज़ा के हाथों, जबकि दिव्या देशमुख को बिबिसारा असौबायेवा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों ने भारतीय शिविर में अंतिम राउंड को लेकर रणनीतिक चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। आने वाले दौर में प्रज्ञानंद का प्रदर्शन यह तय करेगा कि वे खिताब के और कितने करीब पहुँचते हैं।