डीडीसीए का बड़ा फैसला: महिला लीग में पुरुषों के बराबर पुरस्कार राशि, अंपायरों की फीस 30% बढ़ी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली और डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) ने 25 मई 2025 को हुई अपनी एपेक्स काउंसिल की बैठक में महिला क्रिकेट में समान पुरस्कार राशि लागू करने, कॉम्प्लिमेंट्री पास संस्कृति को समाप्त करने और मैच अधिकारियों के मेहनताने में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी समेत कई ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधारों को मंजूरी दी। डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को दिल्ली क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और लैंगिक समानता की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
महिला लीग में समान पुरस्कार राशि
लिंग समानता की दिशा में एक अहम पहल करते हुए एपेक्स काउंसिल ने डीडीसीए महिला लीग की पुरस्कार राशि को पुरुषों की लीग के बराबर कर दिया है। डीडीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "महिला लीग के लिए दी जाने वाली प्राइज मनी अब उतनी ही होगी जितनी पुरुषों की लीग के लिए दी जाती है।" यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला क्रिकेट को बराबरी का दर्जा दिलाने की माँग लगातार तेज हो रही है।
कॉम्प्लिमेंट्री पास कल्चर पर पूर्ण विराम
बैठक में लिए गए सबसे चर्चित फैसलों में से एक था — कॉम्प्लिमेंट्री पास की पुरानी परंपरा को पूरी तरह समाप्त करना। यह प्रस्ताव स्वयं रोहन जेटली ने रखा, जिसे अधिकांश सदस्यों ने स्वीकार कर लिया। अधिकारी ने स्पष्ट किया, "आईपीएल में पास देने से कोई आर्थिक नुकसान नहीं होता क्योंकि यह एक फ्रेंचाइजी इवेंट है, लेकिन अगर उन पासों को बेचा जाए तो इससे आर्थिक फायदा हो सकता है। हमारे द्विपक्षीय मैचों में, अगर हम पास स्वीकार नहीं करते हैं, तो हम लगभग ₹1 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व अर्जित कर सकते हैं, खासकर हाई-प्रोफाइल मैचों में।"
इस बदलाव के बावजूद, डीडीसीए के प्रत्येक सदस्य को दो टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्रशंसकों की भागीदारी सुनिश्चित रहे। आईपीएल के दौरान भी फ्रेंचाइजी से कॉम्प्लिमेंट्री पास नहीं लिए जाएंगे।
अंपायरों और स्कोररों को राहत
एपेक्स काउंसिल ने इस सीजन से अंपायरों और स्कोररों की प्रति मैच फीस में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। साथ ही, हर वर्ष 10 प्रतिशत के वार्षिक इंक्रीमेंट का प्रावधान भी किया गया है। अधिकारी ने बताया, "अंपायर और स्कोरर चिलचिलाती गर्मी में मैदान पर खड़े रहते हैं — ये एसोसिएशन के सच्चे सिपाही हैं।" यह कदम मैच अधिकारियों के दीर्घकालिक असंतोष को दूर करने की दिशा में उठाया गया है।
युवा खिलाड़ियों और बुनियादी ढाँचे पर ध्यान
युवा क्रिकेटरों पर यात्रा का बोझ कम करने के लिए, लीग मैच जहाँ तक संभव हो मध्य दिल्ली के मैदानों पर आयोजित किए जाएंगे। डीडीसीए जामिया मिल्लिया इस्लामिया और हमदर्द जसोला जैसे वेन्यू को दीर्घकालिक लीज पर लेने के लिए नीलामी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेगा। इसके अलावा, सभी आयु वर्गों और प्रारूपों में डीडीसीए की टीमों में खिलाड़ियों की संख्या 16 तय कर दी गई है।
बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर, एसोसिएशन की नई इमारत परियोजना में 30 आवासीय कमरे, इनडोर अभ्यास पिच, स्विमिंग पूल और मल्टी-क्यूजीन रेस्तरां शामिल होंगे। दर्शकों की सुविधा के लिए स्टेडियमों में कैनोपी और अतिरिक्त बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के गठन और चयनकर्ताओं व कोचों की समय पर नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।
आगे क्या
बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम के प्रस्ताव पर व्यवहार्यता की जाँच जारी है। दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) में भागीदारी का विस्तार करने की योजना भी अनुमोदित की गई है, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच मिल सके। इन सुधारों के साथ डीडीसीए एक नए प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत करने की ओर अग्रसर है।