CWG 2026: नामीबिया ने टाई-ब्रेक में भारतीय महिला लॉन बॉल्स जोड़ी को 3-0 से हराया, नॉकआउट की उम्मीद बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के महिला पेयर्स लॉन बॉल्स मुकाबले में भारत की रूपा रानी टिर्की और पिंकी सिंह को 26 जुलाई को ग्लासगो में अपनी पहली पराजय झेलनी पड़ी। ग्रुप बी के इस रोमांचक मुकाबले में नामीबिया की अमांडा स्टीनकम्प और डायना विल्जोएन ने भारतीय जोड़ी को निर्णायक टाई-ब्रेक में 3-0 से मात दी। हालाँकि, ग्रुप के दूसरे परिणाम के चलते भारत की नॉकआउट चरण में पहुँचने की दावेदारी अभी जीवित है।
मैच का घटनाक्रम
भारत ने मुकाबले की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की। पहले एंड में 2 अंक और दूसरे एंड में 3 अंक जोड़कर टीम ने 5-0 की मज़बूत बढ़त बना ली। रूपा रानी टिर्की ने अपनी गेंदें लगातार जैक (किटी) के निकट रखीं, जबकि पिंकी सिंह ने रणनीतिक रूप से अपनी अंतिम गेंद जैक के पीछे रखकर नामीबिया के लिए स्कोरिंग कठिन बना दी।
तीसरे एंड में नामीबिया ने वापसी की — अमांडा और डायना ने 2 अंक लेकर स्कोर 5-2 किया। चौथे एंड में भी नामीबिया ने 2 और अंक जोड़े और अंतर घटाकर 5-4 कर लिया। पाँचवें एंड में पासा पूरी तरह पलट गया — अमांडा की पहली गेंद जैक के बिल्कुल पास रुकी और नामीबिया ने लगातार 3 अंक हासिल कर पहला सेट 7-5 से अपने नाम किया।
भारत की शानदार वापसी, दूसरा सेट 10-1 से जीता
पहला सेट गँवाने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे सेट में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। रूपा की शुरुआती दो गेंदें और पिंकी का सटीक खेल भारत को 4-0 की बढ़त दिला गया, जो बाद में 7-0 तक पहुँची। नामीबिया एक राउंड में केवल 1 अंक ही जोड़ पाई, और भारत ने दूसरा सेट 10-1 से जीतकर मुकाबले को टाई-ब्रेक तक खींच लिया।
निर्णायक टाई-ब्रेक में चूकी भारतीय जोड़ी
टाई-ब्रेक कड़े संघर्ष का गवाह बना। भारत को मुकाबले में बने रहने के लिए एक सटीक अंतिम गेंद की दरकार थी, लेकिन पिंकी सिंह की आखिरी कोशिश लक्ष्य से आगे निकल गई। इसका फ़ायदा उठाते हुए नामीबिया ने टाई-ब्रेक 3-0 से जीत लिया और भारत का टूर्नामेंट में लगातार जीत का क्रम भी टूट गया।
ग्रुप बी की स्थिति और आगे की राह
इस हार के बावजूद भारत के लिए राहत की खबर यह रही कि ग्रुप बी के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड को भी साउथ अफ्रीका के हाथों टाई-ब्रेक में हार झेलनी पड़ी। इस समीकरण ने भारत की नॉकआउट उम्मीदें जीवित रखी हैं। अब ग्रुप बी में भारत बनाम इंग्लैंड का अंतिम मुकाबला निर्णायक होगा — जो टीम जीतेगी, वही नॉकआउट चरण में प्रवेश करेगी। भारतीय जोड़ी के सामने यह 'करो या मरो' की परीक्षा होगी।