रणजी ट्रॉफी: चिन्मय सुतार ने 517 गेंदों में ठोके नाबाद 400 रन, फर्स्ट-क्लास में ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय बने
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के बाएं हाथ के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने 19 अक्टूबर 2026 को सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मैच में नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों में 7 छक्के और 46 चौकों की मदद से नाबाद 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया। करियर का महज दूसरा फर्स्ट-क्लास मैच खेलते हुए सुतार फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की एक पारी में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बन गए।
ऐतिहासिक पारी का घटनाक्रम
सुतार टी-ब्रेक तक 392 रन पर खेल रहे थे और उन्होंने 155वें ओवर में अपना 400वाँ रन पूरा किया। इसके तुरंत बाद मिजोरम ने 581/9 के स्कोर पर अपनी पारी घोषित कर दी। मैच के दूसरे दिन की समाप्ति तक नागालैंड ने 1 विकेट खोकर 50 रन बना लिए थे।
अंतिम जोड़ी की अटूट साझेदारी
मिजोरम का स्कोर 392 रन पर 9 विकेट था, तब लालरेमपुइया छकछुआक सुतार के साथ क्रीज पर आए। दोनों ने 10वें विकेट के लिए 189 रनों की अटूट साझेदारी कर नागालैंड की पकड़ को ढीला कर दिया। गौरतलब है कि यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में अंतिम विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है — 1991-92 में मुंबई के खिलाफ दिल्ली के लिए अजय शर्मा और मनिंदर सिंह द्वारा बनाई गई 233 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी से यह महज 43 रन कम है।
रणजी ट्रॉफी और फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड में स्थान
सुतार ने पृथ्वी शॉ के 379 रन के स्कोर को पीछे छोड़ते हुए रणजी ट्रॉफी का दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज किया। इस सूची में उनसे आगे भाऊसाहेब निंबाल्कर हैं, जिन्होंने 1948-49 में पुणे में काठियावाड़ के खिलाफ महाराष्ट्र की ओर से नाबाद 443 रन बनाए थे।
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में सुतार 10वें स्थान पर आ गए हैं। इस एलीट सूची में ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन जैसे महान बल्लेबाज भी शामिल हैं। लारा ने जून 1994 में वारविकशायर की ओर से डरहम के खिलाफ 427 गेंदों में नाबाद 501 रन जड़े थे, और अप्रैल 2004 में इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट में नाबाद 400 रन की पारी खेली थी।
सुतार की पृष्ठभूमि
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिलने के बाद सुतार ने पिछले हफ्ते मणिपुर के खिलाफ मिजोरम के लिए अपना रणजी डेब्यू किया था। मुंबई की स्थानीय लीग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पिछले सीजन में विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए भी खेला था। यह उनका करियर का महज दूसरा फर्स्ट-क्लास मैच था, जो इस पारी की असाधारणता को और भी रेखांकित करता है।
क्या होगा आगे
मिजोरम की पारी घोषित होने के बाद नागालैंड के सामने बड़ा लक्ष्य है। सुतार की यह पारी न केवल मिजोरम क्रिकेट को राष्ट्रीय सुर्खियों में लाती है, बल्कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में भी उनका नाम स्थापित कर सकती है। रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में उभरने वाली ऐसी प्रतिभाएँ भारतीय क्रिकेट के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र की ताकत का प्रमाण हैं।