क्या विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पड्डिकल का रनों का अंबार बनाना जारी रहेगा?
सारांश
Key Takeaways
- देवदत्त पड्डिकल की फॉर्म प्रशंसा का विषय है।
- खेल की समझ से प्रदर्शन में सुधार होता है।
- निरंतरता बनाना महत्वपूर्ण है।
- अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग से अनुभव मिलता है।
- भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के बल्लेबाज देवदत्त पड्डिकल शानदार फॉर्म में हैं। इस सीजन के 7 मैचों में पड्डिकल ने 600 से अधिक रन बनाए हैं। लगातार बड़े स्कोर बनाने की उनकी निरंतरता ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया है। पड्डिकल ने अपनी बेहतरीन फॉर्म पर कहा है कि अपनी क्रिकेट को समझना बहुत आवश्यक है। इससे चीजें सरल हो जाती हैं।
देवदत्त पड्डिकल ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में कहा, "जब आप विभिन्न पोजीशन पर बैटिंग करना शुरू करते हैं, तो आप अपने गेम के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। मुझे लगता है कि क्रिकेट में, अपने गेम को अंदर से बाहर तक समझना जरूरी है, तभी आप अपना बेस्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। अलग-अलग पोजीशन पर बैटिंग करने से मुझे यह समझने में मदद मिली है कि गेम के विभिन्न फेज में मुझे किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है, और इससे मुझे अपनी इनिंग्स को बेहतर बनाने में मदद मिली है।"
उन्होंने कहा कि हर मैच में एक ही तरीके से खेलना आसान है, लेकिन बड़े स्कोर नहीं बना पाते। यह आवश्यक था कि मैं खुद को ढालूं और इसमें निरंतरता लाऊं। जब आप रन बना रहे होते हैं, तो यह मानना आसान होता है कि गेम खेलने का सिर्फ एक ही तरीका है। अक्सर यहीं पर आप एक समय के बाद फॉर्म खो देते हैं। अगर आप निरंतरता के साथ बड़े रन बनाना चाहते हैं, तो गेम को समझना और जितनी जल्दी हो सके एडजस्ट करना आवश्यक है। इसके लिए तकनीक से ज्यादा मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी है।
देवदत्त पड्डिकल ने विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की तरफ से 7 मैचों में 4 शतक और 1 अर्धशतक की मदद से 640 रन बनाए हैं। यह तीसरा मौका है, जब विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 600 या उससे अधिक रन बनाए हैं। ऐसा करने वाले वह एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के बल्लेबाज देवदत्त पड्डिकल बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। सीजन के 7 मैचों में पड्डिकल 600 से अधिक रन बना चुके हैं। लिस्ट ए क्रिकेट में बेहतरीन रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें अब तक भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से वनडे में डेब्यू का इंतजार है। लिस्ट ए के 40 मैचों में 13 शतक और इतने ही अर्धशतक की मदद से वह 2,711 रन बना चुके हैं।