प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस 2025 जीता, पहले भारतीय बने; गौतम अदाणी ने कहा — 'पूरे देश को गर्व है'
सारांश
मुख्य बातें
आर. प्रग्गनानंदा ने 6 जून 2025 को नॉर्वे चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम करके इतिहास रच दिया — वे यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। 20 वर्षीय इस भारतीय ग्रैंडमास्टर ने 5 जीत, 2 हार और 2 ड्रॉ के साथ कुल 18 अंक अर्जित कर यह खिताब जीता। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट करते हुए कहा कि 'पूरे देश को आप पर गर्व है।'
खिताबी जीत का निर्णायक क्षण
शुक्रवार को क्लासिकल इवेंट के 10वें और अंतिम राउंड में प्रग्गनानंदा ने जर्मनी के विंसेंट कीमर के विरुद्ध सफेद मोहरों से खेलते हुए 45वीं चाल पर जीत दर्ज की। कीमर की गलतियों का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने यह मुकाबला अपने पक्ष में किया। दोनों ड्रॉ मुकाबलों का फैसला आर्मागेडन गेम में हुआ, जिसमें भी प्रग्गनानंदा विजयी रहे।
छठे दौर के बाद अविश्वसनीय वापसी
गौरतलब है कि छठे दौर के बाद प्रग्गनानंदा अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर थे। इसके बाद उन्होंने लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतकर शानदार वापसी की — यह उपलब्धि 2021 के बाद नॉर्वे चेस में केवल दूसरी बार हासिल हुई। इससे पहले यह कारनामा विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने किया था।
कार्लसन और गुकेश को भी हराया
इस दौरान प्रग्गनानंदा ने विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन को टूर्नामेंट में दूसरी बार पराजित किया — जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। साथ ही उन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश के खिलाफ भी महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शतरंज वैश्विक मंच पर अभूतपूर्व ऊँचाइयाँ छू रहा है।
गौतम अदाणी की बधाई
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक्स पर लिखा, 'प्रग्गनानंदा को नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई। यह शतरंज की दुनिया में धैर्य, बुद्धि और स्वभाव की सबसे बड़ी परीक्षा है। शतरंज के सबसे बड़े मंचों में से एक पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि है। लेकिन इसे और भी खास बनाता है वह जज्बा, जिसके साथ प्रग्गनानंदा खेलते हैं। वह एक भारतीय की तरह निडर हैं और पूरी तरह लक्ष्य पर केंद्रित रहते हैं। प्रग्गनानंदा, आप उभरते हुए युवा भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। पूरे देश को आप पर गर्व है।'
आगे क्या
इस जीत के साथ प्रग्गनानंदा विश्व शतरंज रैंकिंग में और ऊपर चढ़ने की स्थिति में हैं। भारतीय शतरंज संघ और प्रशंसकों की नज़रें अब उनके आगामी टूर्नामेंट कार्यक्रम पर टिकी हैं, जहाँ वे इस गति को बनाए रखने की कोशिश करेंगे।