CWG 2026: पिंकी सिंह और रूपा रानी टिर्की ने टाई-ब्रेक में माल्टा को हराकर भारत को दिलाई जीत
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले दिन 23 जुलाई को ग्लासगो में बॉल्स इवेंट के ग्रुप स्टेज में भारत की महिला पेयर्स जोड़ी — पिंकी सिंह और रूपा रानी टिर्की — ने माल्टा की रेबेका लुईस रिक्सन और कोनी-ली रिक्सन बहनों को रोमांचक टाई-ब्रेक मुकाबले में मात देकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह मुकाबला कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार आधिकारिक रूप से 'बॉल्स' नाम से खेले जा रहे नए इनडोर फॉर्मेट में हुआ।
पहले सेट में भारत का दबदबा
भारतीय जोड़ी ने पहले 'एंड' से ही खेल पर पकड़ बना ली। पिंकी सिंह के सटीक थ्रो ने भारत को शुरुआती 2-0 की बढ़त दिलाई। रिक्सन बहनों ने अगले 'एंड' में वापसी कर अंतर 2-1 किया, लेकिन पिंकी ने तीसरे 'एंड' में एक ऐसी 'बॉल' फेंकी जो 'जैक' के सबसे करीब रही — जिससे भारत की बढ़त और मजबूत हो गई।
इसके बाद भारतीय जोड़ी ने दो 'बॉल्स' को 'जैक' के करीब पहुँचाते हुए स्कोर 5-1 कर दिया। पहले सेट के निर्णायक 'एंड' में रूपा रानी टिर्की ने दो बेहतरीन 'बॉल्स' फेंकीं, जबकि माल्टा की आक्रामक 'ड्राइव' उल्टी पड़ गई और उनकी अपनी स्कोरिंग 'बॉल्स' ही हट गईं। भारत ने इसका फायदा उठाते हुए पहला सेट 7-1 के बड़े अंतर से जीत लिया।
दूसरे सेट में माल्टा की जोरदार वापसी
दूसरा सेट बिल्कुल अलग रंग लेकर आया। पिंकी की सटीक आखिरी 'बॉल' ने 'जैक' को भारत के पक्ष में कर 2-0 की बढ़त दिलाई, लेकिन माल्टा ने तुरंत पलटवार किया। कोनी-ली रिक्सन ने शानदार आखिरी थ्रो से 'जैक' की स्थिति बदली और अपनी टीम को दो अंक दिलाकर मुकाबला बराबर कर दिया।
इसके बाद दोनों टीमों ने बारी-बारी से अहम 'एंड्स' जीते। पिंकी ने दबाव में 'मेजरमेंट कॉल' जीतकर भारत को एक बार फिर आगे किया, लेकिन रेबेका लुईस रिक्सन ने अंतिम से पहले वाले राउंड में शानदार खेल दिखाया। अंततः दूसरा सेट बराबरी पर समाप्त हुआ और मैच टाई-ब्रेक तक जा पहुँचा।
टाई-ब्रेक में पिंकी का करिश्मा
सडन-डेथ शूटआउट की शुरुआत में माल्टा का पलड़ा भारी था — उन्होंने भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से भी दो 'बॉल्स' 'जैक' के ज्यादा करीब पहुँचा दी थीं। रूपा ने अपनी आखिरी थ्रो से भारत की स्थिति बेहतर की, जिससे निर्णायक जिम्मेदारी पिंकी पर आ गई।
पिंकी की पहली कोशिश से अंतर कम हुआ पर स्कोर नहीं बदला। दूसरी कोशिश में 'बॉल' 'जैक' के बेहद करीब जाकर रुकी। अंत में पिंकी ने कमाल का संयम और कौशल दिखाते हुए आखिरी थ्रो से टाई-ब्रेक भारत के पक्ष में कर दिया और यादगार जीत सुनिश्चित की।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार 'बॉल्स' को आधिकारिक इनडोर फॉर्मेट के रूप में शामिल किया गया है। ग्लासगो में खेले जा रहे इस नए फॉर्मेट में भारत की यह पहली जीत आगे के मुकाबलों के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है। भारतीय जोड़ी का अगला मुकाबला ग्रुप स्टेज में आने वाले दिनों में होगा।