विंबलडन 2026: जोकोविच के 25वें ग्रैंड स्लैम जुनून से हैरान विजय अमृतराज
सारांश
मुख्य बातें
विंबलडन 2026 का आगाज़ 29 जून से होने जा रहा है और इस बार टूर्नामेंट की सबसे बड़ी कहानी नोवाक जोकोविच के 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की दावेदारी है। भारतीय टेनिस के दिग्गज और पूर्व विंबलडन क्वार्टर-फाइनलिस्ट विजय अमृतराज का कहना है कि जोकोविच को सबसे अलग बनाती है उनकी वह अदम्य भूख, जो इतने सारे रिकॉर्ड और खिताब जीतने के बाद भी जरा भी कम नहीं हुई है।
जोकोविच का जुनून: रिकॉर्ड से परे
जियोस्टार मीडिया डे के दौरान अमृतराज ने कहा, 'इतना कुछ जीतने के बाद भी इस खिलाड़ी को हर चीज़ हासिल करने के लिए क्या चीज़ प्रेरित करती है? उन्होंने इतिहास में किसी भी अन्य बड़े टूर्नामेंट के मुकाबले सबसे ज़्यादा सिंगल्स खिताब जीते हैं। कोई भी उनका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा, खासकर मेरे जीवनकाल में तो बिल्कुल नहीं। इसलिए मुझे लगता है कि वह 25वें खिताब के लिए सिर्फ अपने जुनून और कड़ी मेहनत करने की इच्छा की वजह से आगे बढ़ रहे हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब सर्बियाई खिलाड़ी की उम्र और चोटों को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, फिर भी उनकी प्रतिस्पर्धी क्षमता पर संदेह करना मुश्किल है।
सिनर की मज़बूती पर अमृतराज का भरोसा
पेरिस में हालिया निराशा के बावजूद, अमृतराज ने वर्ल्ड नंबर 1 यानिक सिनर के दमदार बने रहने पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, 'पेरिस में उनके साथ असल में क्या हुआ था — बहुत ज़्यादा गर्मी थी, लेकिन अंत में, पाँच सेट हारने के बावजूद जिस तरह से उन्होंने वापसी की, ऐसा उनके साथ ऑस्ट्रेलिया में भी हुआ था जब वे जोकोविच के खिलाफ खेल रहे थे और बाद में मियामी में इंडियन वेल्स जीता था। इसलिए वह लंबे समय तक टिके रहने वाले खिलाड़ी हैं, इसमें कोई शक नहीं।' गौरतलब है कि सिनर ने हाल के सीज़न में बार-बार विपरीत परिस्थितियों से उबरकर अपनी मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया है।
अल्काराज और ज्वेरेव: पुरुष ड्रॉ खुला मैदान
अमृतराज के अनुसार पुरुषों का ड्रॉ अभी भी पूरी तरह खुला हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि कार्लोस अल्काराज फिर से मुकाबले में लौटेंगे। साथ ही, हाल ही में फ्रेंच ओपन चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव पर भी उनकी नज़र है। अमृतराज ने कहा, 'ज्वेरेव जैसे नए और आत्मविश्वास से भरे खिलाड़ी भी होंगे, जिन्होंने फ्रेंच ओपन जीता है। ऐसा खिलाड़ी आज खुद सोचेगा, देखो, मुझ पर से बोझ हट गया है। मैंने अपना पहला बड़ा खिताब जीत लिया है, अब मैं आगे बढ़ूंगा। मुझे लगता है कि मैं विंबलडन भी जीत सकता हूँ।'
विंबलडन: टेनिस से कहीं बड़ा आयोजन
कोर्ट पर होने वाली प्रतिद्वंद्विता से परे, पद्म भूषण से सम्मानित अमृतराज ने विंबलडन को दुनिया के खेलों में एक अनूठा स्थान दिया। उन्होंने इसे एक ऐसा आयोजन बताया जो टेनिस से कहीं आगे जाता है और जिसका आकर्षण किसी भी खिलाड़ी की परवाह किए बिना अटूट बना रहता है। ऑल इंग्लैंड क्लब की घास पर इस बार जोकोविच, सिनर, अल्काराज और ज्वेरेव के बीच की टक्कर टेनिस प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक मुकाबले का वादा करती है।